शिवराज, वीडी और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ SC में सुनवाई, 10 करोड़ मानहानि का है मामला

Raj Singh | Mar 26, 2025, 14:07 IST
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सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा द्वारा दायर मानहानि मामले की सुनवाई होगी। तन्खा ने आरोप लगाया है कि शिवराज और अन्य बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ झूठा और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया।

सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 26 मार्च को एक अहम सुनवाई होने वाली है। इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने मानहानि का मामला दायर किया है। यह मामला राजनीतिक विवाद से जुड़ा है। आपको बता दें कि तन्खा ने आरोप लगाया है कि शिवराज सिंह चौहान और अन्य बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ झूठा और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया। इस अभियान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया गया है।

कोर्ट का आदेश

दरअसल, 19 मार्च को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तन्खा के दायर किए गए आपराधिक मानहानि मामले में चौहान को अधीनस्थ न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई आज ( 26 मार्च ) होगी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 25 अक्टूबर के आदेश पर सुनवाई करेगा।
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मानहानि का आरोप

विवेक तन्खा का आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से उनके खिलाफ एक झूठा और मानहानिकारक अभियान चलाया। तन्खा का कहना है कि इन नेताओं ने उन्हें ओबीसी विरोधी बताते हुए उनकी छवि को धूमिल किया। इसके बाद, तन्खा ने तीनों नेताओं पर 10 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करते हुए जबलपुर जिला कोर्ट में केस दायर किया था।

2021 के ओबीसी आरक्षण पर विवाद

इस मामले की जड़ 2021 में मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर उठे विवाद में है। विवेक तन्खा ने इन चुनावों में ओबीसी आरक्षण की स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बीजेपी नेताओं ने तन्खा को ओबीसी विरोधी बताते हुए उनके खिलाफ बयानबाजी की, जिसको लेकर तन्खा ने आरोप लगाया कि उनकी छवि को भारी नुकसान हुआ है।

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आज की सुनवाई में क्या होगा?

आज की सुनवाई में तन्खा की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल जैसे नामी वकील पैरवी करेंगे। वहीं शिवराज सिंह चौहान की ओर से महेश जेठमलानी कमान संभालेंगे। हालांकि, अब देखना होगा कि कोर्ट इस पूरे मामले पर क्या कहता है।

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