सूत्र की खबर के बाद राऊ तहसील से तहसीलदार याचना दीक्षित का तबादला
Sanjay Dhiman | Mar 22, 2026, 24:17 IST
Photograph: (the sootr)
सूत्र की खबर के बाद राऊ तहसील से तहसीलदार याचना दीक्षित को हटा दिया गया है। उन्हें भूअभिलेख शाखा इंदौर भेजा गया है। उनके साथ दो अन्य तहसीलदारों के तबादले किए गए है।
इंदौर कलेक्टर ने शनिवार रात तीन तहसीलदारों के तबादले कर दिए है। इनमें राऊ तहसील तहसीलदार याचना दीक्षित का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि जमीन नामांतरण मामले में नाम आने के बाद उनका तबादला किया गया है। उन्हें तहसीलदार राऊ के पद से हटाकर भूअभिलेख शाखा इंदौर भेजा गया है। राऊ तहसील की जिम्मेदारी अपर तहसीलदार राऊ सत्येन्द्र गुर्जर को दी गई है। द सूत्र की खबर के बाद तहसीलदार याचना दीक्षित को हटाया गया है।
तबादला आदेश की जानकारी:
राऊ में पट्टे की जमीन के नामांतरण में उलझीं तहसीलदार, कलेक्टर ने जांच शुरू कराई
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इंदौर की राऊ तहसील में पूर्व में सरकारी पट्टे पर दी गई जमीन के नामांतरण को लेकर तहसीलदार याचना दीक्षित उलझी थीं। यह जमीन मप्र शासन, प्रशासन द्वारा कुछ लोगों को पट्टे पर दी गई थी। बाद में इसमें तत्कालीन अपर कलेक्टर द्वारा 1991 में इसे बेचने की मंजूरी दी गई। इसके बाद जमीन बिक गई।
साल 2021 में भी इस जमीन के नामांतरण का मुद्दा उठा तब तत्कालीन एसडीएम प्रतुल सिन्हा ने इसे मीसल बंदोबस्त सरकारी रिकार्ड में सरकारी बताते हुए खारिज कर दिया था। साथ ही आवेदकों द्वारा अपर कलेक्टर द्वारा जमीन बेचने संबंधी 1991 के आदेश की मूल कापी नहीं पेश करते हुए केवल फोटोकापी दी थी। इन सभी कारणों का हवाला देकर आवेदन निरस्त हो गया था।
इस सर्वे नंबर को लेकर नामांतरण मामले तहसीलदार कोर्ट में लगी। पहले इसे खारिज कर दिया गया, क्योंकि पटवारी की रिपोर्ट थी कि जमीन मिसल बंदोबस्त में सरकारी है। इसके बाद इसमें आवेदक ने 35(3) के तहत आवेदन लगाया कि उनका पक्ष सुना नहीं गया।
साथ ही बताया कि अपर कलेक्टर कोर्ट से पहले 1991 में ही बेचने की मंजूरी हो चुकी है और जमीन के पूर्व में भी नामांतरण हो चुके हैं। इसमें राजस्व रिकार्ड में आए अन्य नामों को भी तहसीलदार कोर्ट में बुलाया गया और बयान हुए।
इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने जमीन नामांतरण के आदेश कर दिए। लेकिन इसके बाद इसमें विवाद हुआ और कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के पास शिकायत पहुंची। इसके बाद इसमें जमीन की पूरी रिपोर्ट कलेक्टर ने तलब की है।
तहसीलदार दीक्षित का इस मामले में कहना है कि पहले आवेदन खारिज किया, फिर उन्होंने आवेदन लगाया कि हमारा पक्ष नहीं सुना गया। इसमें पूर्व में ही अपर कलेक्टर का आदेश है और जमीन बिक्री की मंजूरी है। इसके बाद जमीन 14 लोगों के नाम भी चढ़ी और पूर्व में बिक्री और नामांतरण हुए हैं।
सभी के बयान और अपर कलेक्टर आदेश की कापी देखने के बाद ही इसमें नामांतरण की मंजूरी दी। बाद में एसडीएम कोर्ट का 2021 का आदेश संज्ञान में आया, जिस पर नामांतरण आदेश को रिव्यू के लिए अपर कलेक्टर को लिखा है। मेरे आदेश में सभी बातों को विस्तृत लिखा गया है।
याचना दीक्षित देवास की तत्कालीन प्रभारी सहायक आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित की बहन है। हाल ही में मंदाकिनी पर एक शराब ठेकेदार ने रिश्वत के आरोप लगाते हुए सुसाइड कर लिया था। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में जांच चल रही है और हाईकोर्ट में भी केस लगे हुए हैं।
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आदेश से यह हुए प्रभावित
- राकेश श्रीवास्तव – पहले अपर तहसीलदार थे, अब उन्हें तहसीलदार, तहसील सरवट के पद पर नियुक्त किया गया है।
- सत्येंद्र गुर्जर – पहले अपर तहसीलदार राऊ थे, अब उन्हें तहसीलदार, तहसील राऊ के पद पर नियुक्त किया गया है।
- याचना दीक्षित – पहले तहसीलदार राऊ, अब उन्हें तहसीलदार राऊ के पद पर भेजा गया है।
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यह था पूरा मामला
साल 2021 में भी इस जमीन के नामांतरण का मुद्दा उठा तब तत्कालीन एसडीएम प्रतुल सिन्हा ने इसे मीसल बंदोबस्त सरकारी रिकार्ड में सरकारी बताते हुए खारिज कर दिया था। साथ ही आवेदकों द्वारा अपर कलेक्टर द्वारा जमीन बेचने संबंधी 1991 के आदेश की मूल कापी नहीं पेश करते हुए केवल फोटोकापी दी थी। इन सभी कारणों का हवाला देकर आवेदन निरस्त हो गया था।
पहले तहसीलदार ने खारिज कर दिया
साथ ही बताया कि अपर कलेक्टर कोर्ट से पहले 1991 में ही बेचने की मंजूरी हो चुकी है और जमीन के पूर्व में भी नामांतरण हो चुके हैं। इसमें राजस्व रिकार्ड में आए अन्य नामों को भी तहसीलदार कोर्ट में बुलाया गया और बयान हुए।
इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने जमीन नामांतरण के आदेश कर दिए। लेकिन इसके बाद इसमें विवाद हुआ और कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के पास शिकायत पहुंची। इसके बाद इसमें जमीन की पूरी रिपोर्ट कलेक्टर ने तलब की है।
तहसीलदार ने यह कहा
सभी के बयान और अपर कलेक्टर आदेश की कापी देखने के बाद ही इसमें नामांतरण की मंजूरी दी। बाद में एसडीएम कोर्ट का 2021 का आदेश संज्ञान में आया, जिस पर नामांतरण आदेश को रिव्यू के लिए अपर कलेक्टर को लिखा है। मेरे आदेश में सभी बातों को विस्तृत लिखा गया है।
आबकारी अधिकारी दीक्षित की बहन है याचना
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