10 दिन में 3 ने की आत्महत्या और 3 अन्य ने किया प्रयास, वजह अभी भी रहस्य

Jageshwar prasad | Jun 15, 2026, 13:28 IST
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झालावाड़ की भीमनगर कॉलोनी में 10 दिनों में तीन लोगों की मौत
झालावाड़ की भीमनगर कॉलोनी में 10 दिनों में तीन लोगों की मौत

राजस्थान के झालावाड़ की भवानीमंडी की भीमनगर कॉलोनी में 27 मई से 6 जून के बीच 10 दिनों में 3 मौतें और 3 आत्महत्या के प्रयास हुए। कुल 6000 लोगों की मजदूर बस्ती में गरीबी, नशा और मानसिक तनाव सवालों के घेरे में।

समझें क्या है पूरा मामला

  • झालावाड़ की भीमनगर कॉलोनी में 10 दिनों में तीन लोगों की आत्महत्या।
  • तीन के आत्महत्या के अलावा अन्य तीन ने किया प्रयास।
  • सभी मृतक मजदूर परिवारों से थे, उम्र 24 से 55 वर्ष के बीच।
  • परिजनों के अनुसार मौत से पहले कोई बड़ा विवाद या परेशानी नहीं।
  • पुलिस तक सिर्फ दो मामलों की सूचना पहुंची, बाकी की जानकारी नहीं।
राजस्थान के झालावाड़ जिले की भवानीमंडी में RTM मिल के सामने बसी भीमनगर कॉलोनी इन दिनों एक अनजाने भय के साए में है। 27 मई से 6 जून के बीच महज 10 दिनों में यहां तीन लोगों ने आत्महत्या की और तीन अन्य ने ऐसा ही प्रयास किया।

करीब 6 हजार की आबादी और एक हजार मकानों वाली इस मजदूर बस्ती को इन छह घटनाओं ने झकझोर दिया है। परिवारों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। पड़ोसियों के पास कोई साझा कड़ी नहीं मिली। और पुलिस तक सिर्फ दो मामले ही पहुंचे।

तीन मौतें, तीन अलग-अलग कहानियां

27 मई से 6 जून के बीच जो तीन मौतें हुईं उनमें से एक 55 वर्षीय हम्माल थे। उनके बेटे का कहना है कि परिवार में कोई बड़ा विवाद या परेशानी नहीं थी।

44 वर्षीय विनोद उर्फ सोनू विश्वकर्मा का परिवार नया मकान खरीदकर शिफ्टिंग की तैयारी कर रहा था। उनके पिता सत्यनारायण ने बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले तक बेटे से सामान्य बातचीत हुई थी।

24 वर्षीय नंदकिशोर सुमन मजदूरी कर परिवार का सहारा था। मां बद्रीबाई के अनुसार घटना वाले दिन भी उसका व्यवहार पूरी तरह सामान्य था।

तीन बचे, समय पर दिखाई सजगता

इसी अवधि में तीन अन्य लोगों ने भी आत्महत्या का प्रयास किया। एक मामले में भतीजी की सतर्कता काम आई। दो अन्य मामलों में परिजनों ने समय पर हस्तक्षेप किया। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं, लेकिन इतने कम समय में छह मामले पहली बार आए।

क्या कोई साझा कड़ी है?

तीनों मृतक कॉलोनी के अलग-अलग हिस्सों में रहते थे। नंदकिशोर और 55 वर्षीय मृतक आपस में रिश्तेदार जरूर थे लेकिन लंबे समय से दोनों परिवारों में बोलचाल नहीं थी।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि छहों व्यक्ति किसी एक समूह का हिस्सा नहीं थे। इसीलिए इन घटनाओं के पीछे अभी कोई सीधा संबंध नहीं मिल पाया है।

गरीबी और नशे का साया

भीमनगर मुख्य रूप से मजदूरों की बस्ती है। अधिकांश लोग टेक्सटाइल मिल, मंडी और निर्माण कार्यों में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। सभी प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई गई है।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कॉलोनी में शराब, गांजा और नशीली गोलियों का चलन भी बढ़ा है। उनका मानना है कि इस पर गंभीर सामाजिक पहल की जरूरत है।

मनोचिकित्सकों के अनुसार इस तरह की घटनाओं के पीछे अक्सर कई कारण एक साथ काम करते हैं। तनाव, आर्थिक दबाव, सामाजिक परिस्थितियां और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं एक साथ मिलकर विकट स्थिति बना सकती हैं।

पुलिस तक पहुंचे सिर्फ दो मामले

भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद शर्मा के अनुसार छह घटनाओं में से केवल दो मामलों की जानकारी पुलिस तक पहुंची। दोनों मामलों में परिजनों ने आगे कार्रवाई नहीं चाही। बाकी चार घटनाएं पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सकीं।

FAQ

  1. भवानीमंडी की भीमनगर कॉलोनी में क्या हुआ?
    27 मई से 6 जून 2026 के बीच महज 10 दिनों में इस मजदूर बस्ती में तीन लोगों ने आत्महत्या की और तीन अन्य ने आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों और पड़ोसियों के पास कोई स्पष्ट कारण नहीं है।
  2. आत्महत्या की घटनाओं के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
    विशेषज्ञों के अनुसार आर्थिक दबाव, बढ़ता नशा और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी इन घटनाओं के संभावित कारण हो सकते हैं। कॉलोनी में अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूर हैं और नशे का चलन बढ़ा है।
  3. क्या भवानीमंडी के आत्महत्या के मामलों में पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
    छह में से केवल दो मामले पुलिस तक पहुंचे। दोनों में परिजनों ने आगे कार्रवाई नहीं चाही। बाकी घटनाएं पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुईं।

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