नहीं काटना पड़ेगा स्टेशन का चक्कर, आज से बदला तत्काल टिकट बुकिंग का सिस्टम
Aman Vaishnav | Jul 10, 2026, 10:45 IST
तत्काल टिकट नियमों में बदलाव
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि 1 अगस्त 2026 से इस व्यवस्था के लिए नया समय लागू हो गया है।
तत्काल टिकट बुकिंग कराने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने टोकन वितरण की व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। यह फैसला लंबी कतारों और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए लिया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को टोकन के लिए और रेलवे टिकट बुकिंग के लिए बार-बार स्टेशन नहीं आना पड़ेगा। यह नियम 1 अगस्त 2026 से जबलपुर रेल मंडल सहित पमरे के सभी आरक्षण केंद्रों पर लागू हो गया है।
दरअसल अभी की व्यवस्था में एसी और स्लीपर, दोनों श्रेणियों के लिए सुबह आठ बजे से टोकन बंटना शुरू हो जाता है। जबकि एसी तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर बुकिंग सुबह 11 बजे शुरू होती है।
टोकन मिलने और बुकिंग शुरू होने के बीच लंबा गैप रहता था। इस वजह से यात्रियों को घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ता था। कई बार उन्हें दोबारा चक्कर भी लगाने पड़ते थे। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए नई समय-सारिणी बनाई गई है।
नए नियम के अनुसार अब टिकट बुकिंग शुरू होने से थोड़ा पहले ही टोकन दिए जाएंगे। एसी श्रेणी के लिए टोकन सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच बांटे जाएंगे। इसकी बुकिंग हमेशा की तरह सुबह 10 बजे से शुरू होगी।
स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को टोकन सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच मिलेगा। इनकी बुकिंग सुबह 11 बजे से शुरू होगी। यह पूरी जानकारी हर केंद्र पर हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड पर लिखी जाएगी।
रेलवे ने शुरुआत में तय किया है कि हर काउंटर पर एसी के लिए 10 और स्लीपर के लिए 15 टोकन जारी होंगे। जिन स्टेशनों पर भीड़ ज्यादा होगी, वहां टोकन की संख्या बढ़ाई जा सकती है। यह अधिकार रेलवे के पास सुरक्षित रहेगा।
पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए टोकन लेते समय आधार कार्ड या कोई भी सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा। काउंटर पर तैनात कर्मचारी हर टोकन का ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद टिकटों की कालाबाजारी और दलाली रोकना है। जो यात्री खुद के लिए या परिवार के लिए टिकट लेने आएंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए वैध पहचान पत्र दिखाना होगा।
बाकी लोगों को दस्तावेज जांच के बाद ही टोकन मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि जारी टोकन पूरी तरह अहस्तांतरणीय होंगे। यानी एक टोकन दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकेगा।
एमपी का ऑपरेशन हमदर्द: अब रेलवे स्टेशनों पर रहने वालों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
रेलवे टिकट रिफंड के नियम बदले, टिकट कैंसिल करने पर अब कटेगा ज्यादा पैसा
भारत टैक्सी ऐप से मिलेगी मेट्रो टिकट बुक करने की सुविधा, किराया भी कम
ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करना पड़ेगा महंगा, न मिलेगा रिफंड, न मुआवजा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को टोकन के लिए और रेलवे टिकट बुकिंग के लिए बार-बार स्टेशन नहीं आना पड़ेगा। यह नियम 1 अगस्त 2026 से जबलपुर रेल मंडल सहित पमरे के सभी आरक्षण केंद्रों पर लागू हो गया है।
घंटों इंतजार से मिलेगी राहत
टोकन मिलने और बुकिंग शुरू होने के बीच लंबा गैप रहता था। इस वजह से यात्रियों को घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ता था। कई बार उन्हें दोबारा चक्कर भी लगाने पड़ते थे। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए नई समय-सारिणी बनाई गई है।
टोकन का नया समय क्या होगा
स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को टोकन सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच मिलेगा। इनकी बुकिंग सुबह 11 बजे से शुरू होगी। यह पूरी जानकारी हर केंद्र पर हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड पर लिखी जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और पारदर्शिता
पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए टोकन लेते समय आधार कार्ड या कोई भी सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा। काउंटर पर तैनात कर्मचारी हर टोकन का ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
दलालों पर सख्ती
बाकी लोगों को दस्तावेज जांच के बाद ही टोकन मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि जारी टोकन पूरी तरह अहस्तांतरणीय होंगे। यानी एक टोकन दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकेगा।
ये खबरें भी पढ़िए...
रेलवे टिकट रिफंड के नियम बदले, टिकट कैंसिल करने पर अब कटेगा ज्यादा पैसा
भारत टैक्सी ऐप से मिलेगी मेट्रो टिकट बुक करने की सुविधा, किराया भी कम
ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करना पड़ेगा महंगा, न मिलेगा रिफंड, न मुआवजा
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava