महिला का शोषण करता रहा तहसीलदार, अब गिरफ्तारी का संकट
Raj Singh | Mar 03, 2025, 07:47 IST
tahsildaar
ग्वालियर के तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर एक महिला के साथ 17 साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई है। उन पर 34 वर्षीय महिला से शादी का झांसा देकर 17 साल तक संबंध बनाने और दुष्कर्म करने का आरोप है। तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन 28 फरवरी की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें रेगुलर कोर्ट में जाने की सलाह दी। अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना प्रबल हो गई है और पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया है।
तहसीलदार ने पहले जिला अदालत और फिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन दोनों जगह याचिका खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट में पीड़िता के वकील ने तहसीलदार के 16 आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड पेश किया, जिसमें हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जहां भी जमानत नहीं मिली।
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तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर पहले से ही 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं-
सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज होने के बाद, तहसीलदार की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता, जो भिंड की रहने वाली है, उसने बताया कि साल 2005 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन 2007 में उसके पति का निधन हो गया। 2008 में शत्रुघन सिंह चौहान का उनके जेठ के घर आना-जाना था।
तहसीलदार ने पहले महिला के परिवार की आर्थिक मदद की और फिर शादी का वादा कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
2010 में रतनगढ़ माता मंदिर में सिंदूर भरकर झूठी शादी की।
2014 में महिला से एक बेटा हुआ, जिसका डीएनए टेस्ट कराना संभव है।
15 जनवरी 2024 को ग्वालियर के महिला थाने में तहसीलदार के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया।
पहले भी हो चुकी हैं जमानत याचिकाएं खारिज
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जहां भी जमानत नहीं मिली।
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तहसीलदार पर क्या आरोप हैं?
- हत्या
- हत्या का प्रयास
- लूट
- डकैती
अब आगे क्या होगा?
- पुलिस पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
- पीड़िता का आरोप है कि पुलिस तहसीलदार को बचाने की कोशिश कर रही है।
- डीएनए टेस्ट से भी तहसीलदार की संलिप्तता की पुष्टि की जा सकती है।
क्या तहसीलदार की गिरफ्तारी तय है?
FAQ
- तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर क्या आरोप हैं?
तहसीलदार पर 34 वर्षीय महिला के साथ शादी का झांसा देकर 17 साल तक शारीरिक शोषण करने और दुष्कर्म करने का आरोप है। तहसीलदार पर पहले से ही हत्या, लूट और डकैती जैसे 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी कारण जिला अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पीड़िता ने तहसीलदार के बच्चे की डीएनए टेस्ट की मांग की है, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सकती है।
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