बाबा महाकाल ने भक्तों संग खेली होली, हुआ भव्य श्रृंगार, कल से बदलेगा पूजा का समय
Kaushiki | Mar 03, 2026, 10:09 IST
ujjain-mahakal
उज्जैन के महाकाल मंदिर में आज सुबह से ही उत्सव का माहौल बना हुआ है। मंदिर में आज (3 फरवरी) धूमधाम से होली मनाई गई। भस्म आरती में बाबा को हर्बल गुलाल चढ़ाकर भक्तों संग होली खेली गई.....
उज्जैन महाकाल मंदिर में आज सुबह से ही उत्सव का माहौल बना हुआ है। मंदिर में आज (3 फरवरी) होली का पर्व मनाया गया। फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा महाकाल ने भक्तों संग होली खेली।
तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती में अद्भुत दृश्य दिखाई दिया। मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले बाबा को हर्बल गुलाल अर्पित किया। इसके बाद पूरे नंदी हॉल में गुलाल की वर्षा की गई। भक्तों ने बाबा के जयकारों के साथ इस उत्सव का आनंद लिया।
![whatsapp-image-2026-03-03-at-70328-am_1772502714-813342]()
![Mahakal Holi 2026:सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में होलिका दहन, भक्तों ने लगाए जयकारे, उड़ाया गुलाल - Mahakal Holi 2026: Holika Dahan Begins First In Ujjain Mahakaleshwar Temple Courtyard ...]()
इस साल होली पर चंद्र ग्रहण का साया भी मंडरा रहा है। ग्रहण के कारण कई शहरों में धुलेंडी को लेकर असमंजस बना है। पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में परंपराओं का पालन सख्ती से किया जा रहा है।
ग्रहण काल आज शाम 6:32 से शुरू होकर 6:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सूर्योदय के साथ ही शुरू हो चुका है। इस विशेष स्थिति के कारण मंदिर की पूजा विधि बदली गई है। भगवान को आज केवल शक्कर का ही भोग लगाया गया है। अन्य पकवानों का भोग ग्रहण समाप्ति के बाद ही लगाया जाएगा।
भस्म आरती से पूर्व बाबा का दिव्य अभिषेक संपन्न किया गया। सबसे पहले भगवान को हरि ओम जल से स्नान कराया गया। इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से पूजन हुआ। शक्कर और फलों के रसों के मिश्रण से अभिषेक किया गया।
पूजन के बाद बाबा का राजा स्वरूप में श्रृंगार हुआ। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट और मुंडमाला धारण की। रुद्राक्ष और सुगंधित पुष्पों की माला से बाबा को सजाया गया। भांग और सूखे मेवों का विशेष श्रृंगार भी आकर्षण रहा।
![आरती के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल रहे।]()
![whatsapp-image-2026-03-03-at-55155-am_1772502714-507041]()
होली के अवसर पर केवल बाबा ही नहीं माता पार्वती, श्री गणेश और कार्तिकेय को भी गुलाल लगाया गया। नंदी जी का विशेष स्नान और ध्यान पूजन संपन्न किया गया। नंदी गृह में मौजूद भक्तों पर भी जमकर गुलाल उड़ाया गया।
पुजारी परिवार ने परंपरागत तरीके से होली के गीत गाए। पूरा मंदिर परिसर अबीर और गुलाल की खुशबू से महक उठा। श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखकर पूरी तरह भावविभोर हो गए।
![Ujjain Mahakal Holi: Ban on playing with colors and gulal in Ujjains Mahakal temple, lesson learned from the sanctum sanctorum accident | News Puran]()
ग्रहण काल समाप्त होने के बाद विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। पूरे मंदिर परिसर का शुद्ध जल से शुद्धिकरण किया जाएगा। भगवान महाकाल को दोबारा स्नान कराकर शुद्ध पूजन होगा। इसके बाद ही उन्हें अन्न का महाभोग अर्पित किया जाएगा।
संध्या आरती (उज्जैन महाकाल में होली) भी ग्रहण शुद्धि के पश्चात ही संपन्न होगी। पंडित घनश्याम शर्मा के मुताबिक, ग्रहण में सूतक मान्य रहता है। इसीलिए सुबह की भोग आरती में केवल शक्कर चढ़ाई गई। भक्तों के लिए दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
![1c029070-e5f]()
![851a6334-b16]()
कल (4 मार्च 2026) से मंदिर की व्यवस्था में बदलाव होगा। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से बाबा की दिनचर्या बदल जाती है। इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है।
अब बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। यह शीतल स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक चलेगा। गर्मी के आगमन के कारण आरतियों के समय भी बदलेंगे। पांच आरतियों में से तीन के समय में परिवर्तन होगा।
एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज
कब से शुरू होगा चैत्र माह 2026, सुख-समृद्धि के लिए क्या करें और किन कामों से बचें
MP का ये गांव जहां रंगों से नहीं, दिलों से खेली जाती है होली महाकाल में सबसे पहले होली
देश के कई हिस्सों में होली पर्व की शुरुआत, भोपाल में सीएम मोहन यादव ने किया होलिका दहन
तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती में अद्भुत दृश्य दिखाई दिया। मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले बाबा को हर्बल गुलाल अर्पित किया। इसके बाद पूरे नंदी हॉल में गुलाल की वर्षा की गई। भक्तों ने बाबा के जयकारों के साथ इस उत्सव का आनंद लिया।
whatsapp-image-2026-03-03-at-70328-am_1772502714-813342
Mahakal Holi 2026:सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में होलिका दहन, भक्तों ने लगाए जयकारे, उड़ाया गुलाल - Mahakal Holi 2026: Holika Dahan Begins First In Ujjain Mahakaleshwar Temple Courtyard ...
चंद्र ग्रहण के कारण पूजा विधि में बदलाव
ग्रहण काल आज शाम 6:32 से शुरू होकर 6:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सूर्योदय के साथ ही शुरू हो चुका है। इस विशेष स्थिति के कारण मंदिर की पूजा विधि बदली गई है। भगवान को आज केवल शक्कर का ही भोग लगाया गया है। अन्य पकवानों का भोग ग्रहण समाप्ति के बाद ही लगाया जाएगा।
पंचामृत पूजन और भव्य श्रृंगार का विधान
पूजन के बाद बाबा का राजा स्वरूप में श्रृंगार हुआ। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट और मुंडमाला धारण की। रुद्राक्ष और सुगंधित पुष्पों की माला से बाबा को सजाया गया। भांग और सूखे मेवों का विशेष श्रृंगार भी आकर्षण रहा।
आरती के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल रहे।
whatsapp-image-2026-03-03-at-55155-am_1772502714-507041
शिव परिवार का विशेष पूजन
पुजारी परिवार ने परंपरागत तरीके से होली के गीत गाए। पूरा मंदिर परिसर अबीर और गुलाल की खुशबू से महक उठा। श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखकर पूरी तरह भावविभोर हो गए।
Ujjain Mahakal Holi: Ban on playing with colors and gulal in Ujjains Mahakal temple, lesson learned from the sanctum sanctorum accident | News Puran
ग्रहण के बाद भोग की व्यवस्था
संध्या आरती (उज्जैन महाकाल में होली) भी ग्रहण शुद्धि के पश्चात ही संपन्न होगी। पंडित घनश्याम शर्मा के मुताबिक, ग्रहण में सूतक मान्य रहता है। इसीलिए सुबह की भोग आरती में केवल शक्कर चढ़ाई गई। भक्तों के लिए दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
1c029070-e5f
851a6334-b16
बाबा की दिनचर्या में होगा बदलाव
अब बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। यह शीतल स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक चलेगा। गर्मी के आगमन के कारण आरतियों के समय भी बदलेंगे। पांच आरतियों में से तीन के समय में परिवर्तन होगा।
- प्रथम भस्मार्ती-बाबा महाकालभस्म आरती सुबह 04:00 से 06:00 बजे तक।
- द्वितीय दद्योदक आरती-सुबह 07:00 से 07:45 बजे तक।
- तृतीय भोग आरती-सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक।
- चतुर्थ संध्या पूजन-शाम 05:00 से 05:45 बजे तक।
- पंचम संध्या आरती-शाम 07:00 से 07:45 बजे।
- शयन आरती-रात 10:30 से 11:00 बजे तक होगी।
एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज
कब से शुरू होगा चैत्र माह 2026, सुख-समृद्धि के लिए क्या करें और किन कामों से बचें
MP का ये गांव जहां रंगों से नहीं, दिलों से खेली जाती है होली महाकाल में सबसे पहले होली
देश के कई हिस्सों में होली पर्व की शुरुआत, भोपाल में सीएम मोहन यादव ने किया होलिका दहन
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari