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2000 तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, सरकार ने खत्म किया पूरा कन्फ्यूजन
Sourabh Bhatnagar | Sept 15, 2026, 09:37 IST
upi payment charge rules 2026
upi payment charge rules 2026
केंद्र सरकार ने UPI पेमेंट पर लगने वाली फीस को लेकर स्थिति साफ कर दी है। ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते।
UPI पेमेंट को लेकर चल रही फीस की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जा सकता।
बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर इस रकम तक के UPI लेनदेन पर सीधे या किसी दूसरे तरीके से फीस नहीं लगा सकते। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस नियम में शामिल किया गया है।
हालांकि, ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट को लेकर आगे नियम बदल सकते हैं। खासकर दुकानदारों और कारोबारियों को किए जाने वाले बड़े पेमेंट पर फीस की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
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सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ₹2,000 UPI पेमेंट की नई लिमिट नहीं है।
आप पहले की तरह ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान कर सकते हैं। सरकार ने सिर्फ यह तय किया है कि ₹2,000 तक के पेमेंट पर फीस नहीं लगाई जा सकती।
यानी ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करने पर अभी कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है।
दरअसल, अगस्त 2026 में संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Act, 2026 पास किया था।
इसके जरिए Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में बदलाव किया गया।
इस बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का अधिकार मिला कि किन डिजिटल पेमेंट पर फीस नहीं लगाई जाएगी।
इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाया जा सकता है।
14 सितंबर को वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर स्थिति साफ कर दी। इसमें ₹2,000 तक के UPI पेमेंट को फीस से सुरक्षित रखा गया है।
नहीं।
अभी ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है।
अगर सरकार आगे ऐसे पेमेंट पर फीस लगाना चाहती है, तो इसके लिए अलग से नियम और दर तय करनी होगी।
इसलिए फिलहाल ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
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नहीं।
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले UPI पेमेंट यानी P2P पेमेंट मुफ्त रहेंगे।
इसका मतलब है कि अगर आप अपने दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को ₹5,000 या ₹10,000 भेजते हैं, तो इस पर फीस नहीं लगेगी।
फीस को लेकर मुख्य चर्चा दुकानदारों और कारोबारियों को किए जाने वाले बड़े पेमेंट की है।
आगे चलकर बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जा सकता है।
MDR आसान भाषा में डिजिटल पेमेंट लेने की सुविधा का चार्ज है।
यह आमतौर पर दुकानदार या कारोबारी से लिया जाता है। कार्ड से होने वाले पेमेंट में इस तरह का चार्ज पहले से मौजूद है।
हालांकि, UPI पर अभी ऐसी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।
वहीं ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज कितना होगा। इसका फैसला NPCI करेगा। माना जा रहा है कि यह चार्ज 0.3% से 0.5% तक हो सकता है।
यानी ₹5,000 की खरीदारी पर दुकानदार को ₹15 से ₹25 देने पड़ सकते हैं। यह पैसा ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। बड़े पेमेंट पर फीस की स्थिति आने वाले हफ्तों में साफ होगी।
बड़े UPI पेमेंट की संख्या कुल ट्रांजैक्शन में कम है। लेकिन इनमें जाने वाली रकम काफी ज्यादा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में करीब 4% ट्रांजैक्शन ₹2,000 से ज्यादा के थे।
लेकिन कुल UPI रकम में इन पेमेंट की हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई थी।
यानी संख्या कम होने के बावजूद बड़े पेमेंट में बहुत ज्यादा पैसा शामिल है।
इसी वजह से बड़े मर्चेंट पेमेंट पर फीस की चर्चा हो रही है।
नहीं।
सिर्फ इसलिए कि आपका UPI पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा है, बैंक अपनी मर्जी से चार्ज शुरू नहीं कर सकते।
