मप्र की नई तबादला नीति का ड्राफ्ट अटका,जीएडी की साइट दिखा रही 4 साल पुरानी पॉलिसी
Ravi Awasthi | May 02, 2025, 16:15 IST
transfer policy
मध्य प्रदेश में करीब चार साल के अंतराल से नई तबादला नीति को सरकार ने मंजूरी दी। जिसे एक मई से लागू होना है,लेकिन अब तक जीएडी इस नीति का ड्राफ्ट ही जारी नहीं कर सका।
भोपाल।
मध्य प्रदेश में करीब चार साल के अंतराल से नई तबादला नीति को सरकार ने मंजूरी दी। जिसे एक मई से लागू होना है,लेकिन अब तक राज्य का जीएडी महकमा इस नीति का ड्राफ्ट ही जारी नहीं कर सका।
नई तबादला नीति को पिछले मंगलवार को ही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिली।
आमतौर पर नीति को मंजूरी के साथ ही इसका ड्राफ्ट भी सार्वजनिक हो जाया करता था,लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका। एक मई से लागू होने वाली इस नीति को लेकर विभागों के अफसरों को उम्मीद रही कि ड्राफ्ट के आने पर वे इसका अध्ययन कर नीति पर अमल शुरू करेंगे,लेकिन जीएडी की वेबसाइट अब भी साल 2021-22 की तबादला नीति को ही प्रदर्शित कर रही है। इससे तबादले के इंतजार में बैठे अधिकारी,कर्मचारियों को भी निराशा हुई।
इसे भी पढ़ें.. मप्र में मौखिक ही चल रहा पदोन्नति पर बैन, जीएडी ने कभी नहीं लगाई रोक
बताया जाता है कि तबादला नीति के ड्राफ्ट में कैबिनेट बैठक में मिले सुझाव के बाद कुछ संशोधन किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य व स्कूल शिक्षा विभाग अपनी अलग तबादला नीति बनाने की तैयारी में है।
सूत्रोें के मुताबिक,इन तमाम बातों को देखते हुए जीएडी नीति प्रारूप को अंतिम रूप नहीं दे सका। माना जा रहा है कि जल्द ही नई नीति का प्रारूप जारी होगा। इसके आधार पर विभाग तबादले की प्रक्रिया तय कर सकेंगे।
इसे भी पढ़ें.. Ladli Behna Yojana | Kailash Vijayvargiya कैबिनेट बैठक के बाद क्या बोले ? क्या हुआ है फैसला ?
गौरतलब है कि 2023 में हुए एमपी विधानसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में तबादलों पर बैन लगा हुआ था और नई तबादला नीति घोषित नहीं की गई थी, जिसके चलते कर्मचारियों अधिकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी थी, ऐसे में अब मोहन सरकार ने नई तबादला नीति को मंजूरी देते हुए तबादलों से बैन हटा दिया है जिसकी प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी।
इसे भी पढ़ें..एमपी तबादला नीति : MP में स्वैच्छिक तबादलों समेत मंत्री तय करेंगे कर्मचारियों का स्थान
नई नीति के तहत 1 मई से 30 मई तक तबादले किए जा सकेंगे। इसके बाद ये पुन:प्रतिबंधित होंगे। नई नीति के तहत, कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए अपने विभाग की तरफ से तय की गई प्रक्रिया के आधार पर ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले सीधे विभागीय मंत्री कर सकेंगे। मंत्री अपने विभागों में एक से दूसरे जिले में अधिकारी, कर्मचारी के ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपने प्रभार के जिलों में जिले से जिले के अंदर तबादला कर पाएंगे। इस संबंध में जीएडी के जिम्मेदार अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं।
इसे भी पढ़ें.. पूर्व IAS रमेश थेटे को MP हाईकोर्ट से बड़ा झटका, भ्रष्टाचार केस में याचिका खारिज
मध्य प्रदेश में करीब चार साल के अंतराल से नई तबादला नीति को सरकार ने मंजूरी दी। जिसे एक मई से लागू होना है,लेकिन अब तक राज्य का जीएडी महकमा इस नीति का ड्राफ्ट ही जारी नहीं कर सका।
नई तबादला नीति को पिछले मंगलवार को ही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिली।
आमतौर पर नीति को मंजूरी के साथ ही इसका ड्राफ्ट भी सार्वजनिक हो जाया करता था,लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका। एक मई से लागू होने वाली इस नीति को लेकर विभागों के अफसरों को उम्मीद रही कि ड्राफ्ट के आने पर वे इसका अध्ययन कर नीति पर अमल शुरू करेंगे,लेकिन जीएडी की वेबसाइट अब भी साल 2021-22 की तबादला नीति को ही प्रदर्शित कर रही है। इससे तबादले के इंतजार में बैठे अधिकारी,कर्मचारियों को भी निराशा हुई।
इसे भी पढ़ें.. मप्र में मौखिक ही चल रहा पदोन्नति पर बैन, जीएडी ने कभी नहीं लगाई रोक
अधूरा ड्राफ्ट ,सुधार की भी गुंजाइश
सूत्रोें के मुताबिक,इन तमाम बातों को देखते हुए जीएडी नीति प्रारूप को अंतिम रूप नहीं दे सका। माना जा रहा है कि जल्द ही नई नीति का प्रारूप जारी होगा। इसके आधार पर विभाग तबादले की प्रक्रिया तय कर सकेंगे।
इसे भी पढ़ें.. Ladli Behna Yojana | Kailash Vijayvargiya कैबिनेट बैठक के बाद क्या बोले ? क्या हुआ है फैसला ?
2023 से लगा हुआ था तबादलों पर प्रतिबंध
इसे भी पढ़ें..एमपी तबादला नीति : MP में स्वैच्छिक तबादलों समेत मंत्री तय करेंगे कर्मचारियों का स्थान
नई नीति 1 से 30 मई तक के लिए
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले सीधे विभागीय मंत्री कर सकेंगे। मंत्री अपने विभागों में एक से दूसरे जिले में अधिकारी, कर्मचारी के ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपने प्रभार के जिलों में जिले से जिले के अंदर तबादला कर पाएंगे। इस संबंध में जीएडी के जिम्मेदार अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं।
इसे भी पढ़ें.. पूर्व IAS रमेश थेटे को MP हाईकोर्ट से बड़ा झटका, भ्रष्टाचार केस में याचिका खारिज
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari