राजस्थान में पतंगबाजी पर 4 घंटे का बैन; चाइनीज, मेटल और ग्लास से बने मांझे से नहीं उड़ा सकेंगे पतंग, कलेक्टरों काे एडवाइजरी जारी
BP Shrivastava | Jan 10, 2024, 24:00 IST
राजस्थान में पतंगबाजी पर 4 घंटे का बैन; चाइनीज, मेटल और ग्लास से बने मांझे से नहीं उड़ा सकेंगे पतंग, कलेक्टरों काे एडवाइजरी जारी
राजस्थान में मकर संक्राति और दूसरे मौकों पर अब सुबह 2 घंटे और शाम को 2 घंटे ( कुल 4 घंटे ) पतंगबाजी पर रोक लगा दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर गृह विभाग ने कलेक्टरों को एडवाइजरी जारी की है।
JAIPUR. राजस्थान में मकर संक्राति और दूसरे मौकों पर अब सुबह 2 घंटे और शाम को 2 घंटे ( कुल 4 घंटे ) पतंगबाजी पर रोक लगा दी गई है। पतंगबाज सुबह 6 से 8 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक पतंग नहीं उड़ा सकेंगे। इसके अलावा पतंगबाजी में चाइनीज मांझा, प्लास्टिक, सिंथेटिक मांझा और जहरीले मेटल से बने मांझे पर पूरी तरह से बैन रहेगा। गृह विभाग ने इसके लिए सभी कलेक्टरों को एडवाइजरी जारी की है।
गृह विभाग के कलेक्टरों को निर्देश
गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सुबह-शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने और चाइनीज, प्लास्टिक और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते धारा 144 के प्रावधानों केतहत सुबह-शाम पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने को कहा गया है। इस अलावा चाइनीज मांझे और प्लास्टिक या मेटल से बने मांझे को बनाने, बेचने से लेकर स्टोरेज करने तक पर पूरी तरह से बैन है।
हाईकोर्ट ने 2012 में दिए थे आदेश, उसके बाद हर साल एडवाइजरी
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुबह-शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने के साथ चाइनीज मांझे पर रोक के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में पर्यावरण विभाग ने भी 2012 में आदेश जारी कर चाइनीज, सिंथेटिक मांझे और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हर साल गृह विभाग एडवाइजरी जारी करता है। मकर संक्रांति के मौके पर प्रदेश भर में पतंगबाजी होती है। चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से पक्षियों के अलावा बाइक सवारों के जीवन को भी कई बार गंभीर खतरा होता है। चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से कई बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में पक्षी भी घायल होते हैं।
इसलिए दिए आदेश
गृह विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी कहा गया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम को 5 से 7 बजे के समय पक्षियों के घोसलों से उड़ने और लौटने का समय होता है और इसी समय आमजन के काम पर जाने और आने का समय होता है। इससे पतंगबाजी में चाइनीज और जहरीले पदार्थ से बने मांझे से पक्षियों और मानव जीवन के लिए संकट उत्पन्न होता है। इसलिए इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टरों और पुलिस कमिश्नरों को आदेश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कब किए थे आदेश
गृह विभाग ने स्वायत्त शासन विभाग के 26 दिसंबर 2017 के जारी आदेशों को देखते हुए यह एडवाइजरी जारी की है। हाईकोर्ट ने भी महेश अग्रवाल बनाम राज्य सरकार की याचिका पर 22 अगस्त 2012 को आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुबह 6 से 8 और शाम को 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी पर रोक लगाई थी। साथ ही चाइनीज मांझे एवं अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे को प्रतिबंधित किया था।
गृह विभाग के कलेक्टरों को निर्देश
गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सुबह-शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने और चाइनीज, प्लास्टिक और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते धारा 144 के प्रावधानों केतहत सुबह-शाम पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने को कहा गया है। इस अलावा चाइनीज मांझे और प्लास्टिक या मेटल से बने मांझे को बनाने, बेचने से लेकर स्टोरेज करने तक पर पूरी तरह से बैन है।
हाईकोर्ट ने 2012 में दिए थे आदेश, उसके बाद हर साल एडवाइजरी
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुबह-शाम पतंगबाजी पर रोक लगाने के साथ चाइनीज मांझे पर रोक के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में पर्यावरण विभाग ने भी 2012 में आदेश जारी कर चाइनीज, सिंथेटिक मांझे और मेटल से बने मांझे पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हर साल गृह विभाग एडवाइजरी जारी करता है। मकर संक्रांति के मौके पर प्रदेश भर में पतंगबाजी होती है। चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से पक्षियों के अलावा बाइक सवारों के जीवन को भी कई बार गंभीर खतरा होता है। चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से कई बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में पक्षी भी घायल होते हैं।
इसलिए दिए आदेश
गृह विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी कहा गया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम को 5 से 7 बजे के समय पक्षियों के घोसलों से उड़ने और लौटने का समय होता है और इसी समय आमजन के काम पर जाने और आने का समय होता है। इससे पतंगबाजी में चाइनीज और जहरीले पदार्थ से बने मांझे से पक्षियों और मानव जीवन के लिए संकट उत्पन्न होता है। इसलिए इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टरों और पुलिस कमिश्नरों को आदेश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कब किए थे आदेश
गृह विभाग ने स्वायत्त शासन विभाग के 26 दिसंबर 2017 के जारी आदेशों को देखते हुए यह एडवाइजरी जारी की है। हाईकोर्ट ने भी महेश अग्रवाल बनाम राज्य सरकार की याचिका पर 22 अगस्त 2012 को आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुबह 6 से 8 और शाम को 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी पर रोक लगाई थी। साथ ही चाइनीज मांझे एवं अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे को प्रतिबंधित किया था।
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