डॉक्टरों का करिश्मा, महज 14 रुपए के इंजेक्शन ने बचाई नवजात की जान

thesootr Desk | Apr 15, 2026, 19:44 IST
Share
Ashish Bhardwaj (10)
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में जयपुर के जेके लोन अस्पताल में डॉक्टरों ने मात्र 14 रुपए के इंजेक्शन से एक नवजात की जान बचाई, जिसे गंभीर संक्रमण और मेटाबॉलिक बीमारी थी। इसके पहले दो बच्चों की इसी बीमारी से मौत हो चुकी थी।

News In Short

  • जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 14 रुपए के इंजेक्शन ने नवजात की जान बचाई।
  • बच्चे के एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट (ANC) की गंभीर स्थिति में सस्ता इलाज हुआ कारगर।
  • इस दुर्लभ बीमारी का पूरा इलाज महज 56 रुपए में हुआ, जिसमें 4 इंजेक्शन शामिल।
  • हाइड्रॉक्सीकोबालामिन इंजेक्शन ने बच्चे का बोन मैरो सक्रिय किया और उसे बचाया।
  • डॉक्टरों ने सही समय पर बीमारी की सही पहचान की और बच्चे की जान बचाई।

News In Detail

Jaipur: कहते हैं कि इंसान की किस्मत में लिखी बातें नहीं बदलतीं, लेकिन जयपुर के सरकारी जेके लोन अस्पताल के डॉक्टरों ने इस कहावत को झूठा साबित कर दिखाया। यह एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसने एक ही दुर्लभ बीमारी की वजह से अपने दो नवजात बच्चों को खो दिया था। जब तीसरा बच्चा पैदा हुआ तो परिवार की धड़कनें थम गईं। डॉक्टरों ने मात्र 14 रुपए के एक इंजेक्शन और कुल मिलाकर 56 रुपए की लागत से उस मासूम की जान बचा ली। यह कहानी न सिर्फ चिकित्सा विज्ञान की ताकत दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कभी-कभी सस्ता इलाज ही बड़ा चमत्कार कर जाता है।

नवजात के शरीर में संक्रमण से लड़ने की ताकत नहीं बची थी

यह मामला 10 मार्च का है। जब परिजन अपने कुछ दिनों के नवजात को लेकर जेके लोन अस्पताल पहुंचे, तो बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। वह लगातार बीमार पड़ रहा था, उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और शरीर में गंभीर संक्रमण फैल चुका था।

परिवार बताता है कि इससे पहले वे बच्चे को एक निजी अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहाँ हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार उम्मीद की आखिरी किरण लेकर वे जेके लोन पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत जांच की।बच्चे का एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट (ANC) यानी शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या मात्र 82 थी।

सामान्य नवजात में यह संख्या 1500 से 7000 के बीच होती है। मेडिकल साइंस के अनुसार, अगर ANC 500 से नीचे गिर जाए तो शरीर संक्रमण के खिलाफ लगभग बेजान हो जाता है। और यहां तो यह 82 था। बच्चे की जान पर बन आई थी।

दो बच्चे पहले ही जा चुके थे

डॉक्टरों ने जब परिजनों से बात की तो पता चला कि इस परिवार के पहले दो बच्चे भी पैदा होने के करीब 40 दिनों के भीतर ही इसी बीमारी से मर चुके थे। लेकिन तब किसी को पता नहीं चल पाया कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। जब तीसरे बच्चे की यही हालत देखी तो परिवार टूट चुका था। उन्हें लगा कि एक बार फिर वही दुःख होगा।

डॉक्टरों ने समझी बिमारी

जेके लोन अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को समझा। मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के प्रभारी डॉ. प्रियांशु माथुर और उनकी टीम ने गहन जांच शुरू की। उन्हें शक था कि यह कोई सामान्य संक्रमण नहीं, बल्कि कोई दुर्लभ मेटाबॉलिक बीमारी है जो विरासत में मिल रही है।

जांच में पता चला कि बच्चे के शरीर में विटामिन B12 को अवशोषित करने वाला एंजाइम ठीक से काम नहीं कर रहा था। इस वजह से बोन मैरो (जहाँ खून बनता है) पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका था। नतीजा न तो पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएँ बन रही थीं, न सफेद। यह एक ऐसी बीमारी है जिसके दुनियाभर में अब तक मात्र 60 मामले ही रिपोर्ट हुए हैं। यानी, यह बेहद दुर्लभ है।

14 रुपए के इंजेक्शन ने बचाई जान

डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। उन्होंने बच्चे को हाइड्रॉक्सीकोबालामिन इंजेक्शन देना शुरू किया। यह एक तरह का विटामिन B12 का इंजेक्शन है, जो शरीर में खून बनाने की प्रक्रिया को सक्रिय करता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इस इंजेक्शन की कीमत सिर्फ 14 रुपए थी। और यह इंजेक्शन हफ्ते में एक बार दिया जाना था।

कुछ ही दिनों में चमत्कार हो गया। बच्चे का बोन मैरो सक्रीय हो गया। उसका ANC स्तर जो मात्र 82 था, वह बढ़ता गया और 6000 के पार पहुंच गया। बच्चे ने संक्रमण से लड़ना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आया। कुल मिलाकर इस पूरे इलाज पर मात्र 56 रुपए की लागत आई, 14 रुपए का एक इंजेक्शन और कुल 4 इंजेक्शन। आज वह बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

कभी-कभी सबसे सस्ती दवा ही सबसे बड़ा उपचार होती है

डॉ. प्रियांशु माथुर ने बताया, यह बीमारी बेहद दुर्लभ है। अगर समय पर पहचान नहीं होती, तो बच्चे की जान जा सकती थी, जैसे पिछले दो बच्चे गए थे। लेकिन इस बार हम समय रहते इसका कारण समझ गए। हाइड्रॉक्सीकोबालामिन एक साधारण सा इंजेक्शन है, लेकिन इस मामले में इसने कमाल कर दिया। यह हमारे लिए भी एक सीख है कि कभी-कभी सबसे सस्ती दवा ही सबसे बड़ा उपचार होती है।

ये भी पढ़ें:-

दूसरे राज्यों के SC, ST, OBC छात्रों को नहीं मिलेगा आरक्षण, हाई कोर्ट का आया फैसला

निलंबित RAS व डमी कैंडीडेट हनुमानाराम को सुप्रीम कोर्ट की जमानत से इंकार

IPS मनीष अग्रवाल पर चलेगा केस, 11 साल बाद मिली अनुमति, तीन लाख रुपए की घूसखोरी का मामला

10वीं-12वीं में पूरक छात्रों के लिए बड़ा मौका, सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 की तारीखों का ऐलान

Tags:
  • संक्रमण
  • मेडिकल साइंस
  • विटामिन
  • चिकित्सा विज्ञान
  • जेके लोन हॉस्पिटल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि