सावन में उज्जैन महाकाल दर्शन की व्यवस्था बदली, भस्म आरती में VIP को नो एंट्री
Pratibha ranaa | Jun 26, 2024, 14:32 IST
Ujjain Mahakaleshwar Temple
उज्जैन के महाकाल मंदिर में सावन महीने से पहले शनिवार-रविवार को भस्मारती में वीआईपी दर्शन की सुविधा बंद होने जा रही है। शनिवार-रविवार को करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उज्जैन के बाबा महाकालेश्वर मंदिर में सावन महीने में महाकाल दर्शन व्यवस्था में बदलाव किए जाएंगे। अब दो दिन (शनिवार-रविवार) को भस्म आरती में VIP को एंट्री नहीं मिलेगी। मंदिर समिति के इस फैसला का फायदा सीधे आम श्रद्धालुओं को मिलेगा।
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। महाकाल मंदिर में श्रावण माह के शनिवार और रविवार को अल सुबह होने वाली भस्म आरती के लिए प्रोटोकॉल सुविधा बंद होने जा रही है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से भस्म आरती में 700 सामान्य श्रद्धालुओं को अधिक प्रवेश मिल सकेगा। ऐसा करने से सावन में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बाबा महाकाल की भस्मारती और दर्शन मिल सकेंगे।
मंदिर समिति द्वारा सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिर के काउंटर पर जाकर सुबह लाइन में लगकर परमिशन बनवानी पड़ती है। ये संख्या 300 के करीब है। यह भस्म आरती की परमिशन ऑफलाइन और ऑनलाइन के माध्यम से होती है। ऑफलाइन परमिशन के लिए भक्तों को एक दिन पहले मंदिर में टिकट विंडो पर पहुंचकर अनुमति लेना होती है। ये फ्री रहती है।
महाकालेश्वर मंदिर की वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.com पर जाकर एडवांस बुकिंग के ऑप्शन पर क्लिक कर आगामी तीन महीने पहले की भस्म आरती के लिए बुक कर सकते हैं। भस्म आरती की ऑनलाइन परमिशन के लिए भक्त को 200 रुपए शुल्क देना होता है।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में हर दिन भस्म आरती को लेकर कुछ परंपराओं का पालन किया जाता है। इस परंपरा के अनुसार प्रातः काल वीरभद्र जी के कान में घंटी बजाकर और स्वस्ति वाचन कर बाबा महाकाल से चांदी के पट खोलने की इजाजत ली जाती है। इस दौरान यहां कोई मौजूद नहीं रहता।
इसके बाद गर्भगृह के भी पट खोले जाते हैं। पुजारियों द्वारा बाबा महाकाल का श्रृंगार उतारा जाता है। कर्पूर आरती होती है। इसके बाद नंदी हॉल के पट खुलते हैं। हॉल के नंदी का स्नान और पूजन होता है।
इस समय यहां पहले से श्रद्धालु मौजूद नहीं होते हैं। इस पूजन के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलता है।
![pratibha rana]()
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
उज्जैन भस्म आरती | उज्जैन महाकाल मंदिर | सावन में बदलेगी महाकाल दर्शन व्यवस्था | Mahakaleshwar Temple Big Changes
दो दिन वीआईपी दर्शन की सुविधा बंद
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। महाकाल मंदिर में श्रावण माह के शनिवार और रविवार को अल सुबह होने वाली भस्म आरती के लिए प्रोटोकॉल सुविधा बंद होने जा रही है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से भस्म आरती में 700 सामान्य श्रद्धालुओं को अधिक प्रवेश मिल सकेगा। ऐसा करने से सावन में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बाबा महाकाल की भस्मारती और दर्शन मिल सकेंगे।
काउंटर पर ऐसे मिलती है भस्म आरती की परमिशन
मंदिर समिति द्वारा सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिर के काउंटर पर जाकर सुबह लाइन में लगकर परमिशन बनवानी पड़ती है। ये संख्या 300 के करीब है। यह भस्म आरती की परमिशन ऑफलाइन और ऑनलाइन के माध्यम से होती है। ऑफलाइन परमिशन के लिए भक्तों को एक दिन पहले मंदिर में टिकट विंडो पर पहुंचकर अनुमति लेना होती है। ये फ्री रहती है।
तीन महीने पहले भी कर सकते है बुक
महाकालेश्वर मंदिर की वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.com पर जाकर एडवांस बुकिंग के ऑप्शन पर क्लिक कर आगामी तीन महीने पहले की भस्म आरती के लिए बुक कर सकते हैं। भस्म आरती की ऑनलाइन परमिशन के लिए भक्त को 200 रुपए शुल्क देना होता है।
यह है भस्म आरती की परंपरा
उज्जैन के महाकाल मंदिर में हर दिन भस्म आरती को लेकर कुछ परंपराओं का पालन किया जाता है। इस परंपरा के अनुसार प्रातः काल वीरभद्र जी के कान में घंटी बजाकर और स्वस्ति वाचन कर बाबा महाकाल से चांदी के पट खोलने की इजाजत ली जाती है। इस दौरान यहां कोई मौजूद नहीं रहता।
इसके बाद गर्भगृह के भी पट खोले जाते हैं। पुजारियों द्वारा बाबा महाकाल का श्रृंगार उतारा जाता है। कर्पूर आरती होती है। इसके बाद नंदी हॉल के पट खुलते हैं। हॉल के नंदी का स्नान और पूजन होता है।
इस समय यहां पहले से श्रद्धालु मौजूद नहीं होते हैं। इस पूजन के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलता है।
pratibha rana
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava