वो 5 महिला अफसर, जो प्रशासनिक गलियारों से लेकर युवाओं के दिलों तक बनीं 'आइकॉन'
Ashish Bhardwaj | Mar 08, 2026, 13:54 IST
Photograph: (the sootr)
हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजस्थान की उन महिला अधिकारियों का जिक्र कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी कार्यशैली से नौकरशाही की तस्वीर बदल दी। ये अधिकारी आज प्रशासनिक गलियारों से लेकर युवाओं के दिलों तक आइकॉन बनी हुई हैं।
Jaipur: जयपुर। हर साल 8 मार्च का सूरज दुनिया भर में महिलाओं के संघर्ष और उनकी असीमित शक्ति के सम्मान में उगता है। लेकिन राजस्थान के संदर्भ में यह दिन एक तारीख नहीं, बल्कि उन 'शक्ति स्तंभों' के जश्न का अवसर है, जिन्होंने मरूधरा की गर्वनेंस की तस्वीर बदल दी है।
आज राजस्थान का प्रशासनिक ढांचा केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व और कड़े निर्णयों के एक नए दौर से गुजर रहा है, जिसका नेतृत्व राज्य की महिला अधिकारी कर रही हैं।
चाहे बाड़मेर के तपते धोरों में विकास की गंगा बहाना हो या ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे जटिल विभागों का प्रबंधन, ये महिला अधिकारी न केवल सुशासन की मिसाल पेश कर रही हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए 'करियर आइकॉन' बनकर उभरी हैं।
जब 2016 में टीना डाबी ने यूपीएससी परीक्षा में पहली रैंक हासिल की, तो वह केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक क्रांति की शुरुआत थी। आज बाड़मेर की जिला कलेक्टर के रूप में टीना डाबी राजस्थान की सबसे चर्चित और प्रभावशाली अधिकारियों में शुमार हैं।
क्यों हैं आइकॉन: IAS टीना डाबी ने प्रशासनिक कार्यों में 'डिजिटल और डायरेक्ट' एप्रोच अपनाई है। बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले में जनसुनवाई के दौरान उनकी संवेदनशीलता और विकास कार्यों के त्वरित क्रियान्वयन ने उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।
युवाओं पर प्रभाव: सोशल मीडिया पर करोड़ों की फॉलोइंग रखने वाली टीना डाबी आज के डिजिटल दौर की पहली ऐसी अधिकारी हैं, जिन्होंने प्रशासन और आम युवा के बीच की दूरी को खत्म किया है। उनके काम करने का तरीका यह संदेश देता है कि पद की गरिमा के साथ-साथ जनता से जुड़ाव ही असली सफलता है।
जयपुर डिस्कॉम की एमडी आरती डोगरा को प्रशासन में पॉकेट रॉकेट और इनोवेशन क्वीन के नाम से जाना जाता है। कम कद, लेकिन ऊंचे इरादों वाली आरती डोगरा ने यह साबित किया है कि शारीरिक बाधाएं कभी मानसिक दृढ़ता के आगे नहीं टिक सकतीं।
क्यों हैं आइकॉन: आरती ने इससे पहले स्वच्छता अभियान में 'बंको बीकाणो' जैसे प्रोजेक्ट के जरिए जो वैश्विक पहचान बनाई थी, उसे वे अब ऊर्जा प्रबंधन में दोहरा रही हैं। बिजली आपूर्ति को सुव्यवस्थित करना और घाटे में चल रहे डिस्कॉम्स को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
युवाओं पर प्रभाव: उनकी कहानी संघर्ष और संकल्प की पराकाष्ठा है। वे उन युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं जो अपनी शारीरिक बनावट या सामाजिक धारणाओं के कारण खुद को कमतर आंकते हैं।
राजस्थान के सहकारिता विभाग की शासन सचिव और रजिस्ट्रार आनंदी पी प्रशासन का वह चेहरा हैं, जो शांत रहकर बड़े बदलाव लाने में विश्वास रखता है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की आयुक्त के तौर पर राजधानी के आधुनिक स्वरूप को गढ़ने में उनका अहम योगदान रहा है।
क्यों हैं आइकॉन: शहरी नियोजन और आधारभूत ढांचे के विकास में उनकी विशेषज्ञता बेमिसाल है। वर्तमान में सहकारिता विभाग में वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी सुधार कर रही हैं।
युवाओं पर प्रभाव: आनंदी पी का व्यक्तित्व यह सिखाता है कि एक कुशल प्रशासक को बहुमुखी होना चाहिए—चाहे वह शहर का विकास हो या ग्रामीण सहकारिता।
स्वास्थ्य सचिव के रूप में गायत्री राठौड़ एक ऐसी जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिसका सीधा असर राज्य के आठ करोड़ लोगों के जीवन पर पड़ता है। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने से लेकर जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर पहुंचाने तक, उनकी भूमिका केंद्रीय है।
क्यों हैं आइकॉन: गायत्री राठौड़ की कार्यशैली रिजल्ट ओरिएंटेड है। स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों ने राज्य की स्वास्थ्य रैंकिंग में सुधार किया है।
युवाओं पर प्रभाव: वे उन महिला अभ्यर्थियों के लिए मिसाल हैं, जो नीति निर्माण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।
परिवहन विभाग की सचिव शुचि त्यागी प्रशासन के दो सबसे चुनौतीपूर्ण सिरों को जोड़ रही हैं। एक तरफ सड़क सुरक्षा और परिवहन का आधुनिकीकरण है, तो दूसरी तरफ राज्य के हजारों सरकारी कर्मचारियों का प्रबंधन।
क्यों हैं आइकॉन: वाहन पंजीकरण प्रणाली को पेपरलेस बनाना और सड़क सुरक्षा के लिए कड़े मापदंड लागू करना उनकी प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। कार्मिक विभाग में उनकी भूमिका राज्य की पूरी मशीनरी को गति देने वाली 'इंजन' की तरह है।
युवाओं पर प्रभाव: उनका संतुलित नेतृत्व यह दर्शाता है कि कैसे एक ही समय पर दो अलग-अलग स्वभाव वाले विभागों को कुशलता से चलाया जा सकता है।
इन पांच आइकॉन के अलावा राजस्थान के कई जिलों का भविष्य आज महिला कलेक्टरों के विजन पर टिका है।
नम्रता वृष्णि (बीकानेर): जिले के आधारभूत ढांचे और विकास योजनाओं की सूक्ष्म निगरानी कर रही हैं।
अर्तिका शुक्ला (अलवर): औद्योगिक बेल्ट कहे जाने वाले अलवर में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास का संतुलन बना रही हैं।
अंजलि राजोरिया (प्रतापगढ़): आदिवासी अंचल में ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों को नई गति दे रही हैं।
अल्पा चौधरी (सिरोही): जिले की भौगोलिक चुनौतियों के बीच जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं।
राजस्थान की ये महिला अधिकारी केवल पदों पर आसीन व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे एक प्रशासनिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो पारदर्शी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी है। उनकी सफलता यह स्पष्ट संदेश देती है कि नेतृत्व का कोई लिंग नहीं होता, बल्कि यह केवल योग्यता और सेवा की भावना पर निर्भर करता है।
महिला दिवस के अवसर पर इन अधिकारियों की यात्रा हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि समाज अपनी बेटियों को उड़ने के लिए खुला आकाश और विश्वास दे, तो वे न केवल अपना घर, बल्कि पूरे राज्य और राष्ट्र का गौरव बढ़ा सकती हैं।
"इनका संघर्ष इनकी कहानी है और इनकी सफलता नई पीढ़ी की जवानी है।"
एसपी ने भरी मीटिंग में सीनियर अफसर को किया अपमानित, कहा-तुम जाति की वजह से डायरेक्टर हो, FIR दर्ज
यूपी के दो जांबाज IPS राजस्थान में लेंगे सात फेरे, जानें इस पावर कपल की लव स्टोरी
गोवा की काजू और राजस्थान की केसर कस्तूरी अब एमपी में मिलेगी, हमारी देसी महुआ जाएगी बाहर
दो जांबाज IPS रचाएंगे ब्याह, गोरखपुर में शुरू हुई लव स्टोरी, अब राजस्थान के धोरीमना में बजने वाली है शहनाई
आज राजस्थान का प्रशासनिक ढांचा केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व और कड़े निर्णयों के एक नए दौर से गुजर रहा है, जिसका नेतृत्व राज्य की महिला अधिकारी कर रही हैं।
चाहे बाड़मेर के तपते धोरों में विकास की गंगा बहाना हो या ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे जटिल विभागों का प्रबंधन, ये महिला अधिकारी न केवल सुशासन की मिसाल पेश कर रही हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए 'करियर आइकॉन' बनकर उभरी हैं।
टीना डाबी: यूपीएससी स्टार से बाड़मेर की जनप्रिय कलेक्टर तक
क्यों हैं आइकॉन: IAS टीना डाबी ने प्रशासनिक कार्यों में 'डिजिटल और डायरेक्ट' एप्रोच अपनाई है। बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले में जनसुनवाई के दौरान उनकी संवेदनशीलता और विकास कार्यों के त्वरित क्रियान्वयन ने उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।
