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Photograph: (the sootr)
Jaipur. राजस्थान में एक बार फिर से बाड़मेर और बालोतरा जिलों का भूगोल बदल दिया गया है। इस बदलाव के चलते बायतु और गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्रों की सीमा भी बदल गई हैं। राज्य सरकार ने 31 दिसंबर की आधी रात को इस आदेश को लागू किया, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई।
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बायतु और गुड़ामालानी का सीमा परिवर्तन
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, बायतु विधानसभा अब फिर से बाड़मेर जिले में शामिल कर दी गई है, जबकि गुड़ामालानी विधानसभा बालोतरा जिले में चली गई है। इस बदलाव से पहले बायतु विधानसभा, बालोतरा जिले का हिस्सा थी, जब बालोतरा को नया जिला बनाया गया था। अब यह क्षेत्र फिर से अपने पुराने जिले में वापस लौट आया है।
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बाड़मेर-बालोतरा जिले की फिर बदली सीमा
इस सीमांकन परिवर्तन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बालोतरा को नया जिला बनाए जाने के बाद, बायतु विधानसभा का स्थान बदलकर बालोतरा में चला गया था। लेकिन अब इसे फिर से बाड़मेर में शामिल किया गया है, जिससे बायतु विधानसभा के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं में हलचल मच गई है। इस परिवर्तन के तहत बायतु विधानसभा को दो हिस्सों में बांट दिया गया है।
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गुड़ामालानी विधानसभा में भी बदलाव
गुड़ामालानी विधानसभा के कुछ हिस्सों में भी बदलाव किया गया है। अब गुड़ामालानी विधानसभा के नोखड़ा तहसील और पंचायत समिति के कुछ क्षेत्रों, जैसे आड़ेल और मागता को भी बाड़मेर जिले में शामिल कर लिया गया है। इससे बाड़मेर जिले का विस्तार हुआ है और गुड़ामालानी विधानसभा का एक बड़ा हिस्सा बालोतरा जिले में आ गया है।
बालोतरा जिले का विस्तार
बालोतरा जिले का अब नया विस्तार किया गया है। पहले बालोतरा जिला पायला कला तक सीमित था, लेकिन अब सिणधरी उपखंड, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना का इलाका भी इसमें शामिल हो गया है। इससे बालोतरा जिले की सीमा और बढ़ गई है और अब यह बड़ा क्षेत्र कवर करेगा।
कांग्रेस-भाजपा में राजनीतिक खींचतान
इस सीमा निर्धारण पर पुनर्विचार करते हुए भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। कांग्रेस सरकार के तहत किए गए इन बदलावों को भाजपा के अनुकूल नहीं माना गया था। अब जब नए सिरे से सीमांकन की प्रक्रिया के तहत आदेश किए गए हैं, तो यह बदलाव भाजपा के लिए फायदे का सौदा हो सकता है।
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बायतु विधानसभा क्षेत्र का प्रभाव
इस बार सबसे ज्यादा असर बायतु विधानसभा क्षेत्र पर पड़ा है। पहले बायतु विधानसभा बालोतरा जिले में थी, लेकिन अब इसे फिर से बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है। इसके अलावा बायतु विधानसभा को दो हिस्सों में बांट दिया गया है, जिससे इस क्षेत्र के नेताओं और नागरिकों में उत्सुकता है कि यह बदलाव किस तरह से उनके भविष्य को प्रभावित करेगा।
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मुख्य बिंदू :
- राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर को बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाएं फिर से निर्धारित की हैं।
- बायतु विधानसभा को बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल किया गया है।
- बायतु विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। पहले यह बालोतरा जिले में था, लेकिन अब इसे बाड़मेर जिले में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही बायतु को दो हिस्सों में बांट दिया गया है।
- पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए इन बदलावों को भाजपा ने अपने अनुकूल नहीं माना गया था, क्योंकि पहले की सीमांकन प्रक्रिया में भाजपा को नुकसान हुआ था। अब भाजपा इसे अपने पक्ष में बदलाव मान सकती है।
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