शिक्षकों के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस जरूरी, वरना नहीं मिलेगा तबादला
Amresh Kushwaha | Jun 03, 2026, 08:17 IST
teacher transfer e attendance shivpuri policy
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में नई तबादला नीति लागू हो गई है। जिन शिक्षकों की ऑनलाइन ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है, उन्हें नई प्रक्रिया में तबादले का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह निर्देश दिए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- शिवपुरी में शिक्षकों की नई तबादला प्रक्रिया शुरू हुई है।
- 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों को तबादला नहीं मिलेगा।
- शिक्षा विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए।
- 3 साल की सेवा अवधि पूरी न करने वाले शिक्षक भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं।
- अप्रैल तक के आंकड़ों के आधार पर पात्रता तय की जा रही है।
नई तबादला नीति क्या है?
सबसे अहम शर्त ई-अटेंडेंस से जुड़ी है। जिन शिक्षकों की ऑनलाइन ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस बार तबादले का मौका नहीं मिलेगा। यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा।
90 प्रतिशत से कम तो दरवाजा बंद
संविलियन वाले भी रहेंगे बाहर
अप्रैल के आंकड़े होंगे आधार
पोर्टल पर हो रही निगरानी
इस पूरी कवायद का मकसद शिक्षकों में नियमितता लाना है। विभाग चाहता है कि शिक्षक हर दिन स्कूल में उपस्थित रहें और ई-अटेंडेंस दर्ज करें। इसी को तबादले की पात्रता से जोड़ा गया है, जो एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शिक्षकों पर क्या असर पड़ेगा?
यह नीति शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में इसका कितना असर जमीन पर दिखता है।
FAQ
- शिक्षकों के तबादले के लिए ई-अटेंडेंस की क्या शर्त है?
नई तबादला नीति के तहत किसी भी शिक्षक का तबादला तभी होगा जब उनकी ऑनलाइन ई-अटेंडेंस 90% या उससे अधिक हो। जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90% से कम है, उन्हें नई प्रक्रिया में तबादले का लाभ नहीं मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव के अनुसार, ऐसे शिक्षकों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। - क्या संविलियन वाले शिक्षकों को भी तबादला मिलेगा?
नहीं। जिन शिक्षकों की संविलियन के बाद 3 साल की सेवा अवधि पूरी नहीं हुई है, वे इस तबादला प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। उन्हें 3 साल पूरे होने तक इंतजार करना होगा। - एमपी में शिक्षकों के तबादले की पात्रता किस आधार पर तय होगी?
चूंकि मई और जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है, इसलिए विभाग इस बार अप्रैल तक के ई-अटेंडेंस आंकड़ों को आधार मानकर पात्रता तय कर रहा है। जो शिक्षक अप्रैल तक 90% या उससे अधिक ई-अटेंडेंस दर्ज करा चुके हैं, वही तबादले के लिए योग्य माने जाएंगे।
एक साल बाद भी ई-अटेंडेंस बेहाल! सर्वर फेल, नेटवर्क गायब, फिर भी शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार
MP News: सात दिन ई-अटेंडेंस न लगाने पर अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति का आदेश वापस
मध्यप्रदेश की नई तबादला नीति: काम नहीं तो इनाम नहीं, एमपी की नई तबादला नीति में बड़ा बदलाव
एमपी में नई तबादला नीति 2026 लागू, मंत्रियों और कलेक्टरों के हाथ में कमान! जानें ट्रांसफर के नए नियम
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari