जयपुर: आयुर्वेदिक कॉलेज में रिश्वत लेते 3 गिरफ्तार, कैशियर 35 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया
Jageshwar prasad | Oct 02, 2026, 10:20 IST
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई, आयुर्वेदिक कॉलेज में रिश्वत लेते 3 गिरफ्तार
जयपुर के किशनगढ़ रेनवाल स्थित एक आयुर्वेदिक कॉलेज में तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। इन सभी ने एक बीएएमएस छात्रा के लिए एनओसी जारी करने के लिए 40 हजार रुपए की मांग की थी। एसीबी की कार्रवाई में मुख्य कैशियर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
समझें क्या है पूरा मामला
- आयुर्वेदिक कॉलेज में रिश्वत लेते 3 गिरफ्तार
- इंटर्नशिप के लिए एनओसी की एवज में मांगे 40 हजार
- कैशियर 35 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा
- पूछताछ में दो और कर्मचारी गिरफ्तार
- एसीबी ने की ट्रैप कार्रवाई
एसीबी ने इस मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कैशियर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। जबकि पूछताछ में दो अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आए। उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
क्या थी पूरी शिकायत
उसे अन्य कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए एनओसी की जरूरत थी। इसके लिए कॉलेज कार्मिकों द्वारा 40 हजार रुपए रिश्वत मांगकर परेशान किया जा रहा था। इसके बाद परिवादी ने एसीबी से संपर्क किया।
सत्यापन में तय हुआ सौदा
शिकायत मिलने पर डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी भूपेन्द्र के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान 40 हजार रुपए की मांग के बाद 35 हजार रुपए में रिश्वत राशि तय होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद गुरुवार को एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने कॉलेज के कैशियर एवं स्टोर कीपर रमेश कुमार शर्मा को परिवादी से 35 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी रही।
दो और कर्मचारी गिरफ्तार
डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि जयपुर एसीबी ट्रैप (Jaipur ACB Trap) कार्रवाई के दौरान पूछताछ की गई। इसमें कॉलेज के क्वालिटी कंट्रोल लैब इंचार्ज एवं डिप्टी डायरेक्टर योगेश कुमार अपूर्वा का नाम सामने आया।
इसके अलावा कम्प्यूटर ऑपरेटर और कनिष्ठ सहायक राजकुमार मीणा की भी रिश्वत प्रकरण में आपराधिक संलिप्तता सामने आई। इस पर एसीबी ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह इस मामले में कुल तीन कर्मचारी गिरफ्तार हुए हैं।
किसने की कार्रवाई
यह कार्रवाई एसीबी जयपुर नगर प्रथम की टीम ने की। टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा कर रहे थे। एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है।
क्यों अहम है यह मामला
यह मामला शिक्षण संस्थान में रिश्वतखोरी का है। यहां छात्रों से एनओसी जैसे जरूरी दस्तावेज के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
एसीबी की त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि भ्रष्टाचार पर सख्ती बरती जाएगी। इससे अन्य संस्थानों में भी चेतावनी का संदेश गया है। अब देखना जरूरी है कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं।
डॉन अबू सलेम, आतंकवादी कसाब, एक्टर संजय दत्त के केस पर पूर्व शासकीय वकील निकम ने खोले राज
By Sanjay Gupta
सीकर में ASI ने पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी, 13 साल सर्विस थी बाकी
By Ashish Bhardwaj
छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब
By Harrison Masih
पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा
By Sanjay Gupta
Rajasthan School Exam: अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, CBA भी इसी अवधि में
By Jageshwar prasad
नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी
By Manya Jain
MP में गहराया बिजली का संकट: 17 हजार मेगावाट पार डिमांड, किसानों के सामने आई सिंचाई की परेशानी
By Manya Jain