अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस : SC का नोटिस, असीमानंद सहित 7 के बरी होने पर सरकार से मांगा जवाब
Amit Baijnath Garg | Nov 05, 2025, 20:11 IST
Photograph: (the sootr)
अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस देते हुए स्वामी असीमानंद सहित 7 लोगों के बरी होने पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है। ब्लास्ट में तीन लोगों की मौत हुई थी और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे।
Ajmer. राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह में 18 साल पहले हुए बम विस्फोट मामले में बरी किए गए स्वामी असीमानंद सहित 7 आरोपियों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अजमेर की पुलिस चौकी में शराब पार्टी : एएसआई को किया निलम्बित , आईजी की टीम ने की कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दरगाह कमेटी के सदस्य सैयद सरवर चिश्ती द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर दिया है। याचिकाकर्ता चिश्ती ने आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि एनआईए कोर्ट का निर्णय और उसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा अपील खारिज करना न्याय में गंभीर त्रुटि है। इस मामले की सुनवाई की जाए।
आरएएस 2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित, अजमेर के तीन कैंडिडेट मैरिट में पहले तीन स्थान पर
एनआईए विशेष अदालत ने बम विस्फोट मामले में 8 मार्च, 2017 को स्वामी असीमानंद सहित 7 आरोपियों को बरी कर दिया था। मामले में सबूत नहीं पाए जाने पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
अजमेर में रेलवे कर्मचारी के साथ साइबर ठगी, फर्जी एप को जरिया बनाया और 26 लाख रुपए का निवेश कराया
कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान : अजमेर से कोटा तक फिर सामने आई गुटबाजी
सुप्रीम कोर्ट में चिश्ती द्वारा स्पेशल लीव पिटीशन दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतना गंभीर मामला सिर्फ देरी की वजह से खारिज नहीं किया जा सकता और दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद सरकार को स्पष्टीकरण देना होगा और मामला फिर से कानूनी गति पकड़ सकता है। साथ ही बरी हुए स्वामी असीमानंद समेत सात आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
टेंपो चालक के खाते में आए 2.58 करोड़ रुपए, यूपी पुलिस के अजमेर आने के बाद सामने आई सच्चाई
11 अक्टूबर, 2007 की शाम अजमेर दरगाह में हुए ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए थे। यह घटना देश को हिला देने वाली आतंकी वारदातों में से एक है। स्वामी असीमानंद समेत 7 जनों को अरेस्ट किया।
साथ ही इनके खिलाफ चालान पेश किया गया। हालांकि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर आरोप साबित करने में विफल रहा। ऐसे में सभी आरोपियों को बरी करने के आदेश कोर्ट ने सुनाए।
अजमेर की पुलिस चौकी में शराब पार्टी : एएसआई को किया निलम्बित , आईजी की टीम ने की कार्रवाई
स्पेशल लीव पिटीशन दायर
आरएएस 2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित, अजमेर के तीन कैंडिडेट मैरिट में पहले तीन स्थान पर
एनआईए की अदालत ने किया था बरी
अजमेर में रेलवे कर्मचारी के साथ साइबर ठगी, फर्जी एप को जरिया बनाया और 26 लाख रुपए का निवेश कराया
हाई कोर्ट में देरी से चुनौती एनआईए की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अपील राजस्थान हाई कोर्ट में दायर की गई थी, मगर हाई कोर्ट ने इसे 1135 दिन की देरी बताते हुए खारिज कर दिया था। इसी आदेश को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका
सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद सरकार को स्पष्टीकरण देना होगा और मामला फिर से कानूनी गति पकड़ सकता है। साथ ही बरी हुए स्वामी असीमानंद समेत सात आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
टेंपो चालक के खाते में आए 2.58 करोड़ रुपए, यूपी पुलिस के अजमेर आने के बाद सामने आई सच्चाई
18 साल पुरानी दर्दनाक घटना
साथ ही इनके खिलाफ चालान पेश किया गया। हालांकि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर आरोप साबित करने में विफल रहा। ऐसे में सभी आरोपियों को बरी करने के आदेश कोर्ट ने सुनाए।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari