CJP क्यों भाजपा शासित राज्यों में जाती है, जानिए क्या कहा आशुतोष रांका ने
Ashish Bhardwaj | Aug 22, 2026, 16:42 IST
आशुतोष रांका
राजस्थान के जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद मामला तूल पकड़ गया। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भाजपा पर आरोप लगाए और 'स्कूल ठीक करो' अभियान जारी रखने की बात कही।
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर स्कूल निरीक्षण विवाद के बाद CJP ने भाजपा पर निशाना साधा।
- आशुतोष रांका ने हमले के आरोपों पर जवाब दिया।
- CJP ने कहा, स्कूल सुधार अभियान जारी रहेगा।
- रांका बोले, अपने गृह क्षेत्र से अभियान की शुरुआत की।
- स्कूलों की बदहाली और राजनीति पर विवाद तेज हुआ।
हमले के बाद बढ़ा विवाद
इसी बीच एक नया सवाल भी सामने आया। लोगों ने पूछा कि CJP सिर्फ उन्हीं राज्यों में स्कूलों का निरीक्षण करने क्यों जाती है, जहां भाजपा की सरकार है।
बीजेपी राज्यों में ही क्यों जाती है CJP
जवाब में आशुतोष ने कहा कि उनका जन्म जयपुर में हुआ है, इसलिए वे अपने घर से शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के हिंगोली से आते हैं, इसलिए उन्होंने वहां से स्कूल ठीक करो अभियान चलाया। उनके मुताबिक सौरव दिल्ली से हैं, इसलिए वे वहां से अभियान शुरू करते हैं।
रांका का भाजपा पर सीधा आरोप
रांका ने यह भी कहा कि CJP लगातार टूटे और बंद पड़े स्कूलों का मुद्दा उठा रही है। उनके मुताबिक असुरक्षित कक्षाओं का सवाल भी पार्टी लगातार उठाती रही है। लेकिन इन सवालों पर भाजपा का कोई नेता जवाब देने को तैयार नहीं है, ऐसा रांका का कहना है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे हमलावरों को भाजपा के गुंडे कह रहे हैं, तो रांका ने कहा कि वे बिना आधार के कोई बात नहीं करते। उनका दावा है कि उन्होंने इस बारे में तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। रांका के मुताबिक लोगों को खुद उन तस्वीरों के आधार पर संबंधित लोगों के राजनीतिक जुड़ाव की जांच करनी चाहिए।
भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह आरोप फिलहाल पूरी तरह असत्यापित है।
अभियान जारी रहेगा, रांका का ऐलान
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। रांका के मुताबिक बच्चों को बेहतर और सुरक्षित स्कूल देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि CJP जमीनी स्तर पर जाकर स्कूलों की स्थिति का जायजा लेती रहेगी।
विवाद के बीच खड़े सवाल
फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क सामने आए हैं। असली मुद्दा सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और बच्चों की सुरक्षित शिक्षा का बना हुआ है।
ये खबर भी पढे़:-
सीकर में रिश्वत लेते 4 यूपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कार में जगह-जगह छुपाए थे पैसे
मिशन मोड़ में भाजपा, निकाय चुनाव में सीनियर नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
कंवरपुरा स्कूल विवाद: CJP और गांव वालों की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज, पुलिस जांच शुरू
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By Umeshwari Baghel
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर
By Sanjay Gupta