SIR के बाद एमपी में 42 लाख, राजस्थान में 31 लाख और सीजी में कटे 27 लाख वोटरों के नाम
Sanjay Dhiman | Apr 12, 2026, 16:56 IST
Photograph: (the sootr)
देश में एसआईआऱ के बाद मतदाता सूची में बड़ी सफाई हुई है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 45.8 करोड़ मतदाता शुद्ध सूची में बने रहे, जबकि 6.8 करोड़ को हटा दिया गया। जानें क्या है पूरा मामला।
मतदाता सूची में सुधार करने के बाद चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 45.8 करोड़ मतदाता सूची में बने रहे। पूरी एसआईआर प्रक्रिया में इन 12 राज्यों में 6 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए।
इन काटे गए मतदाताओं में लगभग 66.9 लाख मतदाता मृत्यु के कारण, 1.3 करोड़ एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत होने, 1.3 करोड़ अनुपस्थित पाए गए और 3.1 करोड़ को स्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया। इसके बाद 12.7 लाख को ‘अन्य’ श्रेणी में रखा गया। इसके परिणामस्वरूप, शुद्ध और सही मतदाता सूची तैयार हुई है।
इस सूची में एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में काटे गए व जोड़े गए मतदाताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। इस अंतिम सूची के अनुसार एमपी में 42.74 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए है। छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 27.34 लाख व राजस्थान में 31.36 लाख दर्ज किया गया है।
एसआईआऱ के बाद देशभर में 6.8 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए। आयोग के पास ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) नाम का एक फार्मूला है। जांच में पता चला कि लगभग 6.8 करोड़ नाम ऐसे थे जो वोटिंग के काम के नहीं थे, लेकिन लिस्ट में बने हुए थे।
इनमें से करीब 66.9 लाख मतदाता ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 1.3 करोड़ लोग ऐसे मिले जिनके नाम एक से ज्यादा जगह रजिस्टर्ड थे। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा उन 3.1 करोड़ लोगों का है जो हमेशा के लिए दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे। इन नामों की वजह से फर्जी वोटिंग का खतरा हमेशा बना रहता था। अब लिस्ट एकदम 'क्रिस्टल क्लियर' हो गई है।
राज्यवार सूची शुद्धिकरण का प्रतिशत भी महत्वपूर्ण था। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16.6%, उत्तर प्रदेश में 13.2%, गुजरात में 13.1%, और छत्तीसगढ़ में 11.3%, एमपी में 10 प्रतिशत की सूची शुद्धिकरण की दर थी। इन राज्यों में विशेष रूप से मतदाता सूची में बदलाव किया गया, ताकि वे सही और निष्पक्ष बन सके। इसके बाद, पश्चिम बंगाल को भी इस प्रक्रिया में 5वें स्थान पर रखा गया।
मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के बाद मतदाता सूची की तस्वीर काफी बदल गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में लाखों की संख्या में फर्जी, मृत और अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
यहाँ मध्यप्रदेश के सटीक आंकड़े (SIR 2026 के बाद) दिए गए हैं:
छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के बाद मतदाता सूची में काफी बड़े बदलाव हुए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 'सफाई' (Purification) की प्रक्रिया बहुत बड़े स्तर पर की गई है।
यहाँ छत्तीसगढ़ के ताजा आंकड़े (2026 SIR के बाद) दिए गए हैं:
राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के बाद मतदाता सूची की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। चुनाव आयोग ने फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर लिस्ट को एकदम 'क्लीन' कर दिया है।
ताजा रिपोर्ट (21 फरवरी 2026) के अनुसार, राजस्थान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
यह खबरें भी पढ़ें...
SIR प्रक्रिया से 12 राज्यों में 6.08 करोड़ नाम कटे, यूपी में सबसे ज्यादा
भारत के बाद अमेरिका में भी SIR, करोड़ों वोटर्स के कटेंगे नाम!
SIR से सियासी भूचाल, गहलोत,पायलट और भजनलाल के क्षेत्रों में सबसे अधिक कटे वोटर
SIR के बाद 31 लाख वोटर हुए कम, जबकि 4 लाख युवा मतदाता की संख्या बढ़ी
इन काटे गए मतदाताओं में लगभग 66.9 लाख मतदाता मृत्यु के कारण, 1.3 करोड़ एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत होने, 1.3 करोड़ अनुपस्थित पाए गए और 3.1 करोड़ को स्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया। इसके बाद 12.7 लाख को ‘अन्य’ श्रेणी में रखा गया। इसके परिणामस्वरूप, शुद्ध और सही मतदाता सूची तैयार हुई है।
इस सूची में एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में काटे गए व जोड़े गए मतदाताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। इस अंतिम सूची के अनुसार एमपी में 42.74 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए है। छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 27.34 लाख व राजस्थान में 31.36 लाख दर्ज किया गया है।
देशभर में काटे गए 6.8 करोड़ मतदाताओं के नाम
इनमें से करीब 66.9 लाख मतदाता ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 1.3 करोड़ लोग ऐसे मिले जिनके नाम एक से ज्यादा जगह रजिस्टर्ड थे। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा उन 3.1 करोड़ लोगों का है जो हमेशा के लिए दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे। इन नामों की वजह से फर्जी वोटिंग का खतरा हमेशा बना रहता था। अब लिस्ट एकदम 'क्रिस्टल क्लियर' हो गई है।
राज्यवार सूची शुद्धिकरण: प्रमुख आंकड़े
एसआईआर के बाद एमपी की स्थिति
यहाँ मध्यप्रदेश के सटीक आंकड़े (SIR 2026 के बाद) दिए गए हैं:
मध्यप्रदेश मतदाता सूची: ताज़ा आंकड़े (SIR 2026)
- कारण: इनमें से 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए, 31.51 लाख मतदाता अनुपस्थित या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे और 2.77 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज (Duplicate) थे।
- राज्य में कुल मतदाता सूची का लगभग 5.97% हिस्सा शुद्धिकरण के तहत हटाया गया।
- कारण: इनमें से 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए, 31.51 लाख मतदाता अनुपस्थित या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे और 2.77 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज (Duplicate) थे।
- राज्य में कुल मतदाता सूची का लगभग 5.97% हिस्सा शुद्धिकरण के तहत हटाया गया।
- कितने नए नाम जोड़े गए? शुद्धिकरण के साथ ही 12.9 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं। इनमें अधिकांश वे युवा हैं जिन्होंने 1 जनवरी 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।
- अब कुल कितने मतदाता बचे हैं? इस व्यापक सफाई और नए नामों को जोड़ने के बाद मध्यप्रदेश में अब कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 5.4 करोड़ से अधिक है। (SIR प्रक्रिया से पहले यह संख्या लगभग 5.74 करोड़ थी, जो शुद्धिकरण के बाद घटकर संतुलित हुई है)।
एक नज़र में डेटा (Table)
| विवरण | संख्या (लगभग) |
| हटाए गए कुल नाम (Deletions) | 42.74 लाख |
| मृत मतदाता (Dead) | 8.46 लाख |
| शिफ्टेड/अनुपस्थित (Migrated) | 31.51 लाख |
| नए जोड़े गए नाम (Additions) | 12.9 लाख |
| वर्तमान कुल मतदाता (MP Final Roll) | ~5.44 करोड़ |
एसआईआर के बाद छत्तीसगढ़ की स्थिति
यहाँ छत्तीसगढ़ के ताजा आंकड़े (2026 SIR के बाद) दिए गए हैं:
छत्तीसगढ़ मतदाता सूची: प्रमुख आंकड़े
- इनमें से अधिकतर नाम मृत्यु, स्थायी रूप से पलायन (Shifted), या दोहरी प्रविष्टि (Duplicate registration) की वजह से काटे गए।
- राज्य में कुल मतदाताओं का लगभग 11.3% हिस्सा इस शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत हटाया गया।
- इनमें से अधिकतर नाम मृत्यु, स्थायी रूप से पलायन (Shifted), या दोहरी प्रविष्टि (Duplicate registration) की वजह से काटे गए।
- राज्य में कुल मतदाताओं का लगभग 11.3% हिस्सा इस शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत हटाया गया।
- कितने नए नाम जोड़े गए? दावा और आपत्ति के चरण (Claims and Objections phase) के बाद अंतिम सूची में लगभग 2.35 लाख (2,34,994) नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। यह मुख्य रूप से वे युवा हैं जिन्होंने पहली बार अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया है।
- अब कुल कितने मतदाता बचे हैं? SIR प्रक्रिया से पहले छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या 2.12 करोड़ (2,12,30,373) थी। शुद्धिकरण के बाद जो अंतिम मतदाता सूची (Final Roll) 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित हुई, उसके अनुसार अब छत्तीसगढ़ में कुल मतदाताओं की संख्या 1.87 करोड़ (1,87,30,914) रह गई है।
एक नज़र में छत्तीसगढ़ का डेटा (टेबल)
| विवरण | संख्या (लगभग) |
| SIR से पहले कुल मतदाता | 2.12 करोड़ |
| हटाए गए नाम (Deletions) | 27.34 लाख |
| नए जोड़े गए नाम (Additions) | 2.35 लाख |
| अंतिम सूची में कुल मतदाता | 1.87 करोड़ |
एसआईआर के बाद राजस्थान की स्थिति
ताजा रिपोर्ट (21 फरवरी 2026) के अनुसार, राजस्थान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
राजस्थान मतदाता सूची: मुख्य आंकड़े (SIR 2026)
- कितने नाम काटे गए? पूरी प्रक्रिया के दौरान राजस्थान में लगभग 31.36 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। ये वे लोग थे जो या तो मृत हो चुके थे, या स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे, या जिनके नाम दो जगह दर्ज थे।
- कितने नए नाम जोड़े गए? सफाई के साथ-साथ नए मतदाताओं को जोड़ने का काम भी तेजी से हुआ। राजस्थान में 15.4 लाख नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की है जो पहली बार वोट डालेंगे।
- अब कुल कितने मतदाता बचे हैं? शुद्धिकरण (Purification) के बाद राजस्थान में अब कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 (लगभग 5.15 करोड़) हो गई है।
एक नज़र में पूरा डेटा
| विवरण | संख्या / विवरण |
| हटाए गए नाम (Deletions) | 31.36 लाख |
| नए जोड़े गए नाम (Additions) | 15.4 लाख |
| अंतिम कुल मतदाता (Total Voters) | 5.15 करोड़ |
| पुरुष मतदाता | 2,69,57,881 |
| महिला मतदाता | 2,45,61,486 |
| थर्ड जेंडर मतदाता | 562 |
SIR प्रक्रिया से 12 राज्यों में 6.08 करोड़ नाम कटे, यूपी में सबसे ज्यादा
भारत के बाद अमेरिका में भी SIR, करोड़ों वोटर्स के कटेंगे नाम!
SIR से सियासी भूचाल, गहलोत,पायलट और भजनलाल के क्षेत्रों में सबसे अधिक कटे वोटर
SIR के बाद 31 लाख वोटर हुए कम, जबकि 4 लाख युवा मतदाता की संख्या बढ़ी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari