सचिन पायलट को बहरूपिया और भगोड़ा बताकर फंसे भाजपा प्रभारी, विवाद बढ़ा तो फिर आए बैकफुट पर

Jageshwar prasad | Apr 27, 2026, 18:45 IST
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Ashish Bhardwaj (88)
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट को बहुरूपिया और भगोड़ा बताया। बाद में विवाद बढ़ने पर अग्रवाल सफाई देते दिखे। गहलोत ने भी इस मामले पर अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

News In Short

  • भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन ने सचिन पायलट को बहरूपिया और भगोड़ा बताया।
  • राधामोहन ने यह विवादित टिप्पणी टोंक में भाजपा के कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में की।
  • यह कार्यक्रम भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में हुआ।
  • गहलोत ने राधामोहन के बयान पर ​कहा कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में।
  • बाद में राधामोहन ने सफाई दी कि पायलट हमारे मित्र, कोई व्यक्तिगत बैर नहीं।

News In Detail

Tonk: राजस्थान की सियासत में फिर बयानों के तीखे तीर चलने लगे हैं। टोंक में भाजपा के पार्टी कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर की गई विवादित टिप्पणी ने राजनीतिक पारे को चढ़ा दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख भाजपा प्रभारी ने यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर अपनी रणनीति से भाजपा को घेर लिया।

​भाजपा प्रभारी का 'बहरूपिया' वाला बयान

दरअसल, ​टोंक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में भाजपा के जिला कार्यालय के उद्घाटन का कार्यक्रम था। इस दौरान संबोधन में प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल के बोल बिगड़ गए। उन्होंने स्थानीय विधायक सचिन पायलट को निशाने पर लेते हुए उन्हें बहुरूपिया और भगोड़ा करार दे दिया।

अग्रवाल ने कहा कि आज एक बहरूपिया टोंक का विधायक बन गया। वह टोंक का निवासी भी नहीं, यहां तक कि राजस्थान का भी निवासी नहीं। मैं यूपी से आता है। वहां राजनीति कर सकता हूं, लेकिन राजस्थान में विधायक बनने की सोच नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि मैं यूपी का भगोड़ा नहीं है। पायलट यूपी से भागकर राजस्थान आए और आपने उसे माला पहना दी। उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है और दूसरी पता नहीं कहां रहती है। ​इस बयान के सार्वजनिक होते ही कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। टोंक, जो कि पायलट का निर्वाचन क्षेत्र है, वहां समर्थकों ने इसे अपमान करार दिया।

पायलट को लेकर गहलोत ने क्या कहा?

भाजपा प्रभारी के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिना देरी किए मोर्चा संभाला। गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए अग्रवाल के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, उनकी (पायलट की) दोनों टांगें कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगी। उन्हें अब अनुभव हो गया है कि गुमराह होने के क्या अंजाम होते हैं।

​गहलोत का यह बयान काफी रणनीतिक माना जा रहा है। उन्होंने मानेसर प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग हमारे लोगों को गुमराह करके ले गए थे, अब उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिन पायलट अब समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं। मुझे उम्मीद है कि वह अब पार्टी छोड़कर कभी नहीं जाएंगे और हमारी पूरी पार्टी एकजुट है। गहलोत का यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है, जिसे कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

​विवाद बढ़ा तो राधामोहन दास अग्रवाल का यू-टर्न

​अपने बयान पर घिरने के बाद भाजपा प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल बाद में बैकफुट पर नजर आए। उन्होंने कुछ ही घंटों में अपने बयान पर पूरी तरह यू-टर्न ले लिया। मीडिया से दोबारा बात करते हुए अग्रवाल ने कहा, मैंने उन्हें भगोड़ा नहीं कहा। पायलट हमारे मित्र हैं और मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है।

​सफाई देते हुए अग्रवाल ने खुद को और पायलट को उत्तर प्रदेश से जोड़ते हुए कहा, वह उत्तर प्रदेश के सह-निवासी हैं। हम दोनों मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह खुद 20 साल से यूपी में विधायक रहे हैं, उन्हें राजस्थान में राजनीति करने की जरूरत नहीं है।

विवाद ही छाया रहा

​टोंक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला कार्यालयों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखा गया। राधामोहन दास अग्रवाल ने नितिन नवीन की तुलना 'राजस्थान की नई बहू' से करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के चेहरों पर उत्साह इसका प्रमाण है।

​लेकिन, कार्यक्रम की सफलता के बीच पायलट पर की गई टिप्पणी ने सुर्खियां बटोर लीं, जिससे विकास और संगठन की बातों के बजाय व्यक्तिगत हमलों पर चर्चा केंद्रित हो गई। फिलहाल, भाजपा ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।

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