UGC गाइडलाइन में सुधार, अब छात्रों की शिकायतों का होगा तुरंत समाधान

UGC गाइडलाइन में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को SGRC और लोकपाल का डिटेल्स वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा। छात्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करने के आदेश दिए।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • UGC गाइडलाइन पर सुप्रीम कोर्ट से रोक के बाद पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी।

  • उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थानों को नियमों का पालन करने का आदेश दिया।

  • ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करना अब जरूरी होगा।

  • प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन प्रकाशन होगा।

  • संस्थानों को छात्रों के लिए शिकायत निवारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का निर्देश।

News In Detail

भोपाल. UGC ( university grants commission) की नई गाइडलाइन पर विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस आदेश का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सुधारना है।

उच्च शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय और अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और संबंधित कॉलेजों को सख्त आदेश दिए हैं। विभाग ने कहा कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति हो चुकी है।

अपेक्षित कार्रवाई की कमी के कारण छात्रों की शिकायतें रुकी रहती हैं। अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

ऐसे दर्ज होगी शिकायत

इस आदेश के तहत, सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपनी वेबसाइट पर SGRC के सदस्य, उनके जॉब टाइटल और कांटेक्ट डिटेल्स डालना होगा। इसके साथ ही लोकपाल का नाम, पता, ई-मेल आईडी और कार्यकाल भी प्रकाशित किया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि हर छात्र को शिकायत दर्ज करने की सही प्रोसेस और कांटेक्ट के लिए जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही सभी संस्थानों को छात्रों के लिए एक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करने का निर्देश दिया गया है। इस पोर्टल के जरिए छात्र अपनी शिकायतें 15 दिन के भीतर हल करवा सकेंगे।

प्रोस्पेक्टस में जानकारी देना अब जरूरी

अब से विश्वविद्यालय और कॉलेजों को एडमिशन प्रोसेस शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन पब्लिश करना जरूरी होगा। इसमें कोर्स डिटेल्स, सीटों की संख्या, योग्यता मानदंड, सिलेक्शन प्रोसेस, पूरी फीस संरचना, रिफंड नीति, जुर्माना, फैकल्टी की योग्यता, बुनियादी ढांचा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और रैगिंग-रोधी नियमों की जानकारी साफ तौर पर देना होगा। अगर प्रोस्पेक्टस में गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है तो छात्र एसजीआरसी और लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे।

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