राजस्थान में विलुप्त हो रहे गोडावण को बचाने की पहल, जानिए क्या अपनाएंगे तरीके

Amit Baijnath Garg | Jul 08, 2025, 17:25 IST
Share
godavan
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के पक्षी गोडावण को बचाने के लिए कृत्रिम पहल शुरू की गई है। गोडावण के अंडों को घोंसले से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कृत्रिम ऊष्मायन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

जैसलमेर जिले के डेजर्ट नेशनल पार्क में वन विभाग वैज्ञानिकों के साथ मिलकर गोडावण (Great Indian Bustard) के अंडों को घोंसले से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कृत्रिम ऊष्मायन की प्रक्रिया अपना रहा है। यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है।
अब तक केवल दो अंडों पर ही यह तकनीक प्रयोग के तौर पर लागू की गई है। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।

जेनेटिक पूल का आदान-प्रदान

अंडा प्रतिस्थापन तकनीक को तीन वैज्ञानिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रयोग में लाया जा रहा है। इनमें सबसे पहले अंडे को प्राकृतिक शिकारियों से बचाना है, ताकि अंडे का नाश होने से रोका जा सके। वहीं अंडों को संरक्षित कर कृत्रिम ऊष्मायन से चूजे तैयार करना और उनके माध्यम से प्रजाति की जेनेटिक विविधता को सुरक्षित करना है। तीसरा, कृत्रिम विधि से तैयार चूजों के माध्यम से जेनेटिक पूल का आदान-प्रदान संभव करना है।

अंतरराष्ट्रीय तकनीक का राजस्थान में प्रयोग यह प्रक्रिया वैज्ञानिक और संरक्षित पद्धति से की जा रही है। जब किसी घोंसले में अंडा दिखता है, तो प्रशिक्षित टीम की ओर से उसे निकालकर वहां एक डमी अंडा रख दिया जाता है। इससे मादा गोडावण घोंसले को छोड़ती नहीं है और उसका प्राकृतिक व्यवहार बना रहता है। अंडे को रामदेवरा स्थित संरक्षण व ब्रीडिंग सेंटर भेजा जाता है, जहां उन्हें नियंत्रित तापमान में सेने की व्यवस्था की जाती है। इस अंतरराष्ट्रीय तकनीक का अब राजस्थान में भी प्रयोग हो रहा है।

मॉडल सफल होने पर किया जाएगा विस्तार

अभी तक केवल दो अंडों पर ही यह प्रक्रिया अपनाई गई है। दोनों मामलों में परिणामों पर तकनीकी निगरानी की जा रही है। फिलहाल यह पूरा प्रयास एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो अगले वर्षों में इसे विस्तार से लागू किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि इस प्रयोग के जरिए गोडावण की प्रजनन दर में सुधार हो और उनके चूजे सुरक्षित रूप से तैयार होकर प्राकृतिक पर्यावास में वापस छोड़े जा सकें।

यह खबरें भी पढ़ें...

राजस्थान सरकार देने वाली है चार लाख नौकरियां, आईए जानते हैं क्या हैं घोषणाएं

राजस्थान में व्हाट्सऐप पर जन्म प्रमाण-पत्र, नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

घटती प्रजनन दर बनी चिंता का विषय

जैसलमेर में गोडावण की संख्या लगातार घट रही है। खुले घोंसलों में अंडे दिए जाने के कारण वे अक्सर सियार, लोमड़ी, कुत्ते जैसे शिकारियों का शिकार हो जाते हैं। यही वजह है कि लंबे समय से इनकी प्रजनन दर चिंताजनक बनी हुई है। अब अंडों को प्रारंभिक अवस्था में सुरक्षित करने की पहल से इन पक्षियों की प्रजातियों को बचाया जा सकेगा। इससे प्रजनन दर गिरावट को रोका जा सकेगा।

FAQ

  1. 1. गोडावण के अंडों को बचाने के लिए क्या तकनीक इस्तेमाल की जा रही है?
    गोडावण के अंडों को बचाने के लिए कृत्रिम ऊष्मायन (Artificial Incubation) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंडों को घोंसले से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कृत्रिम रूप से सेने की प्रक्रिया की जा रही है।
  2. 2. इस प्रक्रिया से गोडावण की प्रजनन दर में क्या सुधार हो सकता है?
    इस प्रक्रिया से गोडावण की प्रजनन दर में सुधार की संभावना है, क्योंकि अंडों को प्राकृतिक शिकारियों से बचाकर सुरक्षित रखा जा रहा है और कृत्रिम ऊष्मायन से चूजों को स्वस्थ रूप से तैयार किया जा रहा है।
  3. 3. क्या यह प्रयोग सफल हो सकता है?
    यह प्रयोग फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यदि यह सफल होता है, तो इसे राजस्थान में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे गोडावण की प्रजनन दर में सुधार हो सकता है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Businessपर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦

Tags:
  • राजस्थान
  • जैसलमेर
  • प्रजनन दर गिरावट
  • गोडावण
  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
  • Artificial Incubation
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच