/sootr/media/media_files/2026/01/15/barav-bataliyan-2026-01-15-16-05-58.jpeg)
Photograph: (The Sootr)
News In Short
- भैरव बटालियन का गठन भारतीय सेना ने 2025 में किया था।
- इस बटालियन का उद्देश्य तुरंत सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहना और महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लेना है।
- भैरव बटालियन में प्रत्येक बटालियन में लगभग 250 सैनिक होते हैं।
- इस बटालियन को राजस्थान, जम्मू, लद्दाख, और पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाता है।
- यह बटालियन 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी।
News In Detail
जयपुर में 15 जनवरी को सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना ने अपनी सैन्य क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ष यह परेड पहली बार दिल्ली छावनी के बाहर आयोजित की गई। इस अवसर पर भारतीय सेना की विभिन्न टुकड़ियों ने अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए मार्च पास्ट किया, जिसकी सलामी भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली। इस परेड का एक मुख्य आकर्षण भैरव बटालियन रही, जो भारतीय सेना की एक नई टुकड़ी है और पहली बार इसके जवानों ने सेना दिवस पर परेड में हिस्सा लिया।
भैरव बटालियन: भारतीय सेना की नई ताकत
भैरव बटालियन भारतीय सेना की एक नई श्रेणी है, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। भारतीय सेना ने 2025 में अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए तीन नई टुकड़ियों का गठन किया था, जिनमें से भैरव बटालियन भी एक है। यह बटालियन विशेष रूप से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की जा रही है, जहां त्वरित और प्रभावी सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
भारतीय सेना दिवस: शौर्य को नमन, सेवा को सलाम | जयपुर में जश्न से आमजन में उत्साह
— Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) January 15, 2026
#JaiHind#IndianArmyDay#DutyAboveAll#Rajasthan#Jaipur
#ArmyDay2026#RajasthanPolice#ServiceAndSecuritypic.twitter.com/H0qDjbX2Rv
बटालियन की संरचना
भैरव बटालियन की प्रत्येक बटालियन में लगभग 250 सैनिक होते हैं, जो सेना की इन्फ्रैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, और अन्य सहयोगी टुकड़ियों के सैनिक होते हैं। अब तक लगभग 15 बटालियन तैयार हो चुकी हैं और भारतीय सेना की योजना 25 ऐसी बटालियनों के गठन की है।
भैरव बटालियन की तैनाती
भैरव बटालियन को विशेष रूप से राजस्थान, जम्मू, लद्दाख, और पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। इन बटालियनों को अत्यधिक महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लेने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जहां परिस्थितियों के अनुसार तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
बटालियन का उद्देश्य
भैरव बटालियन का नाम भगवान शिव के रौद्र रूप पर रखा गया है, और इसका आदर्श वाक्य है - "अभयम् भैरव", जिसका अर्थ है निर्भीक रक्षक। यह बटालियन स्पेशल फोर्सेज़ के साथ मिलकर महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लेगी, ताकि स्पेशल फोर्सेज़ को सुरक्षित रखा जा सके।
भैरव बटालियन का "लड़ो आज रात"
भैरव बटालियन का विशेष उद्देश्य है कि यह "लड़ो आज रात" के लिए तैयार रहे, यानी त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रहना है। बटालियन के जवान "राजा रामचंद्र की जय" और "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" जैसे पारंपरिक नारे भी लगाते हैं, जो उनकी वीरता और देशभक्ति को दर्शाते हैं।
भैरव बटालियन की पहली परेड
भैरव बटालियन इस वर्ष 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी। इस दिन, बटालियन के जवान कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी देते हुए नजर आएंगे, जो एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
ये खबरे भी पढ़े:
RPSC ने पूछा, गांधीजी की दांडी यात्रा में कौन सा वाद्य यंत्र बजाया था, सोशल मीडिया पर आए मजेदार जवाब
जोधपुर में मालाणी डेयरी पर आयकर छापा, यूपी से फ्लाइट में आई अधिकारियों की टीम
पहली बार जयपुर में सेना दिवस परेड, जमीन से आसमान तक दिखा शौर्य
हनुमान बेनीवाल का 'जयपुर कूच' रास्ते में रुका, 2000 गाड़ियों के काफिले के साथ आ रहे थे राजधानी
मकर संक्रांति पर जयपुर में यहां नहीं उड़ सकेंगी पतंग, जानिए क्या है 5 किमी दायरे वाला नियम
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us