राजस्थान खाद घोटाला: FSL रिपोर्ट के बाद भी CID-CB ने दी क्लीन चिट
Ashish Bhardwaj | Jun 28, 2026, 13:27 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में 70 करोड़ के खाद घोटाले में CID-CB ने क्लीन चिट दी। लेकिन FSL रिपोर्ट, 29 फेल सैंपल और 14 जिलों में 29 मुकदमे इस क्लीन चिट पर सवाल खड़े करते हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में 70 करोड़ के खाद घोटाले की जांच में नया विवाद आया सामने।
- सरकारी एजेंसी डीआईपीआर ने मामले को झूठा और सिविल प्रकृति बताया।
- वहीं FSL रिपोर्ट में हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने का दावा किया गया।
- 29 सरकारी सैंपल फेल और 14 जिलों में 29 मुकदमे दर्ज।
- जांच रिपोर्टों और फैक्ट चेक को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों को खाद की जगह मिट्टी
इस मामले में 14 जिलों की अदालतों में 29 मुकदमे दर्ज हैं। किसानों की जेब कटी और उनकी जमीन बंजर होने का खतरा भी पैदा हुआ।
FSL रिपोर्ट ने क्या कहा
एफएसएल की रिपोर्ट में सात अहम कमियां सामने आईं। हस्ताक्षरों में स्वाभाविक प्रवाह नहीं था। अक्षरों में झिझक और रुकावट दिखी। पेन बीच-बीच में उठाया गया था। हस्ताक्षर धीरे-धीरे बनाए गए थे, स्वाभाविक गति से नहीं। अक्षरों की बनावट मूल हस्ताक्षरों से पूरी तरह अलग पाई गई। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि ये हस्ताक्षर असली नहीं हैं।
फर्जी शपथ पत्र से लाइसेंस का आरोप
आरोप है कि यह शपथ पत्र खाद की गुणवत्ता का सरकारी लाइसेंस हासिल करने के लिए लगाया गया। आरोपी हरवेन्द्र माथुर ने खुद माना है कि आनंदी लाल ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
पुलिस मुख्यालय ने गिरफ्तारी की थी सिफारिश
लेकिन बाद में सीआईडी-सीबी (CID-CB – Crime Investigation Department, Crime Branch) के एडिशनल एसपी नानग राम ने मामले में एफआर यानी फाइनल रिपोर्ट पेश की। इसमें आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई।
सबूत और गवाह हटाने का आरोप
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर पहले की जांच गलत थी, तो उन तीनों एडिशनल एसपी और एसआईटी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
डीआईपीआर के फैक्ट चेक पर सवाल
यह रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश की जा चुकी है। ऐसे में फैक्ट चेक को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
FAQ
राजस्थान खाद घोटाला क्या है?
कृषि विभाग में सरकारी टेंडरों के जरिए किसानों को असली खाद की जगह मिट्टी सप्लाई की गई। यह मामला 70 करोड़ रुपए का बताया जाता है। 29 सरकारी सैंपल फेल हो चुके हैं और 14 जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।- FSL रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जयपुर की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने पाया कि विवादित शपथ पत्रों के हस्ताक्षर नकली हैं। रिपोर्ट में सात बिंदुओं पर हस्ताक्षरों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश की जा चुकी है। - CID-CB की क्लीन चिट पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
पहले तीन एडिशनल एसपी और एसआईटी ने जांच में अपराध सही माना था। पुलिस मुख्यालय ने भी गिरफ्तारी की सिफारिश की थी। बाद में CID-CB ने इससे अलग निष्कर्ष निकाला, जिसके कारण सवाल उठ रहे हैं।
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