इलेक्ट्रिक बसें कर रही है चलने का इंतजार, चार्जिंग स्टेशन नहीं बनने से 150 बसों का संचालन अटका

Ashish Bhardwaj | May 17, 2026, 13:14 IST
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Photograph: (the sootr)

राजस्थान की राजधानी जयपुर में इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses) ट्रायल के तीन महीने बाद भी नहीं चल सकी है। इसके पीछे बसों का चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा नहीं होना बताया जा रहा है।

News In Short

  • जयपुर में इलेक्ट्रिक बसें ट्रायल के तीन महीने बाद भी सड़कों पर नहीं उतरीं।
  • पीएम ई-बस योजना के तहत पहले फेज में 150 और सेकंड फेज में 300 बसें जयपुर को मिलेंगी।
  • टेंडर और चार्जिंग स्टेशन में देरी के कारण संचालन शुरू नहीं हो पाया।
  • एक साल में जयपुर में ई-बसों की संख्या 450 तक पहुंच सकती है।
  • जून से संचालन (Operation) शुरू होने का अनुमान है।

News In Detail

राजधानी जयपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसें ट्रायल के तीन महीने बाद भी सड़कों पर नहीं उतर सकीं। 26 फरवरी 2026 को बसों का ट्रायल हुआ था, लेकिन उसके बाद ये बसें डिपो तक में ही नजर आ रही हैं। अधिकारियों ने मार्च से संचालन (Operation) शुरू करने का दावा किया था, जो पूरा नहीं हो पाया।

पहले फेम का भी काम अधूरा

छह साल पहले फेम-प्रथम योजना के तहत 50 बसें प्रस्तावित थीं, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद पीएम ई-बस योजना के तहत तीन साल पहले पहले फेज में 150 बसें तय की गईं। दो साल पहले मंजूरी मिली, लेकिन संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को हुई बैठक में राजधानी और रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सीएस वी. श्रीनिवास को सौंपा।

पहले फेज में प्रदेश में 675 बसें चलेंगी

पीएम ई-बस योजना के तहत राजस्थान में पहले फेज में 675 बसें चलाने का लक्ष्य है। इनमें से 150 बसें जयपुर को मिलेंगी। टोडी और बगराना डिपो से 75-75 बसें संचालित होंगी। जोधपुर, अजमेर और कोटा को 100-100 बसें, बीकानेर को 75 और अलवर, भीलवाड़ा और उदयपुर को 50-50 बसें दी जाएंगी।

टेंडर और चार्जिंग स्टेशनों में देरी

इलेक्ट्रिक बसों के लिए तीन साल पहले टेंडर हुए थे। शुरुआती फेज में 150 बसें जयपुर को आवंटित की गई थीं। सीकर रोड के टोडी और आगरा रोड के बगराना डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनना था, लेकिन दो साल बाद भी ये तैयार नहीं हुए। इस वजह से संचालन शुरू नहीं हो पाया।

फेम-2 योजना के तहत मंजूरी

केंद्र सरकार ने 2019 में फेम-2 योजना के तहत जयपुर को 100 ई-बसों की मंजूरी दी थी। जेसीटीएसएल (JCTSL) ने 300 बसों का प्रस्ताव भेजा। अगस्त 2019 में तीन महीने में बसें उपलब्ध कराने और एक साल में संचालन का लक्ष्य तय हुआ, लेकिन तकनीकी और डिजाइन मुद्दों के कारण टेंडर प्रक्रिया रुकी।

सेकंड फेज की योजना

दूसरे फेज की 425 बसों में से 300 बसें जयपुर को मिलेंगी। बीकानेर और अलवर को 50-50 तथा जोधपुर को 25 बसें दी जाएंगी। इससे एक साल में जयपुर में ई-बसों की संख्या 450 और पूरे प्रदेश में 1100 तक पहुंचने का अनुमान है। जेसीटीएसएल के एमडी नारायण सिंह के अनुसार जून से संचालन शुरू होने की संभावना है।

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