एशियन गेम्स: जालोर की माहेश्वरी ने बढ़ाया राजस्थान का गौरव, जीता कांस्य पदक
Jageshwar prasad | Sept 24, 2026, 10:26 IST
एशियन गेम्स 2026: माहेश्वरी चौहान ने जीता पहला पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला स्कीट टीम ने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता। माहेश्वरी चौहान, रायजा ढिल्लों और परिनाज ढालीवाल ने कुल 331 स्कोर कर तीसरा स्थान हासिल किया। चीन को गोल्ड और कजाकिस्तान को सिल्वर मिला। राजस्थान
समझें क्या है पूरा मामला
- एशियन गेम्स 2026 में भारत को ब्रॉन्ज।
- महिला स्कीट टीम ने रचा इतिहास।
- माहेश्वरी चौहान ने जीता पहला पदक।
- रायजा और परिनाज के साथ 331 स्कोर।
- शूटिंग में भारत के खाते में 7वां मेडल।
आइची-नगोया एशियन गेम्स 2026 में यह पदक भारत को मिला। महिला स्कीट टीम स्पर्धा में माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। तीनों ने मिलकर कांस्य पदक हासिल किया।
कैसे मिला कांस्य पदक
इस स्पर्धा में चीन ने 357 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान की टीम 336 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया।
तीनों निशानेबाजों का योगदान
भारतीय महिला स्कीट टीम के प्रदर्शन में तीनों निशानेबाजों की अहम भूमिका रही। इस पदक के साथ भारतीय निशानेबाजी टीम ने एशियन गेम्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
पदक के बाद जश्न का माहौल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एक्स पर पोस्ट करके बधाई दी। उन्होंने तीनों निशानेबाजों को शुभकामनाएं दीं। राज्य सरकार ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।
#AsianGames2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतने पर परिनाज धालीवाल, रायजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान को हार्दिक बधाई!
पांच राउंड के कड़े मुकाबले में कुल 331 अंकों के उत्कृष्ट स्कोर के साथ पदक तालिका में भारत का गौरव बढ़ाने वाली… pic.twitter.com/e7yKQH1OyF
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 23, 2026
देश के नेताओं ने दी बधाई
पीएम ने कहा कि उनके फोकस, सटीकता और टीमवर्क ने भारतीय खेलों के लिए एक और गर्व का पल दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों के भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। उपराष्ट्रपति ने पुरुष स्कीट टीम को भी बधाई दी।
Congratulations to Parinaaz Dhaliwal, Maheshwari Chauhan and Raiza Dhillon on winning the Bronze Medal in the Women’s Skeet Team event.
Their focus, precision and teamwork have brought another proud moment for Indian sports. Best wishes to them for their upcoming endeavours: PM…
— PMO India (@PMOIndia) September 23, 2026
सियाणा से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
परिवार में निशानेबाजी को लेकर रुचि थी। उनके दादाजी गणपत सिंह सियाणा से प्रोत्साहन मिला। इससे उनके खेल करियर को आगे बढ़ाने में मदद मिली। माहेश्वरी ने किशोरावस्था में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व शुरू कर दिया था।
पढ़ाई और शूटिंग साथ-साथ
माहेश्वरी को बचपन से ही पढ़ाई के साथ शूटिंग का शौक था। उनके पिता प्रदीप सिंह ने सियाणा से 6 किमी दूर आकोली रोड पर 18 बीघा जमीन में बेटी के लिए शूटिंग रेंज बनवा दी। उनके दादा गणपत सिंह और पिता प्रदीप सिंह भी नेशनल खेल चुके हैं।
पेरिस ओलंपिक में एक अंक से चूकी
कांस्य पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन के खिलाफ 43-44 से हार मिली थी। मुकाबला सिर्फ एक अंक के अंतर से खत्म हुआ। भारत ओलंपिक पदक से चूक गया। हालांकि इस निराशा के बाद माहेश्वरी ने तैयारी जारी रखी।
पहले भी जीत चुकी हैं पदक
वर्ष 2024 की एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते वे भारत की प्रमुख महिला स्कीट निशानेबाजों में शामिल हैं। अब एशियन गेम्स का कांस्य पदक उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
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