/sootr/media/media_files/2026/01/09/yas-dayal-2026-01-09-18-45-50.jpg)
Photograph: (the sootr)
Jaipur. क्रिकेटर यश दयाल को राजस्थान हाई कोर्ट से नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोई राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले को गम्भीर मानते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज यश दयाल की अग्रिम जमानत याचिका पर जस्टिस प्रवीर भटनागर की बैंच में शुक्रवार 9 जनवरी को सुनवाई हुई।
पीड़िता का बयान और मामला संदिग्ध
यश दयाल के वकील चंद्रशेखर शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि पीड़िता ने जानबूझकर क्रिकेटर को ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से यह मामला दर्ज कराया है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता घटना को कानपुर की बताकर, दो साल की देरी से जयपुर के सांगानेर सदर थाने में मामला दर्ज करवा रही है। इस संदिग्धता के कारण मामला कमजोर नजर आता है।
एमपी-सीजी और राजस्थान में 8 जनवरी की रात: कड़ाके की सर्दी और कोहरे का असर
जांच में और भी सवाल
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह घटना के समय नाबालिग थी और उसने अपनी रिश्तेदार की आईडी से होटल में रूम बुक किया था। हालांकि, पुलिस ने रिश्तेदार से कोई पूछताछ नहीं की। इस पर कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी को 19 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।
पॉक्सो एक्ट : IPL क्रिकेटर यश दयाल की अग्रिम जमानत खारिज, कोर्ट ने आरोपों को नहीं माना झूठा
सार्वजनिक स्थान पर मुलाकात का दावा
वकील ने कहा कि आरोपी और पीड़िता हमेशा सार्वजनिक स्थानों पर और टीम के अन्य सदस्यों के सामने मुलाकात करते थे। वकील ने यह भी बताया कि दोनों कभी अकेले नहीं मिले, बल्कि हर मुलाकात में सार्वजनिक स्थल पर अन्य लोग मौजूद होते थे।
होटल में नाबालिग से रेप का मामला: आईपीएल क्रिकेटर यश दयाल हो सकते हैं गिरफ्तार
पीड़िता ने उम्र को लेकर नहीं किया था कोई उल्लेख
वकील ने यह भी कहा कि पीड़िता ने एफआईआर में यह नहीं बताया कि वह रेप की घटना के समय 18 साल से कम थी। इसके अलावा, यदि घटना कानपुर में हुई थी, तो पीड़िता उसके बाद क्यों अन्य शहरों में आरोपी के साथ रही, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
हाई कोर्ट की मुहर
जयपुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दिसंबर 2025 में यश दयाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह देखते हुए कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से आरोपी के झूठे फंसाए जाने का संकेत नहीं मिलता है।राजस्थान हाई कोर्ट ने भी 9 जनवरी को गिरफ्तारी पर रोक लगाने या पुलिस कार्रवाई पर स्थगन आदेश देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि यह मामला एक नाबालिग से जुड़ा है।
यह है पूरा मामला
सांगानेर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि यश दयाल ने उसे क्रिकेट में करियर बनवाने का झांसा देकर दो साल तक बार-बार यौन शोषण किया है। इस दौरान जयपुर और कानपुर के होटल में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दयाल के वकील ने तर्क दिया है कि पीड़िता ने खुद को बालिग बताया था, आरोपी से आर्थिक मदद के नाम पर पैसे लिए और उसे परेशान करने व ब्लैकमेल करने के इरादे से मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल से चैट, फोटो और वीडियो के साथ-साथ कॉल रिकॉर्ड और होटल के ठहरने के रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जिन्हें पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।
गाजियाबाद में भी दर्ज है मामला
यश दयाल गाजियाबाद में भी यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले का सामना कर रहे हैं, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इस मामले में जांच अभी जारी है। 9 जनवरी 2026 की सुनवाई के बाद अब यश दयाल की गिरफ्तारी पर तलवार लटकी हुई है।
जयपुर में क्यों दर्ज कराया मामला?
यह तथ्य और भी उलझा हुआ है कि उत्तरप्रदेश में दर्ज रेप के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के आठ दिन बाद ही पीड़िता ने जयपुर में मामला दर्ज कराया। यह भी एक सवाल है, जिस पर अब जांच जारी है।
भर्ती में महिला अभ्यथियों के छाती की माप पर हाई कोर्ट की आपत्ति, कहा- यह है गरिमा के खिलाफ
पोक्सो कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की
पीड़िता के वकील दिवेश शर्मा ने कोर्ट में कहा कि पुलिस ने पीड़िता और आरोपी के मोबाइल की सीडीआर बरामद की है। इसमें दोनों के बीच बातचीत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, पीड़िता के द्वारा बताए गए होटलों में दोनों के ठहरने का रिकॉर्ड भी सामने आया।
हाई कोर्ट के दो जज भी आवारा कुत्तों के हुए शिकार, एक तो रीढ़ की चोट से जूझ रहे
जबरन संबंध बनाने का आरोप
वकील ने बताया कि आरोपी ने 3-4 मई 2023 को जयपुर में आईपीएल खेलने के दौरान पीड़िता को रेलवे स्टेशन के पास होटल में मिलने बुलाया और संबंध बनाए। इसके बाद पीड़िता ने आरोपी के मना करने पर उसे झांसा दिया और कानपुर में होटल में जबरन रेप किया।
विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से, 11 फरवरी को राजस्थान का बजट पेश होने की संभावना
पोक्सो कोर्ट का आदेश
वकील ने यह भी बताया कि पोक्सो कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला गंभीर है और आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोप सिद्ध हो सकते हैं।
राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक भर्ती: 1100 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका
मुख्य बिंदू :
- हाईकोर्ट ने खारिज की क्रिकेटर यश दयाल की याचिका ।
- यश दयाल पर पीड़िता के साथ रेप करने और POCSO एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दोनों के बीच मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और होटल में ठहरने के प्रमाण मिले हैं।
- पीड़िता ने एफआईआर में अपनी उम्र 18 साल से कम होने का उल्लेख नहीं किया, जो कि एक महत्वपूर्ण पहलू है।
- पोक्सो कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को यश दयाल की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी, जिससे मामला अब और गंभीर हो गया है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us