एमपी में बड़ी पहल: अब आंगनवाड़ी के नन्हे बच्चों को मिलेगा ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’
Sanjay Dhiman | Mar 23, 2026, 18:54 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश में 6 साल तक के बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’ दिया जाएगा। यह पहल आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा को मान्यता देती है और बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों के लिए एक बड़ी पहल की है। अब राज्य के 6 साल तक के बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’ दिया जाएगा। यह प्रमाण पत्र आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा को मान्यता देगा। 24 मार्च को पूरे प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘विद्यारंभ समारोह’ आयोजित होगा, जहां बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।
इस विशेष राज्यस्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी। भोपाल जिले के बाणगंगा परियोजना में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1061 और 859 में यह आयोजन किया जाएगा। यहां पर 35 बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’ दिए जाएंगे।
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केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत यह पहल की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को पहचानना और उसे औपचारिक शैक्षिक प्रणाली से जोड़ना है। यह बच्चों के लिए एक सशक्त शुरुआत होगी, जिससे वे स्कूल में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे।
अक्सर देखा गया है कि आंगनवाड़ी से निकलकर जब बच्चा स्कूल जाता है, तो उसे माहौल एकदम नया लगता है। वह घबरा जाता है। केंद्र सरकार के निर्देशों पर शुरू हुई यह पहल इसी डर को खत्म करेगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के लिए शाला पूर्व शिक्षा को एक संस्थागत मान्यता देना है। इसके साथ ही यह परिवार और समुदाय को भी इस बात के लिए जागरूक करेगा कि शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को नकारा नहीं किया जा सकता। यह कार्यक्रम शाला पूर्व शिक्षा को बच्चों के शैक्षिक जीवन में एक स्थायी और सशक्त नींव के रूप में स्थापित करेगा।
इस कार्यक्रम में प्रारंभिक शिक्षा में काम कर रही संस्था रॉकेट लर्निंग का सहयोग भी प्राप्त है। मध्यप्रदेश के 39 जिलों में इस संस्था के साथ मिलकर गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां चल रही हैं।
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‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’ पहल से न केवल बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत होगा, बल्कि यह ड्रॉपआउट दर को कम करने में भी मदद करेगा। यह पहल बच्चों के शैक्षिक जीवन में निरंतरता सुनिश्चित करेगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई में कोई बाधा महसूस नहीं करेंगे।
समारोह में बच्चों का सम्मान
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सरकारी पहल का उद्देश्य
क्यों पड़ी इस नए सर्टिफिकेट की जरूरत?
- आसान होगा सफर: बच्चा अनौपचारिक खेल-कूद से औपचारिक स्कूल की दुनिया में आसानी से कदम रख पाएगा।
- समाज में सम्मान: जब बच्चे को प्रमाण-पत्र मिलेगा, तो समाज और परिवार में आंगनवाड़ी की पढ़ाई की वैल्यू बढ़ेगी।
ड्रॉपआउट पर लगाम: अगर नींव मजबूत होगी, तो बच्चा आगे चलकर स्कूल नहीं छोड़ेगा। इससे ड्रॉपआउट रेट में भारी कमी आएगी।
समाज और परिवार की भूमिका
रॉकेट लर्निंग का सहयोग
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भविष्य में ड्रॉपआउट दर कम होने की उम्मीद
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