/sootr/media/media_files/2026/01/14/toxic-cough-syrup-diethylene-glycol-alert-2026-01-14-09-52-00.jpg)
News In Short
तेलंगाना में ट्रिड्स रेमेडीज का सिरप डायएथिलिन ग्लायकॉल से फेल हुआ।
DCA ने सिरप के बारे में ऑल इंडिया अलर्ट जारी किया।
मध्यप्रदेश सरकार ने सिरप पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है।
डायएथिलिन ग्लायकॉल बच्चों के किडनी और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।
- छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत हो चुकी है।
News In Detail
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप (छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड) से कुछ महीने पहले ही लगभग 25 बच्चों की मौत हो गई थी। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब एक और खबर सामने आई है।
बच्चों के लिए बने एक और कफ सिरप में वही खतरनाक केमिकल डायएथिलिन ग्लायकॉल (Diethylene Glycol) पाया गया है। यह वही केमिकल है, जो पहले भी कई राज्यों में बच्चों की मौत का कारण बन चुका है। अब इस मामले के सामने आते ही पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एक और सिरप जांच में फेल
तेलंगाना में एक लैब जांच के दौरान बिहार की दवा कंपनी ट्रिड्स रेमेडीज का सिरप फेल पाया गया है। इस सिरप का नाम एलमोंट किड्स कफ सिरप (Almont-Kid Cough Syrup) है।
जांच में इस सिरप में डायएथिलिन ग्लायकॉल पाया गया। यह केमिकल बच्चों के किडनी और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
तेलंगाना ड्रग कंट्रोल विभाग ने तुरंत इस सिरप के बारे में एक ऑल इंडिया अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस मामले पर कड़ी नजर रखने की बात की है।
IMP FACTS
DCA ने जारी की ऑल इंडिया अलर्ट एडवाइजरी
DCA (Drug Control Administration) ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि यदि यह सिरप आपके पास है, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें। इसके अलावा, नजदीकी ड्रग्स कंट्रोल अथॉरिटी को इसकी जानकारी दें।
सभी ड्रग्स इंस्पेक्टरों और असिस्टेंट डायरेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी रिटेलर, होलसेलर, डिस्ट्रीब्यूटर और अस्पतालों को अलर्ट करें। सभी स्टॉक्स को तुरंत फ्रीज किया जाए और उसकी बिक्री या वितरण न किया जाए। यदि आपके पास यह दवा है, तो आप इसे तेलंगाना ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन को टोल-फ्री नंबर 1800-599-6969 पर भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/01/14/drug-control-administration-almont-kid-cough-syrup-2026-01-14-09-29-56.jpg)
मध्य प्रदेश सरकार ने लिया तत्काल एक्शन
तेलंगाना से जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने सिरप की खरीदी और बिक्री पर रोक लगा दी है। जबलपुर और महाकोशल क्षेत्र में इसके बिकने की कोई जानकारी नहीं मिली है।
जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन ने बताया कि सभी दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी कीमत पर इस सिरप की बिक्री नहीं होगी। इसके लिए चेकिंग भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कागजी आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए, मेडिकल स्टोर्स की स्टॉक की फिजिकल जांच की जा रही है।
छिंदवाड़ा कांड के बाद भी सबक क्यों नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि छिंदवाड़ा की घटना के बाद सख्ती होनी चाहिए थी। दवा निर्माण और सप्लाई चेन में बदलाव की जरूरत थी। वहीं, जहरीले सिरप के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
यह साफ दिखाता है कि निगरानी और जांच प्रणाली में खामियां हैं। सवाल यह है कि बच्चों की दवाओं के रॉ मैटेरियल की जांच समय पर क्यों नहीं हो पाती है।
Sootr Knowledge
पहले भी आ चुके हैं ऐसे कई मामले
पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। 2022-2023 में WHO ने चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत से एक्सपोर्ट किए गए कुछ कफ सिरप में Ethylene Glycol (EG) और Diethylene Glycol (DG) पाए गए थे। इन सिरपों से गाम्बिया देश में लगभग 66-70 बच्चों की मौतें हुई थीं।
हाल के मामलों में, 2025 में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से मध्य प्रदेश और अन्य जगहों पर बच्चों की बीमारी और मौतें हुईं। जांच का फोकस DEG पर था।
एमपी में 25 बच्चों की मौत का कारण बना यह केमिकल
कफ सिरप कांड: छिंदवाड़ा में इसी केमिकल के कारण 25 बच्चों ( कफ सिरप विवाद) की मौत हो चुकी है। कफ सिरप जैसे उत्पाद आमतौर पर बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के भी दिए जाते हैं। इससे इसका खतरा और बढ़ जाता है।
क्या है DEG और कैसे नुकसान पहुंचाता है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायएथिलिन ग्लायकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल बच्चों के लिए एक खतरनाक केमिकल है। यह एंटीफ्रीज और एसी में भी इस्तेमाल होते हैं। कभी-कभी ये सिरप में सॉल्वेंट के रूप में मिल जाते हैं। यह किडनी, लिवर फेलियर और नर्वस सिस्टम के गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।
यहां तक कि इसके संपर्क में आने से जान भी जा सकती है। कफ सिरप में इस्तेमाल होने वाले सॉल्ट आमतौर पर एक जैसे होते हैं। सिरप को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए प्रिजरवेटिव भी मिलाए जाते हैं।
ये खबर भी पढ़िए...
इंदौर में बेसिक ड्रग डीलर एसोसिएशन ने कफ सिरप कांड के बाद दी चेतावनी, नई कमेटी गठित
कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, 32 कंपनियों की जांच, 7 में खामियां, 5 पर लगी रोक
कफ सिरप कांड: कमलनाथ का एमपी सरकार से सवाल, सरकार ने अबतक क्यों नहीं दिया इलाज का खर्च
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us