युवाओं पर प्रभाव: सोशल मीडिया पर करोड़ों की फॉलोइंग रखने वाली टीना डाबी आज के डिजिटल दौर की पहली ऐसी अधिकारी हैं, जिन्होंने प्रशासन और आम युवा के बीच की दूरी को खत्म किया है। उनके काम करने का तरीका यह संदेश देता है कि पद की गरिमा के साथ-साथ जनता से जुड़ाव ही असली सफलता है।
tina-dabi
आरती डोगरा: ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार की मिसाल
क्यों हैं आइकॉन: आरती ने इससे पहले स्वच्छता अभियान में 'बंको बीकाणो' जैसे प्रोजेक्ट के जरिए जो वैश्विक पहचान बनाई थी, उसे वे अब ऊर्जा प्रबंधन में दोहरा रही हैं। बिजली आपूर्ति को सुव्यवस्थित करना और घाटे में चल रहे डिस्कॉम्स को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
युवाओं पर प्रभाव: उनकी कहानी संघर्ष और संकल्प की पराकाष्ठा है। वे उन युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं जो अपनी शारीरिक बनावट या सामाजिक धारणाओं के कारण खुद को कमतर आंकते हैं।
whatsapp-image-2024-09-06-at-63528-pm_1725628371
आनंदी पी : सहकारिता की रणनीतिकार
क्यों हैं आइकॉन: शहरी नियोजन और आधारभूत ढांचे के विकास में उनकी विशेषज्ञता बेमिसाल है। वर्तमान में सहकारिता विभाग में वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी सुधार कर रही हैं।
युवाओं पर प्रभाव: आनंदी पी का व्यक्तित्व यह सिखाता है कि एक कुशल प्रशासक को बहुमुखी होना चाहिए—चाहे वह शहर का विकास हो या ग्रामीण सहकारिता।
The_cooperative_sector-need
गायत्री राठौड़ : स्वास्थ्य की 'कवच'
क्यों हैं आइकॉन: गायत्री राठौड़ की कार्यशैली रिजल्ट ओरिएंटेड है। स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों ने राज्य की स्वास्थ्य रैंकिंग में सुधार किया है।
युवाओं पर प्रभाव: वे उन महिला अभ्यर्थियों के लिए मिसाल हैं, जो नीति निर्माण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।
gayatri-rathor
शुचि त्यागी : परिवहन का 'मैनेजमेंट गुरु'
क्यों हैं आइकॉन: वाहन पंजीकरण प्रणाली को पेपरलेस बनाना और सड़क सुरक्षा के लिए कड़े मापदंड लागू करना उनकी प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। कार्मिक विभाग में उनकी भूमिका राज्य की पूरी मशीनरी को गति देने वाली 'इंजन' की तरह है।
युवाओं पर प्रभाव: उनका संतुलित नेतृत्व यह दर्शाता है कि कैसे एक ही समय पर दो अलग-अलग स्वभाव वाले विभागों को कुशलता से चलाया जा सकता है।
o6amis7_shuchi-tyagi-ias-officer_625x300_06_September_24
नारी शक्ति का 'कलेक्टर' अवतार
नम्रता वृष्णि (बीकानेर): जिले के आधारभूत ढांचे और विकास योजनाओं की सूक्ष्म निगरानी कर रही हैं।
अर्तिका शुक्ला (अलवर): औद्योगिक बेल्ट कहे जाने वाले अलवर में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास का संतुलन बना रही हैं।
अंजलि राजोरिया (प्रतापगढ़): आदिवासी अंचल में ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों को नई गति दे रही हैं।
अल्पा चौधरी (सिरोही): जिले की भौगोलिक चुनौतियों के बीच जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का नया अध्याय
महिला दिवस के अवसर पर इन अधिकारियों की यात्रा हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि समाज अपनी बेटियों को उड़ने के लिए खुला आकाश और विश्वास दे, तो वे न केवल अपना घर, बल्कि पूरे राज्य और राष्ट्र का गौरव बढ़ा सकती हैं।
"इनका संघर्ष इनकी कहानी है और इनकी सफलता नई पीढ़ी की जवानी है।"
ये भी पढ़े:-
यूपी के दो जांबाज IPS राजस्थान में लेंगे सात फेरे, जानें इस पावर कपल की लव स्टोरी
गोवा की काजू और राजस्थान की केसर कस्तूरी अब एमपी में मिलेगी, हमारी देसी महुआ जाएगी बाहर
दो जांबाज IPS रचाएंगे ब्याह, गोरखपुर में शुरू हुई लव स्टोरी, अब राजस्थान के धोरीमना में बजने वाली है शहनाई
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari