महिला सुरक्षा में इंदौर 22वें नंबर पर, TCWI रिपोर्ट जारी

Anjali Dwivedi | Jan 09, 2026, 19:05 IST
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women safety top cities ranking 2025
women safety top cities ranking 2025

अवतार ग्रुप की 2025 रिपोर्ट में इंदौर ने 58वीं से 22वीं रैंक पर छलांग लगाई है। मध्य प्रदेश में इंदौर नंबर वन बना, जबकि बेंगलुरु ने देशभर में टॉप रैंक बना रखी है।

पांच पॉइंट में समझें पूरा मामला

  • महिलाओं के लिए बेहतर शहरों की सूची में इंदौर देश भर में 22वें पायदान पर रहा।
  • करियर के अवसरों और मजबूत इंडस्ट्री सपोर्ट के कारण बेंगलुरु लगातार टॉप पर बना हुआ है।
  • सोशल इन्क्लूजन और पब्लिक सेफ्टी के मामले में चेन्नई देश का सबसे भरोसेमंद शहर बनकर उभरा।
  • 2025 की रिपोर्ट दिखाती है कि अब छोटे शहरों में भी महिलाओं के लिए कार्यक्षेत्र का माहौल सुधर रहा है।
  • दक्षिण भारत के शहर महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा के मामले में उत्तर और मध्य भारत से काफी आगे हैं।
भारत में कामकाजी महिलाओं के लिए कौन सा शहर सबसे बेहतर है? इस सवाल का जवाब हाल ही में आई अवतार ग्रुप की रिपोर्ट टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI) के चौथे संस्करण में मिला है।

अवतार रिपोर्ट के अनुसार, जहां दक्षिण भारत के शहरों का दबदबा कायम है, वहीं मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने महिलाओं के लिए देश का 22वां सबसे बेहतर शहर बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

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सर्वे में मध्य प्रदेश के 7 शहर शामिल

महिलाओं की सुरक्षा (Women Safety) और करियर के मौकों को लेकर हुए एक बड़े सर्वे में इंदौर ने कमाल कर दिया है। 'अवतार ग्रुप' की 2025 की रिपोर्ट में देश के 125 शहरों में से इंदौर को 22वां नंबर मिला है, जो पूरे मध्य प्रदेश में सबसे बेहतर है।

इंदौर की यह तरक्की इसलिए भी खास है, क्योंकि 2022 में यह 58वें नंबर पर था। अब सिर्फ तीन-चार साल में इसने लंबी छलांग लगाकर 22वां स्थान हासिल किया है। प्रदेश के बाकी शहरों की बात करें तो भोपाल 57वें और उज्जैन 59वें नंबर पर रहे।

जबकि जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना इस लिस्ट में काफी पीछे छूट गए। यह रैंकिंग इस आधार पर तय की गई है कि किसी शहर में महिलाओं (कामकाजी महिलाएं) के लिए रहना कितना सुरक्षित है और वहां नौकरी या तरक्की के कितने अच्छे अवसर मौजूद हैं।

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सुरक्षा और करियर का सटीक पैमाना

यह रैंकिंग सिटी इन्क्लूजन स्कोर के आधार पर तय की गई है। इसमें दो मुख्य स्तंभों को देखा गया है। पहला है सोशल इन्क्लूजन स्कोर, जो यह बताता है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा और जीवन की सुगमता कैसी है। दूसरा है इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन स्कोर, जो यह मापता है कि वहां की कंपनियों में महिलाओं को करियर ग्रोथ और बराबरी के मौके कितने मिलते हैं।

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टॉप 10 में शामिल शहर

महिलाओं की सबसे ज्यादा सुरक्षा देने के मामले में दूसरे नंबर पर चेन्नई का नाम है। ये शहर 2024 में भी दूसरे नंबर पर आया था। इस लिस्ट में तीसरे पर पुणे और चौथे नंबर पर हैदराबाद है। मुंबई ने साल 2024 में इस लिस्ट में तीसरा नंबर हासिल किया था। लेकिन 2025 में मुंबई पांचवें नंबर पर आया है। महिला सुरक्षा अभियान

  1. बेंगलुरु
  2. चेन्नई
  3. पुणे
  4. हैदराबाद
  5. मुंबई
  6. गुरुग्राम
  7. कोलकाता
  8. अहमदाबाद
  9. त्रिवेंद्रम
  10. कोयंबटूर
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बेंगलुरु और चेन्नई का रिपोर्ट में जलवा

रिपोर्ट में 125 शहरों का बारीकी से अध्ययन किया गया। बेंगलुरु ने 53.29 के शानदार स्कोर के साथ अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। चेन्नई दूसरे नंबर पर है, जो सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में सबसे आगे रहा। पुणे, हैदराबाद और मुंबई भी टॉप-5 में शामिल हैं। इसी कड़ी में इंदौर ने 22वीं रैंक हासिल की है, जो यह दर्शाता है कि शहर में महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है।

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बड़े शहरों के सामने चुनौतियां और बदलाव

रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहर उद्योगों के मामले में तो बहुत आगे हैं, लेकिन सुरक्षा, रहने के खर्च और मोबिलिटी के मामले में पिछड़ रहे हैं।

मुंबई में नौकरियां बहुत हैं, लेकिन वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और रहने की लागत एक बड़ी चुनौती है। दिलचस्प बात यह है कि 2025 की रैंकिंग में टीयर-2 शहरों की भागीदारी बढ़ी है, जिसका मतलब है कि अब केवल बड़े महानगर ही नहीं, बल्कि छोटे शहर भी वूमेन-फ्रेंडली बन रहे हैं।

दक्षिण भारत बना रोल मॉडल

क्षेत्रीय आधार पर देखा जाए तो दक्षिण भारत सबसे समावेशी क्षेत्र बनकर उभरा है। वहां औसत सोशल इन्क्लूजन स्कोर सबसे अधिक दर्ज किया गया। पश्चिम भारत दूसरे स्थान पर रहा, जबकि मध्य और पूर्वी भारत अभी भी सामाजिक और औद्योगिक समावेशन के मामले में काफी पीछे हैं। यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं के लिए एक फ्रेमवर्क की तरह काम करेगी ताकि शहरों को महिलाओं के लिए और भी बेहतर बनाया जा सके।

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