छात्रसंघ चुनाव में हार का डर : न पहले कांग्रेस ने कराए, ना अब भाजपा कराना चाह रही

Amit Baijnath Garg | Aug 14, 2025, 17:53 IST
Share
election
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में कांग्रेस के बाद अब भाजपा भी छात्रसंघ चुनाव नहीं कराना चाहती है, क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवारों का बढ़ता प्रभाव सियासी गणित को प्रभावित कर रहा है। दोनों दल पिछले कई सालों से हार का सामना कर रहे हैं।

राजस्थान की छात्र राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां ये चुनाव प्रमुख छात्र संगठनों जैसे NSUI (National Students Union of India) और ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के इर्द-गिर्द होते थे, वहीं अब निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा बढ़ रहा है।

यही कारण है कि अब सत्ता में जो भी पार्टी हो, वह छात्रसंघ चुनावों को टालने में अपनी भलाई समझ रही है। भाजपा सरकार ने भी कोर्ट में साफ कर दिया है कि फिलहाल वह चुनाव कराने का इरादा नहीं रखती। इससे छात्रों में नाराजगी फैल गई है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्न उठ रहे हैं।

नहीं होंगे छात्रसंघ चुनाव : डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने कहा-वर्तमान परिस्थितियों में नहीं हो सकते चुनाव

छात्रसंघ चुनाव एक सियासी जोखिम

कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए छात्रसंघ चुनाव अब एक बड़ा सियासी जोखिम बन गए हैं। हार का डर और निर्दलीय उम्मीदवारों का उभार दोनों ही पार्टियों को चुनाव से बचने का कारण बना है। छात्रसंघ चुनाव केवल छात्र प्रतिनिधित्व का मंच नहीं होते, बल्कि ये युवा राजनीति के उभरते नेता तैयार करते हैं। ऐसे में इन चुनावों के परिणाम से सियासी संदेश भी जाता है। इसी वजह से कांग्रेस के बाद अब भाजपा भी इन चुनावों से बचने का रास्ता अपना रही है।

NSUI का जयपुर में प्रदर्शन : सचिन पायलट और कार्यकर्ताओं पर चली वाटर कैनन, छात्रसंघ चुनाव की कर रहे मांग

निर्दलीय उम्मीदवारों का बढ़ता दबदबा हाल के वर्षों में निर्दलीय उम्मीदवार लगातार जीत रहे हैं। NSUI और ABVP कमजोर हो रहे हैं। 2018 के राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में इसका बड़ा उदाहरण देखा गया, जब विनोद जाखड़ ने NSUI से बगावत कर निर्दलीय के रूप में अध्यक्ष पद जीता और आदित्य प्रताप सिंह ने ABVP से बगावत कर महासचिव पद पर कब्जा किया। उस समय चारों प्रमुख पदों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की थी।
छात्रसंघ चुनाव मामला: सरकार ने मांगा समय, हाई कोर्ट ने जवाब पेश करने के लिए दी 10 दिन की मोहलत

2019 में भी निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत

2019 में भी यही कहानी फिर से दोहराई गई। पूजा वर्मा ने NSUI से अलग होकर निर्दलीय के रूप में अध्यक्ष पद जीता, जबकि उपाध्यक्ष और महासचिव पदों पर NSUI का कब्जा रहा। इससे यह साफ हो गया कि अब छात्रसंघ के शीर्ष पद पर पार्टियों का नियंत्रण टूट चुका है और निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।

छात्रसंघ चुनाव की लड़ाई हाई कोर्ट तक पहुंची, कोर्ट ने राजस्थान विश्वविद्यालय को किया तलब

2022 में भी निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत

कोविड-19 के कारण 2020 और 2021 में चुनाव नहीं हो सके थे, लेकिन 2022 में चुनाव हुए तो मुकाबला अब निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच था। निर्मल चौधरी ने निहारिका जोरवाल को हराया, दोनों ही निर्दलीय थे। NSUI और ABVP के आधिकारिक उम्मीदवार तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। उपाध्यक्ष का पद भी निर्दलीय उम्मीदवार अमीषा मीणा ने जीता। इस प्रकार बड़े छात्र संगठनों को किनारे खड़ा होकर चुनाव परिणामों को देखना पड़ा।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, चुनाव कराने की गुहार

अब राजनीतिक जोखिम का विषय

कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए अब छात्रसंघ चुनाव एक राजनीतिक जोखिम बन गए हैं। संगठनात्मक कमजोरियों और लगातार हार के कारण इन दलों की छात्र इकाइयों का ढांचा कमजोर हो चुका है। ऐसे में विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले छात्रसंघ चुनावों में हार सियासी ताकत में गिरावट का संकेत देती है। यही कारण है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में चुनाव नहीं कराए और अब भाजपा भी यही रास्ता अपनाती दिख रही है। पार्टियों की छात्र इकाइयां पहले वैचारिक और चुनावी वर्चस्व रखती थीं, लेकिन अब निर्दलीयों का समर्थन जातीय, स्थानीय और व्यक्तिगत नेटवर्क पर आधारित है, जिसे तोड़ना मुश्किल हो गया है।

FAQ

  1. Q1: राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं हो रहे?
    कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के लिए छात्रसंघ चुनाव अब राजनीतिक जोखिम बन गए हैं। निर्दलीयों के बढ़ते प्रभाव के कारण ये चुनाव सियासी मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।
  2. Q2: निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा क्यों बढ़ा है?
    पिछले कुछ सालों में NSUI और ABVP जैसे संगठनों की पारंपरिक पकड़ कमजोर हुई है, और निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन जातीय और व्यक्तिगत नेटवर्क पर आधारित हो गया है।
  3. Q3: क्या छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र के लिए जरूरी हैं?
    छात्रसंघ चुनाव केवल छात्र प्रतिनिधित्व का मंच नहीं होते, बल्कि ये युवा राजनीति के उभरते नेता तैयार करते हैं, जो बाद में विधानसभा और संसद तक पहुंच सकते हैं।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

Tags:
  • कांग्रेस
  • राजस्थान
  • ABVP
  • अशोक गहलोत
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
  • छात्रसंघ चुनाव
  • भाजपा
  • National Students Union of India
  • NSUI
  • निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा बढ़ रहा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती