नेहरू नगर में जमीन के पट्टे रद्द करने पर अंतरिम रोक, नगर निगम हेरिटेज ने 2023 में जारी किए थे पट्टे

Amit Baijnath Garg | Oct 11, 2025, 19:07 IST
Share
rajasthan high court
Photograph: (the sootr)

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित नेहरू नगर में 65 साल बाद दिए गए पट्टों को रद्द करने पर राजस्थान हाई कोर्ट ने नगर निगम हेरिटेज के आदेश पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

Jaipur. राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर शहर में नेहरू नगर कच्ची बस्ती में आवंटियों को जारी किए जमीन के पट्टों को रद्द करने के जयपुर नगर निगम हेरिटेज के आदेश पर रोक लगाते हुए आयुक्त से जवाब मांगा है। जस्टिस संजीत कुमार पुरोहित ने यह अंतरिम आदेश अरुण कुमार शुक्ला व अन्य की याचिकाओं पर दिए।

एडवोकेट राजेश महर्षि ने बताया कि सरकार ने ही करीब 65 साल पहले 1960 में नेहरू नगर कच्ची बस्ती को अवाप्त करके प्लॉट आवंटित किए थे। इनमें से कुछ आवंटियों ने अपने प्लॉट आगे बेच दिए थे। याचिकाकर्ताओं में कुछ मूल आवंटी हैं, तो कुछ ने बाद में प्लॉट खरीदे थे, लेकिन प्लॉट होल्डर को सरकार ने पट्टे नहीं दिए थे। आवं​टन के 65 साल बाद साल 2023 में नगर निगम हेरिटेज ने पट्टे जारी किए थे।

राजस्थान हाई कोर्ट ने दिए जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में 19 अवैध बिल्डिंगों को सीज करने के आदेश

मांगा था स्पष्टीकरण

इसके बाद अचानक नगर निगम ने याचिकाकर्ताओं को 7 अगस्त, 2025 को नोटिस जारी किए और पट्टे देने में अनियमितता पर स्पष्टीकरण मांगा। याचिकाकर्ताओं ने सभी दस्तावेजों सहित स्पष्टीकरण दे दिए, लेकिन आयुक्त ने सुनवाई का अवसर दिए बिना ही पट्टे रद्द करने के आदेश जारी कर दिए।

राजस्थान हाई कोर्ट की फटकार : अधिकारी कोर्ट के आदेश को कितने समय तक दबाकर रख सकते हैं?

आयुक्त को अधिकार ही नहीं

एडवोकेट महर्षि ने कोर्ट को बताया कि नगर निगम आयुक्त को पट्टे रद्द करने का अधिकार ही नहीं है। सुनवाई का अवसर नहीं देकर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन किया गया है। इस संबंध में राजस्थान हाई कोर्ट की प्रिंसिपल सीट कान सिंह व अन्य के मामले में तय हो चुका है कि आयुक्त को तक तक पट्टे रद्द करने की शक्ति नहीं होती, जब तक सरकार उसे अपनी शक्तियां नहीं सौंप देती।

अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद कोर्ट ने नगर निगम और राजस्थान सरकार से जवाब मांगते हुए नगर निगम हेरिटेज के 13 सितंबर, 2025 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई करने पर भी रोक लगाई। वहीं अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने RPSC का आदेश पलटा, डिबार अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने के दिए निर्देश

यह है पूरा मामला

आरोप है कि हेरिटेज निगम के सिविल लाइंस जोन में प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत खूब बंदरबांट हुई थी। बस्सी सीतारामपुरा में तीन से चार करोड़ रुपए की जमीन का पट्टा निगम ने 501 रुपए में जारी कर दिया। निगम की जांच में 30 पट्टों पर सवाल खड़े हो गए। इन भूखंडों की बाजार में कीमत 80 से 90 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जो पट्टे निरस्त होने की प्रक्रिया में हैं, उनमें से ज्यादातर वर्ष 2023 में जारी हुए थे। इसकी हेरिटेज निगम ने रिपोर्ट बनाकर स्वायत्त शासन विभाग को भेज दी थी।

राजस्थान हाई कोर्ट से नरेश मीणा को मिली जमानत, एक महीने बाद जेल से आएंगे बाहर

गाइडलाइन की भी पालना नहीं

आरोप यह भी है कि मामला उजागर होने के बाद जिन लोगों के पट्टे फर्जी थे, उन्होंने भूखंड बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद निगम ने 30 पट्टों की सूची सार्वजनिक कर दी। साथ ही मौके पर निगम संपत्ति के बोर्ड भी लगा दिए थे और 13 सितंबर को पट्टे निरस्त कर दिए थे। यह भी आरोप लगा कि पिछले कुछ वर्षों में जो पट्टे जारी हुए हैं, उसमें नगर नियोजक शाखा को दूर रखा गया। अभियान के दौरान राज्य सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की, उसकी भी पालना कई प्रकरणों में नहीं हुई है।

FAQ

  1. 1. नेहरू नगर के पट्टे क्यों रद्द किए गए थे?
    नगर निगम हेरिटेज ने कुछ आवंटियों के पट्टों को अनियमितता के आधार पर रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।
  2. 2. कोर्ट ने नगर निगम के आदेश पर क्यों रोक लगाई?
    कोर्ट ने यह माना कि नगर निगम आयुक्त को पट्टे रद्द करने का अधिकार नहीं था, और इस प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन हुआ था।
  3. 3. नेहरू नगर के पट्टे कितने साल बाद जारी किए गए थे?
    नेहरू नगर के पट्टे 65 साल बाद 2023 में नगर निगम हेरिटेज ने आवंटित किए थे, जो बाद में रद्द कर दिए गए।


Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • जयपुर
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • गाइडलाइन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा