भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: महापौर और कमिश्नर पर उठे सवाल

भोपाल में स्लॉटर हाउस से जुड़े गोमांस विवाद में राजनीति अब गरमा गई है। महापौर और कमिश्नर पर एफआईआर और कार्रवाई न करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • महापौर और कमिश्नर पर सवाल उठाते हुए निगम परिषद अध्यक्ष सूर्यवंशी ने गोमांस मुद्दे पर तीखा हमला किया।
  • नगर निगम असलम के खिलाफ FIR क्यों नहीं कर रहा, यह सवाल परिषद अध्यक्ष ने उठाया।
  • महापौर ने कहा कि स्लॉटर हाउस का संचालन पीपीपी मोड पर हुआ इसमें निगम का बजट खर्च नहीं हुआ।
  • कांग्रेस, महापौर पर आरोप लगा रही है। 
  • स्लॉटर हाउस में रोहिंग्या लोगों के काम करने का आरोप था, जिसे डीसीपी ने गलत बताया था।

News In Detail

भोपाल: स्लॉटर हाउस से बाहर निकलने वाले मीट में गोमांस के मुद्दे ने राजधानी की राजनीति में हलचल मचा दी है। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में, अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने तीखे तेवरों में महापौर मालती राय और निगमायुक्त संस्कृति जैन दोनों को निशाने पर लिया है। उनके सवाल थे कि महापौर और कमिश्नर स्लॉटर हाउस के संचालन की अनुमति का प्रस्ताव परिषद में क्यों नहीं लाए गए?

महापौर और कमिश्नर पर उठे सवाल

सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि नगर निगम असलम के खिलाफ FIR क्यों नहीं कर रहा है, जबकि अब तक इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। महापौर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि स्लॉटर हाउस का टेंडर और वर्क ऑर्डर प्रशासक के कार्यकाल में हुआ था, और इसे पीपीपी मोड पर चलाया जा रहा है, जिसमें निगम का कोई बजट खर्च नहीं हुआ है। इसलिए इसे परिषद में लाने की जरूरत नहीं थी।

सूर्यवंशी ने आगे कहा कि पहले के परिषद कार्यकाल में स्लॉटर हाउस का मुद्दा हमेशा परिषद में आता था, तो अब महापौर इसे क्यों नहीं लातीं? उन्होंने ये भी कहा कि अब तक इस मामले में जो भी कार्रवाई हुई है, वह या तो हिंदू संगठनों ने की है, या फिर पुलिस ने।

महापौर ने ये कहा...

इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि स्लॉटर हाउस में नगर निगम का पैसा नहीं लगा है। इसलिए इस मामले में परिषद से अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि निगम प्रशासन की तरफ से पुलिस को पत्र लिखा गया है, और अगर कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो निगम असलम के खिलाफ FIR कराएगा।

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नगर निगम कमिश्नर ने क्या कहा-

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने इस मामले पर कहा कि, नगर निगम की तरफ से नियमानुसार हर संभव कार्रवाई की जा रही है। वहीं, महापौर ने बताया कि असलम ने यह बयान अक्टूबर 2022 में दिया था, और स्लॉटर हाउस असलम को 7 नवंबर 2025 को सौंपा गया था।

महापौर को हटाने की मांग

अब, कांग्रेस महापौर मालती राय को हटाने के लिए संभागायुक्त को पत्र सौंपने की योजना बना रही है। पार्षद गुड्डू चौहान ने महापौर पर आरोप लगाया है। गुड्डू चौहान का कहना है कि उन्होंने परिषद को सूचित किए बिना बेशकीमती जमीन एक निजी व्यक्ति को दी। साथ ही गोमांस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो नगर निगम अधिनियम के तहत कुप्रबंधन है।

स्लॉटर हाउस में रोहिंग्या मुद्दा क्या है?

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने पिछले साल जून में शिकायत की थी कि स्लॉटर हाउस में रोहिंग्या (म्यांमार के रखाइन प्रांत में रहने वाला एक मुस्लिम अल्पसंख्यक जातीय समूह है) लोग काम कर रहे हैं।

तब के डीसीपी जोन-1 आईपीएस आशुतोष गुप्ता ने 24 अक्टूबर को रिपोर्ट जारी कर इसे गलत बताया था। आशुतोष गुप्ता, निगमायुक्त के पति हैं, और सूर्यवंशी का आरोप है कि इस कारण से कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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