इसके लिए सरकार को आगे नियम और फीस की दर तय करनी होगी।
इसलिए फिलहाल बड़े UPI पेमेंट पर किसी नए चार्ज को लागू मानना सही नहीं होगा।
UPI अब देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।
जुलाई 2026 तक 741 बैंक UPI नेटवर्क से जुड़े थे।
सिर्फ जुलाई 2026 में करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए।
इन ट्रांजैक्शन की कुल रकम करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही।
वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही।
छोटी दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, रोजाना करोड़ों लोग UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
UPI के जरिए सिर्फ पैसे भेजना ही नहीं, बल्कि कई दूसरे काम भी किए जा सकते हैं।
इसके जरिए आप बिजली, पानी और मोबाइल जैसे बिल भर सकते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग और दुकानों पर पेमेंट भी कर सकते हैं।
इसके लिए आपको हर बार बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड याद रखने की जरूरत नहीं होती।
UPI ID, मोबाइल नंबर या QR कोड के जरिए आसानी से पेमेंट किया जा सकता है।
अगर आपके ₹2,000 या उससे कम के UPI पेमेंट पर कोई अतिरिक्त चार्ज काट लिया जाता है, तो आप शिकायत कर सकते हैं।
सबसे पहले उस UPI ऐप पर जाएं, जिससे आपने पेमेंट किया था। यह Google Pay, PhonePe, Paytm या कोई दूसरा ऐप हो सकता है।
इसके बाद ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाकर संबंधित पेमेंट खोलें।
वहां दिए गए 'Report Issue' या 'Contact Support' विकल्प से शिकायत दर्ज करें।
अगर ऐप से समस्या हल नहीं होती है, तो अपने बैंक से संपर्क करें।
बैंक की वेबसाइट, ऐप, कस्टमर केयर या ब्रांच के जरिए भी शिकायत की जा सकती है।
शिकायत करते समय यह जरूर देखें कि आपको शिकायत नंबर या रेफरेंस नंबर मिला है।
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UPI पेमेंट सिस्टम में बदलाव | UPI पेमेंट की लिमिट | digital payment | digital payments
बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर इस रकम तक के UPI लेनदेन पर सीधे या किसी दूसरे तरीके से फीस नहीं लगा सकते। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस नियम में शामिल किया गया है।
हालांकि, ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट को लेकर आगे नियम बदल सकते हैं। खासकर दुकानदारों और कारोबारियों को किए जाने वाले बड़े पेमेंट पर फीस की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
₹2,000 की कोई नई UPI लिमिट नहीं
आप पहले की तरह ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान कर सकते हैं। सरकार ने सिर्फ यह तय किया है कि ₹2,000 तक के पेमेंट पर फीस नहीं लगाई जा सकती।
यानी ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करने पर अभी कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है।
फीस की चर्चा क्यों शुरू हुई?
इसके जरिए Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में बदलाव किया गया।
इस बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का अधिकार मिला कि किन डिजिटल पेमेंट पर फीस नहीं लगाई जाएगी।
इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगाया जा सकता है।
14 सितंबर को वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर स्थिति साफ कर दी। इसमें ₹2,000 तक के UPI पेमेंट को फीस से सुरक्षित रखा गया है।
क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर अभी चार्ज लगेगा?
अभी ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है।
अगर सरकार आगे ऐसे पेमेंट पर फीस लगाना चाहती है, तो इसके लिए अलग से नियम और दर तय करनी होगी।
इसलिए फिलहाल ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
2040f801-e5f
क्या दोस्त को ₹10 हजार भेजने पर भी चार्ज लगेगा?
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले UPI पेमेंट यानी P2P पेमेंट मुफ्त रहेंगे।
इसका मतलब है कि अगर आप अपने दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को ₹5,000 या ₹10,000 भेजते हैं, तो इस पर फीस नहीं लगेगी।
फीस को लेकर मुख्य चर्चा दुकानदारों और कारोबारियों को किए जाने वाले बड़े पेमेंट की है।
फिर बड़े पेमेंट पर किस तरह का चार्ज लग सकता है?
MDR आसान भाषा में डिजिटल पेमेंट लेने की सुविधा का चार्ज है।
यह आमतौर पर दुकानदार या कारोबारी से लिया जाता है। कार्ड से होने वाले पेमेंट में इस तरह का चार्ज पहले से मौजूद है।
हालांकि, UPI पर अभी ऐसी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।
वहीं ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज कितना होगा। इसका फैसला NPCI करेगा। माना जा रहा है कि यह चार्ज 0.3% से 0.5% तक हो सकता है।
यानी ₹5,000 की खरीदारी पर दुकानदार को ₹15 से ₹25 देने पड़ सकते हैं। यह पैसा ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। बड़े पेमेंट पर फीस की स्थिति आने वाले हफ्तों में साफ होगी।
बड़े UPI पेमेंट इतने अहम क्यों हैं?
वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में करीब 4% ट्रांजैक्शन ₹2,000 से ज्यादा के थे।
लेकिन कुल UPI रकम में इन पेमेंट की हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई थी।
यानी संख्या कम होने के बावजूद बड़े पेमेंट में बहुत ज्यादा पैसा शामिल है।
इसी वजह से बड़े मर्चेंट पेमेंट पर फीस की चर्चा हो रही है।
क्या बैंक खुद से चार्ज लगा सकते हैं?
सिर्फ इसलिए कि आपका UPI पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा है, बैंक अपनी मर्जी से चार्ज शुरू नहीं कर सकते।
इसके लिए सरकार को आगे नियम और फीस की दर तय करनी होगी।
इसलिए फिलहाल बड़े UPI पेमेंट पर किसी नए चार्ज को लागू मानना सही नहीं होगा।
भारत में UPI का नेटवर्क कितना बड़ा है?
जुलाई 2026 तक 741 बैंक UPI नेटवर्क से जुड़े थे।
सिर्फ जुलाई 2026 में करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए।
इन ट्रांजैक्शन की कुल रकम करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही।
वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही।
छोटी दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, रोजाना करोड़ों लोग UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
UPI से क्या-क्या कर सकते हैं?
इसके जरिए आप बिजली, पानी और मोबाइल जैसे बिल भर सकते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग और दुकानों पर पेमेंट भी कर सकते हैं।
इसके लिए आपको हर बार बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड याद रखने की जरूरत नहीं होती।
UPI ID, मोबाइल नंबर या QR कोड के जरिए आसानी से पेमेंट किया जा सकता है।
अगर ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर चार्ज कट जाए तो क्या करें?
सबसे पहले उस UPI ऐप पर जाएं, जिससे आपने पेमेंट किया था। यह Google Pay, PhonePe, Paytm या कोई दूसरा ऐप हो सकता है।
इसके बाद ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाकर संबंधित पेमेंट खोलें।
वहां दिए गए 'Report Issue' या 'Contact Support' विकल्प से शिकायत दर्ज करें।
अगर ऐप से समस्या हल नहीं होती है, तो अपने बैंक से संपर्क करें।
बैंक की वेबसाइट, ऐप, कस्टमर केयर या ब्रांच के जरिए भी शिकायत की जा सकती है।
शिकायत करते समय यह जरूर देखें कि आपको शिकायत नंबर या रेफरेंस नंबर मिला है।
FAQ
- 1. क्या ₹2,000 UPI पेमेंट की नई लिमिट है?
नहीं। ₹2,000 कोई नई UPI लिमिट नहीं है। इससे ज्यादा रकम भी UPI से भेजी जा सकती है। ₹2,000 सिर्फ वह सीमा है, जिस तक फिलहाल फीस नहीं लगाई जा सकती। - 2. क्या ₹5,000 के UPI पेमेंट पर अभी चार्ज लगेगा?
नहीं। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर अभी कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है। - 3. क्या दोस्त को ₹10,000 भेजने पर फीस लगेगी?
नहीं। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P पेमेंट मुफ्त रहेंगे। - 4. MDR चार्ज किससे लिया जाता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा का चार्ज है। यह आमतौर पर दुकानदार या कारोबारी से लिया जाता है। - 5. अगर ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर चार्ज कट जाए तो क्या करें?
सबसे पहले UPI ऐप में ट्रांजैक्शन खोलकर शिकायत दर्ज करें। समस्या हल नहीं होने पर बैंक से संपर्क करें और शिकायत का रेफरेंस नंबर जरूर लें।
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