कांग्रेस के केके मिश्रा क्यों छोड़ रहे पद, जीतू पटवारी कैसे निपटेंगे
BP shrivastava | Feb 26, 2024, 16:26 IST
एमपी कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने अपना पद छोड़ने की पेशकश की है।
जैसे-जैस लोकसभा चुनाव नजदीक कांग्रेस में जबरदस्त उथलपुथल मची हुई है। इसी बीच मध्य प्रदेश (MP) कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस संबंध में चर्चा की।
BHOPAL. जैसे-जैस लोकसभा चुनाव नजदीक कांग्रेस में जबरदस्त उथलपुथल मची हुई है। इसी बीच मध्य प्रदेश (MP) कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस संबंध में बातचीत की है। मिश्रा ने कहा, 'मेरी मंशा है कि नए चेहरे को काम करने का मौका मिले। इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है। पार्टी का काम हमेशा करते रहूंगा।'
विधानसभा चुनाव हारने के बाद से कांग्रेस से बीजेपी में जाने वाले नेताओं में अधिकतर नेता कमलनाथ खेमे से हैं। बीते दिनों कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले जबलपुर मेयर जगत बहादुर सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। हाल ही में इंदौर कांग्रेस की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री नूरी खान ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। नूरी खान के बाद अब कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने इस्तीफे की पेशकश की है।
केके मिश्रा ने कहा है कि वह बीते कई सालों से पार्टी का काम कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के कई पदों का दायित्व निभाया है। उनका कहना है कि अब संगठन में दूसरों को मौका मिलना चाहिए। केके मिश्रा ने अपने इस्तीफे की पेशकश को लेकर कोई ठोक कारण नहीं बताया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ खेमे में अंदर ही अंदर कुछ खिचड़ी पक रही है। सूत्रों की मानें तो भले ही कमलनाथ ने बीजेपी में जाने से मना कर दिया हो, लेकिन आने वाले दिनों में कमलनाथ बीजेपी में शामिल हो सकते है ?
राजनीति जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी के कई नेताओं ने हार का ठिकरा कमलनाथ पर फोड़ा था। इसके अलावा कांग्रेस ने कमलनाथ को हटाकर पटवारी को पार्टी की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसी को लेकर कमलनाथ और उनके खेमे के नेता नाराज हैं। जानकारों का मानना है कि आने वोल दिनों में यानी लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस के कई नेता पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव की तरह हार का मुंह देखना पड़ सकता है।
एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ( Congress ) कमेटी की प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान ने अपने सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया था। नूरी खान पिछले 25 सालों से सीधे कांग्रेस से जुड़ी हुई थी। नूरी ने विधानसभा चुनाव के दौरान उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से टिकट की मांग भी की थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र भेजकर नूरी खान इस्तीफा दे दिया है।
नूरी खान ने इस्तीफा देने के साथ-साथ इस बात का भी जिक्र किया है कि उनकी कुछ ही महीने पहले मेजर सर्जरी हुई है। इस वजह से वे संगठन का दायित्व निभाने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा नूरी खान ने इस बात का भी जिक्र किया है कि वह साल 2024 में लंबे वक्त के लिए धार्मिक यात्रा पर जा रही हैं, इसलिए भी वह संगठन का कार्य नहीं कर पाएंगी। हालांकि, नूरी खान ने कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहने का आश्वासन दिया। नूरी खान के पति असम के मंत्री रह चुके हैं।
जबलपुर मेयर, नूरी खान और अब केके का इस्तीफा
विधानसभा चुनाव हारने के बाद से कांग्रेस से बीजेपी में जाने वाले नेताओं में अधिकतर नेता कमलनाथ खेमे से हैं। बीते दिनों कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले जबलपुर मेयर जगत बहादुर सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। हाल ही में इंदौर कांग्रेस की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री नूरी खान ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। नूरी खान के बाद अब कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने इस्तीफे की पेशकश की है।
केके मिश्रा ने इस्तीफे की यह बताई वजह
केके मिश्रा ने कहा है कि वह बीते कई सालों से पार्टी का काम कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के कई पदों का दायित्व निभाया है। उनका कहना है कि अब संगठन में दूसरों को मौका मिलना चाहिए। केके मिश्रा ने अपने इस्तीफे की पेशकश को लेकर कोई ठोक कारण नहीं बताया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ खेमे में अंदर ही अंदर कुछ खिचड़ी पक रही है। सूत्रों की मानें तो भले ही कमलनाथ ने बीजेपी में जाने से मना कर दिया हो, लेकिन आने वाले दिनों में कमलनाथ बीजेपी में शामिल हो सकते है ?
क्या संगठन से नाराज हैं नेता ?
राजनीति जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी के कई नेताओं ने हार का ठिकरा कमलनाथ पर फोड़ा था। इसके अलावा कांग्रेस ने कमलनाथ को हटाकर पटवारी को पार्टी की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसी को लेकर कमलनाथ और उनके खेमे के नेता नाराज हैं। जानकारों का मानना है कि आने वोल दिनों में यानी लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस के कई नेता पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव की तरह हार का मुंह देखना पड़ सकता है।
एक दिन पहले कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान ने दिया इस्तीफा
एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ( Congress ) कमेटी की प्रदेश उपाध्यक्ष नूरी खान ने अपने सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया था। नूरी खान पिछले 25 सालों से सीधे कांग्रेस से जुड़ी हुई थी। नूरी ने विधानसभा चुनाव के दौरान उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से टिकट की मांग भी की थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र भेजकर नूरी खान इस्तीफा दे दिया है।
ये वजह बताई इस्तीफे की
नूरी खान ने इस्तीफा देने के साथ-साथ इस बात का भी जिक्र किया है कि उनकी कुछ ही महीने पहले मेजर सर्जरी हुई है। इस वजह से वे संगठन का दायित्व निभाने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा नूरी खान ने इस बात का भी जिक्र किया है कि वह साल 2024 में लंबे वक्त के लिए धार्मिक यात्रा पर जा रही हैं, इसलिए भी वह संगठन का कार्य नहीं कर पाएंगी। हालांकि, नूरी खान ने कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहने का आश्वासन दिया। नूरी खान के पति असम के मंत्री रह चुके हैं।
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