RGHS में अनियमितताओं की शिकायत, शिप्रा विक्रम के खिलाफ सरकार का एक्शन

Jageshwar prasad | May 31, 2026, 10:58 IST
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Ashish Bhardwaj - 2026-05-31T105803.289
Photograph: (the sootr)

राजस्थान सरकार ने RGHS की पूर्व परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी है। उन पर अस्पतालों के इंपैनलमेंट में अनियमितताओं और रिकवरी माफ करने के आरोप हैं। चिकित्सा विभाग ने 4 सदस्यीय कमेटी बनाई है।

News In Short

  • RGHS की पूर्व परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू।
  • उन पर अस्पतालों को इंपैनल करने और डी-इंपैनल करने में अनियमितताओं का आरोप।
  • जांच के लिए चिकित्सा विभाग ने 4 सदस्यों की विशेष कमेटी बनाई है।
  • आरोप है कि उन्होंने इंपैनल सेंटरों पर लगाई रिकवरी बाद में माफ कर दी।
  • वित्त विभाग में शिप्रा विक्रम के वर्चस्व के कारण पहले जांच नहीं हो पाई थी।

News In Detail

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) की पूर्व परियोजना निदेशक और वित्त विभाग की सीनियर अधिकारी शिप्रा विक्रम की परेशानियां बढ़ सकती हैं। RGHS में भ्रष्टाचार करने के मामले में पिछले साल उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, जिसकी अब सरकार ने जांच शुरू करवा दी है। मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस जांच के लिए 4 सदस्यों की विशेष कमेटी का गठन किया है।

क्या हैं आरोप?

सूत्रों के मुताबिक शिप्रा विक्रम पर RGHS में कई गंभीर अनियमितताओं का आरोप है। उन पर अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर को इंपैनल करने और इंपैनल लिस्ट से बाहर करने में अनियमितताएं करने का आरोप है।

इसके अलावा उन्होंने कथित तौर पर इंपैनल सेंटरों पर अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई करके रिकवरी तो निकाली, लेकिन बाद में उस रिकवरी को माफ कर दिया। ये दोनों ही आरोप काफी गंभीर प्रकृति के हैं।

वित्त विभाग में था बड़ा वर्चस्व

सूत्रों के मुताबिक शिप्रा विक्रम का वित्त विभाग में बड़ा वर्चस्व रहा है। इस कारण वित्त विभाग के ही एक तत्कालीन सीनियर अधिकारी भी उनके खिलाफ इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर सके थे।

कहा जाता है कि जब तक वह RGHS में परियोजना निदेशक के पद पर थीं, तब तक किसी भी सीनियर अधिकारी या कर्मचारी से सीधे बात तक नहीं करती थीं। इसको लेकर चिकित्सा और वित्त विभाग के कई अधिकारी काफी नाराज भी थे।

कमेटी में कौन-कौन हैं शामिल?

मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने शिप्रा विक्रम के खिलाफ जांच के लिए 4 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी का अध्यक्ष राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ को बनाया गया है।

कमेटी के अन्य सदस्यों में संयुक्त शासन सचिव (चिकित्सा शिक्षा विभाग), कार्यकारी निदेशक (वित्त) राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी और कार्यकारी निदेशक (आईटी) राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी शामिल हैं। यह कमेटी अब अपनी जांच पूरी करेगी और रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

कैसे रुकी थी जांच?

सूत्रों के अनुसार शिप्रा विक्रम के खिलाफ पहले भी शिकायतें आ चुकी थीं, लेकिन वित्त विभाग में उनके मजबूत कनेक्शन और वर्चस्व के कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। हालांकि अब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

सूत्रों का कहना है कि एक सीनियर अधिकारी की तरफ से तैयार की गई इंटरनल रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार ने यह फैसला लिया है।

RGHS क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) राजस्थान सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है। इस योजना के तहत राज्य के हजारों कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होते हैं। ऐसे में इस योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सीधा असर कर्मचारियों और राज्य के खजाने पर पड़ता है। यही वजह है कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।

अब क्या होगा?

गठित कमेटी अब शिप्रा विक्रम के खिलाफ लगे सभी आरोपों की गहनता से जांच करेगी। कमेटी जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों को खंगालेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शिप्रा विक्रम के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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