राजस्थान में लोग बना रहे मोबाइल से दूरी, टेलीडेंसिटी में 3 प्रतिशत की गिरावट
Nitin Kumar Bhal | Sept 24, 2025, 10:44 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान समेत देशभर में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में कमी के कारण टेलीकॉम कंपनियाँ चिंतित हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट बढ़े हुए टैरिफ और दो सिम रखने में समस्याओं के कारण हो रही है।
राजस्थान में मोबाइल उपभोक्ताओं की घटती संख्या ने टेलीकॉम कंपनियों को चिंता में डाल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। यह स्थिति न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में देखने को मिल रही है। राजस्थान में टेलीडेंसिटी (Tele-density) में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे राज्य में टेलीकॉम कंपनियों के लिए न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, बल्कि उनकी योजना और रणनीतियों को भी नए तरीके से बनाना पड़ा है।
यह खबर भी देखें...
पीएम मोदी राजस्थान और मध्यप्रदेश को कल देंगे सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं
टेलीडेंसिटी का मतलब है कि किसी भी राज्य की जनसंख्या के हिसाब से वहां कितने लोग मोबाइल कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, राजस्थान की टेलीडेंसिटी 80.03 प्रतिशत है, इसका मतलब यह है कि राज्य की 80 प्रतिशत जनसंख्या के पास मोबाइल कनेक्शन है। इसी प्रकार, पूरे देश की टेलीडेंसिटी 86.15 प्रतिशत के आसपास है। पिछले पांच सालों में, राजस्थान की टेलीडेंसिटी में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो कि एक चिंताजनक संकेत है।
यह खबर भी देखें...
प्रिसीपल तबादला सूची : जिन्होंने की गड़बड़ी उन्हें इनाम, उत्कृष्ट को भेजा 450 किमी दूर
इस गिरावट के कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण मोबाइल टैरिफ (Mobile Tariffs) में वृद्धि है। पहले उपभोक्ताओं के पास अलग-अलग कंपनियों के कनेक्शन होते थे ताकि वे अलग-अलग ऑफरों का फायदा उठा सकें, लेकिन अब महंगे पैक और कड़े नियमों के कारण लोग एक ही सिम पर निर्भर हो गए हैं। इस कारण से दो सिम रखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कमी आई है।
इसके अलावा, नेटवर्क समस्याएं और कॉल ड्रॉप्स (Call Drops) भी एक अन्य कारण हैं। मोबाइल ऑपरेटरों का इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर्याप्त रूप से अपग्रेड नहीं हो पाया है, जबकि डेटा उपयोग और उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप, कुछ इलाकों में संसाधनों की कमी हो रही है और उपभोक्ताओं को धीमी इंटरनेट स्पीड का सामना करना पड़ रहा है।
यह गिरावट सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं है। देशभर में विभिन्न राज्यों में टेलीडेंसिटी में गिरावट देखी जा रही है। यहां हम देख सकते हैं कि 2021 और 2025 के बीच कुछ प्रमुख राज्यों में टेलीडेंसिटी में कितनी गिरावट आई है:
यह खबर भी देखें...
राजस्थान कांग्रेस को जल्द मिलेंगे नए जिलाध्यक्ष, संगठन सृजन अभियान शुरू
राजस्थान में 2021 में टेलीडेंसिटी 83.08 प्रतिशत थी, जो 2025 में घटकर 80.03 प्रतिशत हो गई है। यह गिरावट 3 प्रतिशत की है, और राज्य की टेलीडेंसिटी देश के औसत से 6.12 प्रतिशत कम है। यह गिरावट उस समय में हुई है जब देश में औसतन टेलीडेंसिटी 86.15 प्रतिशत थी।
राजस्थान में टेलीडेंसिटी की गिरावट को देखते हुए, अन्य राज्यों की तुलना भी की जा सकती है:
राजस्थान में मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) की समस्याएं बढ़ी हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में कॉल ड्रॉप्स की समस्या अधिक देखी जा रही है। इसके कारण उपभोक्ताओं को नेटवर्क से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, डेटा स्पीड (Data Speed) भी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में सुधार तभी संभव है जब टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करें।
यह खबर भी देखें...
रानीवाड़ा विधायक को पूर्व मंत्री से खतरा! सोशल मीडिया पर लगाए ये आरोप
यह खबर भी देखें...
पीएम मोदी राजस्थान और मध्यप्रदेश को कल देंगे सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं
decline-in-tele-density-rajasthan-telecom-companies
टेलीडेंसिटी क्या है?
यह खबर भी देखें...
प्रिसीपल तबादला सूची : जिन्होंने की गड़बड़ी उन्हें इनाम, उत्कृष्ट को भेजा 450 किमी दूर
decline-in-tele-density-rajasthan-telecom-companies
गिरते टेलीडेंसिटी के कारण
इसके अलावा, नेटवर्क समस्याएं और कॉल ड्रॉप्स (Call Drops) भी एक अन्य कारण हैं। मोबाइल ऑपरेटरों का इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर्याप्त रूप से अपग्रेड नहीं हो पाया है, जबकि डेटा उपयोग और उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप, कुछ इलाकों में संसाधनों की कमी हो रही है और उपभोक्ताओं को धीमी इंटरनेट स्पीड का सामना करना पड़ रहा है।
decline-in-tele-density-rajasthan-telecom-companies
टेलीकॉम कंपनियों को अपनी नेटवर्क क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्हें और अधिक मस्तिष्क समाधान (Intelligent Solutions) लागू करने होंगे, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके। यह टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है, क्योंकि यदि इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उपभोक्ता और भी अधिक परेशान हो सकते हैं और वे दूसरे ऑपरेटरों की ओर रुख कर सकते हैं।
टेलीडेंसिटी में गिरावट की तुलना
प्रमुख राज्यों में टेलीडेंसिटी का आंकड़ा
- उत्तर प्रदेश: 2021 में 69.17 प्रतिशत और 2025 में 66.92 प्रतिशत।
- पंजाब: 2021 में 126.05 प्रतिशत और 2025 में 111.71 प्रतिशत।
- गुजरात: 2021 में 100.17 प्रतिशत और 2025 में 93.25 प्रतिशत।
- पश्चिम बंगाल: 2021 में 85.46 प्रतिशत और 2025 में 81.83 प्रतिशत।
- हरियाणा: 2021 में 96.28 प्रतिशत और 2025 में 88.45 प्रतिशत।
- महाराष्ट्र: 2021 में 108.45 प्रतिशत और 2025 में 103.02 प्रतिशत।
- हिमाचल प्रदेश: 2021 में 148.72 प्रतिशत और 2025 में 120.60 प्रतिशत।
decline-in-tele-density-rajasthan-telecom-companies
राजस्थान कांग्रेस को जल्द मिलेंगे नए जिलाध्यक्ष, संगठन सृजन अभियान शुरू
राजस्थान में टेलीडेंसिटी का आंकड़ा
अन्य राज्यों की तुलना
- हिमाचल प्रदेश: यहां 28.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- पंजाब: यहां 14.34 प्रतिशत की गिरावट आई है।
- केरल: यहां 9.83 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
नेटवर्क समस्या और कॉल ड्रॉप
यह खबर भी देखें...
रानीवाड़ा विधायक को पूर्व मंत्री से खतरा! सोशल मीडिया पर लगाए ये आरोप
भारत में टेलीकॉम इंडस्ट्री क्या है?भारत की टेलीकॉम इंडस्ट्री के प्रमुख पहलू
विकास और चालकों के प्रमुख कारण
प्रमुख कंपनियाँभारत के टेलीकॉम उद्योग में प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं, जैसे:
| |
FAQ
- 1. टेलीडेंसिटी क्या होती है?
टेलीडेंसिटी यह दर्शाती है कि किसी राज्य या देश की जनसंख्या के अनुपात में कितने लोग मोबाइल कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। यह प्रतिशत में मापी जाती है। - 2. राजस्थान में टेलीडेंसिटी में कितनी गिरावट आई है?
राजस्थान में टेलीडेंसिटी 2021 में 83.08 प्रतिशत थी, जो 2025 में घटकर 80.03 प्रतिशत हो गई है। यह 3 प्रतिशत की गिरावट है। - 3. टेलीडेंसिटी में गिरावट के क्या कारण हो सकते हैं?
टेलीडेंसिटी में गिरावट के मुख्य कारण मोबाइल टैरिफ का बढ़ना, नेटवर्क समस्याएं, कॉल ड्रॉप्स, और डेटा स्पीड में कमी हैं। इसके अलावा, दो सिम रखने में आने वाली समस्याओं ने भी इस गिरावट को बढ़ाया है। - 4. क्या केवल राजस्थान में टेलीडेंसिटी में गिरावट हो रही है?
नहीं, पूरे देश में कई राज्यों में टेलीडेंसिटी में गिरावट देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, और केरल में भी टेलीडेंसिटी में कमी आई है। - 5. टेलीडेंसिटी में गिरावट से टेलीकॉम कंपनियों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
इस गिरावट के कारण टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क और सेवाओं में सुधार करने की आवश्यकता है। अगर यह समस्याएं हल नहीं होतीं, तो उपभोक्ताओं का विश्वास टेलीकॉम कंपनियों से कम हो सकता है।
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari