जौरा की ‘भाजपा नेत्री’ निकली हनी ट्रैप गैंग की मास्टरमाइंड, कई कारोबारी बने शिकार; FIR के बाद फरार
Pawan Modiya | May 13, 2026, 22:25 IST
Pawan Modiya
जौरा की सोनम कुशवाह ने भाजपा कार्यकर्ता की छवि बनाई और दर्जनों लोगों को हनी ट्रैप में फंसाया है। फर्नीचर व्यापारी के साहस से पर्दाफाश हुआ है। एक साधारण परिवार की महिला कैसे बनी इस हनी ट्रैप के मायाजाल की मास्टरमाइंड... जानिए द सूत्र की इस खास खबर में...
@रतन मिश्रा. ग्वालियर
मध्य प्रदेश काजौरा एक छोटा-सा कस्बा है। मुरैना जिले का हिस्सा। यहां की गलियों में सोनम कुशवाह को कोई खास नहीं जानता था। एक साधारण घर, सीमित साधन। लेकिन सोनम के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
उसने एक रास्ता चुना। कुशवाहा समाज के कार्यक्रम। पहले वहां दिखना शुरू किया। फिर चर्चित होने लगी। समाज के नेता पहचानने लगे। और धीरे-धीरे वह दरवाजा खुला, जिसे वह खोलना चाहती थी।
समाज की पहचान से सोनम ने अगला कदम उठाया। उसने भाजपा (Bharatiya Janata Party) की सदस्यता ले ली। पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाहा और जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाहा से नजदीकी बनाई। जब कमलेश कुशवाहा मुरैना के जिला अध्यक्ष बने, तब सोनम की सक्रियता जौरा के बाहर पूरे जिले में फैल गई।
पार्टी के हर कार्यक्रम में वह सबसे आगे की पंक्ति में बैठती। साथी महिलाओं के साथ। आत्मविश्वास से भरी। धीरे-धीरे उसने ग्वालियर के भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाहा और मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तक से मुलाकातें कीं।
![WhatsApp Image 2026-05-13 at 7.23.08 PM]()
![WhatsApp Image 2026-05-13 at 7.16.48 PM]()
![454]()
![455]()
सोशल मीडिया पर मंत्रियों और नेताओं के साथ तस्वीरें थीं। लोगों को लगा यह महिला किसी बड़े पद की तलाश में है। कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि यह चमकदार छवि दरअसल एक काले खेल का परदा है।
माता बसैया क्षेत्र के शंकर पुत्र सुमेर सिंह कुशवाहा की उम्र थी 60 साल। उन्हें क्या पता था कि एक वीडियो कॉल उनकी जमीन छीन लेगी।
सोनम ने वीडियो कॉलिंग के जरिए उनसे आपत्तिजनक बातें कीं। वीडियो बना लिया। फिर धमकी आई। 30 लाख रुपए दो वरना वीडियो वायरल होगा। इस काम में उसके साथ थे खेड़ा मेवदा गांव के जितेंद्र पुत्र रोशन कुशवाहा और पप्पू पुत्र बदन सिंह कुशवाहा।
दबाव इतना बढ़ा कि बुजुर्ग ने 1,000 रुपए के स्टांप पर 30 लाख रुपए के कर्ज का अनुबंध कर लिया। और फिर डेढ़ बीघा जमीन भी लिखवा दी। आखिरकार शंकर कुशवाहा ने माता बसैया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा।
जौरा कस्बे में एक और व्यापारी था। लगेज की बड़ी दुकान थी उसकी। सोनम ने उसे भी नहीं छोड़ा। उसे भी हनी ट्रैप (Honey Trap यानी जाल बिछाकर ब्लैकमेलिंग) में फंसाया। व्यापारी ने 27 नवंबर 2025 को थाने में आवेदन दिया। लेकिन फिर धमकी मिली। डर इतना था कि उसने मामला आगे नहीं बढ़ाया। चुप रहा। मुंह बंद रखा।
यह कहानी का वह मोड़ है, जहां सब कुछ बदल गया। जौरा के फर्नीचर कारोबारी रमेश शिवहरे के पास एक दिन फोन आया। एक महिला की आवाज थी। मनीष पेट्रोल पंप के पास फर्नीचर लगाने का काम है। ऑर्डर देना है। रमेश घर से निकले और परिवार को बता गए कि फर्नीचर का ऑर्डर देखने जा रहे हैं। वे बताई गई जगह पर पहुंचे। वहां महिला पहले से मौजूद थी। साथी भी थे। और देखते-देखते रमेश को कमरे में बंद कर लिया गया।
उसके बाद जो हुआ कोई भी टूट जाता। कपड़े उतरवाए गए। मारपीट हुई। अश्लील वीडियो बनाया गया। 10 लाख रुपए की मांग रखी गई। सोने की अंगूठी और जेब की नकदी भी छीन ली गई। और साथ में धमकी। पुलिस को बताया तो वीडियो वायरल होगा। झूठे मामलों में फंसा देंगे।
उधर, घर पर बेचैनी बढ़ रही थी। रमेश का फोन बंद था। परिजन, दोस्त, समाज के लोग सब निकल पड़े। रातभर तलाश होती रही। अलग-अलग ठिकानों पर खोजबीन हुई। आखिरकार पर्दा उठा। रमेश मिले और उनकी आपबीती ने इस पूरे गिरोह को उजागर कर दिया।
मामला सामने आते ही भाजपा के मुरैना जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाहा का बयान आया। उन्होंने साफ कहा कि महिला का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। वह पार्टी की कार्यकर्ता नहीं है।
वहीं जौरा के एसडीओपी (SDOP यानी Sub Divisional Officer of Police) नितिन बघेल ने कहा कि पुलिस महिला और उसके साथियों की तलाश कर रही है और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। अब देखना यह है कि जो तस्वीरें नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर थीं, वे कहानी क्या बताती हैं। और जो सवाल उठ रहे हैं, उनके जवाब कब मिलेंगे।
यह खबर सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है। यह उस खतरनाक सच को उजागर करती है जहां राजनीतिक पहुंच को अपराध की ढाल बनाया जाता है। भारतीय संविधान हर नागरिक की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। हनी ट्रैप जैसे अपराध इसी मूल अधिकार पर प्रहार हैं। डिजिटल नैतिकता के नजरिए से वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग IT Act (Information Technology Act) के तहत गंभीर साइबर अपराध है। एक बुजुर्ग की जमीन जाना और एक व्यापारी का डर के मारे चुप रहना यह दिखाता है कि ऐसे गिरोह समाज के सबसे कमजोर पलों का फायदा उठाते हैं। रमेश शिवहरे का साहस इस पूरी कहानी का सबसे जरूरी हिस्सा है। उनकी हिम्मत के बिना शायद यह गिरोह और आगे बढ़ता रहता।
हनी ट्रैप में फंसने पर क्या करें और क्या न करें?
हनी ट्रैप का शिकार होने पर सबसे पहली गलती यह होती है कि लोग पैसे दे देते हैं। यह गलती कभी न करें क्योंकि एक बार पैसे देने पर मांग और बढ़ती है। तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दे सकते हैं। पुलिस को सभी सबूत जैसे फोन नंबर, चैट और वीडियो की जानकारी दें। कानून पीड़ित की पहचान गोपनीय रखता है इसलिए डर या शर्म के कारण चुप बिल्कुल न रहें।
क्या राजनीतिक पहुंच रखने वाले आरोपियों को पकड़ना मुश्किल होता है?
कानून की नजर में हर अपराधी बराबर है। राजनीतिक पहचान या नेताओं के साथ तस्वीरें किसी को कानून से नहीं बचा सकतीं। इस मामले में पुलिस ने पहले मामले में आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। एसडीओपी नितिन बघेल ने साफ कहा है कि तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी होगी। हालांकि जब आरोपी के पास राजनीतिक संपर्क हों तब पीड़ित का साहस और गवाह का बयान सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।
भाजपा नेता के खिलाफ FIR से बवाल; पालिका आयुक्त को चेंबर में घुसकर सबक सिखाने की दी धमकी
रायपुर में भाजपा नेता के पारिवारिक समारोह के दौरान खूब चली गोलियां, वीडियो वायरल
भाजपा कार्यसमिति: मोदी-शाह को स्टैंडिंग ओवेशन, डिप्टी सीएम साव बोले- कांग्रेस भुगतेगी अंजाम
BCCI की एडवायजरी: हनी ट्रैप से निपटने के लिए IPL फ्रेंचाइजियों को दी चेतावनी
समझें क्या है पूरा मामला
- मुरैना जिले के जौरा की सोनम कुशवाह हनी ट्रैप गिरोह की सरगना निकली।
- उसने भाजपा कार्यकर्ता की छवि को ढाल बनाया।
- कम से कम तीन लोगों को उसने शिकार बनाया।
- फर्नीचर व्यापारी रमेश शिवहरे के भंडाफोड़ से राज खुला।
- पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
एक साधारण लड़की, एक बड़ा खेल
उसने एक रास्ता चुना। कुशवाहा समाज के कार्यक्रम। पहले वहां दिखना शुरू किया। फिर चर्चित होने लगी। समाज के नेता पहचानने लगे। और धीरे-धीरे वह दरवाजा खुला, जिसे वह खोलना चाहती थी।
भाजपा में एंट्री और नई पहचान
पार्टी के हर कार्यक्रम में वह सबसे आगे की पंक्ति में बैठती। साथी महिलाओं के साथ। आत्मविश्वास से भरी। धीरे-धीरे उसने ग्वालियर के भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाहा और मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तक से मुलाकातें कीं।
WhatsApp Image 2026-05-13 at 7.23.08 PM
WhatsApp Image 2026-05-13 at 7.16.48 PM
454
455
सोशल मीडिया पर मंत्रियों और नेताओं के साथ तस्वीरें थीं। लोगों को लगा यह महिला किसी बड़े पद की तलाश में है। कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि यह चमकदार छवि दरअसल एक काले खेल का परदा है।
पहला शिकार: 60 साल के बुजुर्ग
सोनम ने वीडियो कॉलिंग के जरिए उनसे आपत्तिजनक बातें कीं। वीडियो बना लिया। फिर धमकी आई। 30 लाख रुपए दो वरना वीडियो वायरल होगा। इस काम में उसके साथ थे खेड़ा मेवदा गांव के जितेंद्र पुत्र रोशन कुशवाहा और पप्पू पुत्र बदन सिंह कुशवाहा।
दबाव इतना बढ़ा कि बुजुर्ग ने 1,000 रुपए के स्टांप पर 30 लाख रुपए के कर्ज का अनुबंध कर लिया। और फिर डेढ़ बीघा जमीन भी लिखवा दी। आखिरकार शंकर कुशवाहा ने माता बसैया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा।
दूसरा शिकार: जो डर गया
तीसरा शिकार: जिसने हार नहीं मानी
उसके बाद जो हुआ कोई भी टूट जाता। कपड़े उतरवाए गए। मारपीट हुई। अश्लील वीडियो बनाया गया। 10 लाख रुपए की मांग रखी गई। सोने की अंगूठी और जेब की नकदी भी छीन ली गई। और साथ में धमकी। पुलिस को बताया तो वीडियो वायरल होगा। झूठे मामलों में फंसा देंगे।
उधर, घर पर बेचैनी बढ़ रही थी। रमेश का फोन बंद था। परिजन, दोस्त, समाज के लोग सब निकल पड़े। रातभर तलाश होती रही। अलग-अलग ठिकानों पर खोजबीन हुई। आखिरकार पर्दा उठा। रमेश मिले और उनकी आपबीती ने इस पूरे गिरोह को उजागर कर दिया।
भाजपा ने सोनम से पल्ला झाड़ा
पुलिस को आरोपियों की तलाश
यह खबर क्यों जरूरी है?
जरूरी FAQ
हनी ट्रैप का शिकार होने पर सबसे पहली गलती यह होती है कि लोग पैसे दे देते हैं। यह गलती कभी न करें क्योंकि एक बार पैसे देने पर मांग और बढ़ती है। तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दे सकते हैं। पुलिस को सभी सबूत जैसे फोन नंबर, चैट और वीडियो की जानकारी दें। कानून पीड़ित की पहचान गोपनीय रखता है इसलिए डर या शर्म के कारण चुप बिल्कुल न रहें।
क्या राजनीतिक पहुंच रखने वाले आरोपियों को पकड़ना मुश्किल होता है?
कानून की नजर में हर अपराधी बराबर है। राजनीतिक पहचान या नेताओं के साथ तस्वीरें किसी को कानून से नहीं बचा सकतीं। इस मामले में पुलिस ने पहले मामले में आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। एसडीओपी नितिन बघेल ने साफ कहा है कि तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी होगी। हालांकि जब आरोपी के पास राजनीतिक संपर्क हों तब पीड़ित का साहस और गवाह का बयान सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।
ये खबर भी पढ़ें...
रायपुर में भाजपा नेता के पारिवारिक समारोह के दौरान खूब चली गोलियां, वीडियो वायरल
भाजपा कार्यसमिति: मोदी-शाह को स्टैंडिंग ओवेशन, डिप्टी सीएम साव बोले- कांग्रेस भुगतेगी अंजाम
BCCI की एडवायजरी: हनी ट्रैप से निपटने के लिए IPL फ्रेंचाइजियों को दी चेतावनी
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA