जयपुर का अगला मेयर कौन? BJP में कर्णावट-कोठारी समेत 3 दावेदार जीते, ज्योति रेस से बाहर

Raghvendra Singh Rathore | Sept 14, 2026, 20:12 IST
Share
शहरी सरकार का मुखिया कौन ?
शहरी सरकार का मुखिया कौन ?

जयपुर निगम में BJP 75 सीटें जीत चुकी है। मेयर के 4 संभावित दावेदारों में कर्णावट, कोठारी और अग्रवाल जीते, जबकि ज्योति खंडेलवाल रेस से बाहर हो गईं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर निगम में भाजपा बहुमत से एक कदम दूर।
  • मेयर की दौड़ में बचे अब सिर्फ तीन चेहरे।
  • पुनीत कर्णावट ने 2247 वोट से दर्ज की बड़ी जीत।
  • ज्योति खंडेलवाल हारीं, महापौर की रेस से हुईं बाहर।
  • जयपुर का अगला मेयर कौन? अब यही सवाल।
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में जयपुर पर सबकी नजर थी। यहां भाजपा बोर्ड बनाने की दहलीज पर पहुंच गई। 150 वार्ड की जारी मतगणना में फिलहाल भाजपा 78 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी। कांग्रेस को 53 और निर्दलीयों के खाते में 15 सीटें आई हैं। बोर्ड बनाने के लिए 76 पार्षदों की जरूरत है, यानी भाजपा बहुमत का आकड़ा प्राप्त कर चुकी है। कुछ वार्डों के नतीजे अभी आना बाकी हैं।

जयपुर निगम के बोर्ड की तस्वीर साफ होने के साथ अब सबसे बड़ा सवाल जयपुर का अगला मेयर कौन होगा? चुनाव से पहले भाजपा के जिन चार बड़े चेहरों को मेयर पद के संभावित दावेदारों में देखा जा रहा था, उनमें से तीन ने पहली परीक्षा पास कर ली है। पुनीत कर्णावट, सुनील कोठारी और विमल कुमार अग्रवाल पार्षद चुनाव जीत गए। वहीं, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल अपनी सीट हारने के बाद रेस से बाहर हो गईं।

जयपुर का अगला महापौर कौन होगा?

अब भाजपा में जयपुर मेयर की संभावित दौड़ तीन प्रमुख चेहरों के इर्द-गिर्द सिमटती दिख रही। हालांकि पार्टी ने अभी किसी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया। ऐसे में पार्षद चुनाव में प्रदर्शन के साथ संगठन में पकड़, निगम का अनुभव, सामाजिक समीकरण और प्रदेश नेतृत्व की पसंद अगला मेयर तय करने में अहम भूमिका निभा सकती।

कर्णावट की सबसे बड़ी जीत, 2247 वोट से जीते

मेयर पद के संभावित दावेदारों में पुनीत कर्णावट ने सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। वार्ड 76 से भाजपा प्रत्याशी कर्णावट ने कांग्रेस के प्रदीप जैन को 2247 वोट से हराया। कर्णावट के लिए यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि उनका चुनाव टिकट वितरण के समय से ही चर्चा में रहा था। भाजपा ने उन्हें वार्ड 76 से प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन टिकट को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान सामने आई थी। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा और आखिरकार कर्णावट पार्टी प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहे।

अब बड़े अंतर से जीत के बाद उनकी मेयर पद की दावेदारी को ताकत मिली है। कर्णावट पहले जयपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर रह चुके हैं। यानी तीन प्रमुख दावेदारों में उनके पास निगम के कामकाज का सीधा और बड़ा अनुभव है।

कोठारी 906 वोट से जीते, संगठन का अनुभव बड़ी ताकत

वार्ड 112 से भाजपा के सुनील कोठारी ने कांग्रेस के आशीष को 906 वोट से हराया। कोठारी चुनाव से पहले ही मेयर पद के मजबूत संभावित दावेदारों में गिने जा रहे थे। भाजपा में वे प्रदेश उपाध्यक्ष और जयपुर शहर अध्यक्ष जैसी संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके। यही लंबा संगठनात्मक अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा।

उनकी जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा ने वार्ड 112 में निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर उन्हें प्रत्याशी बनाया था। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने यहां 'स्थानीय बनाम बाहरी' का मुद्दा भी उठाया, लेकिन कोठारी अपनी सीट निकालने में सफल रहे। अब पार्षद बनने के बाद मेयर पद को लेकर उनका नाम फिर चर्चा के केंद्र में है।

विमल अग्रवाल भी जीते, 440 वोट से निकाली सीट

तीसरे संभावित दावेदार विमल कुमार अग्रवाल ने भी अपनी पहली चुनावी बाधा पार कर ली है। वार्ड 135 में भाजपा के विमल अग्रवाल ने कांग्रेस के रवि कुमार शर्मा को 440 वोट से हराया। इस वार्ड में चुनाव से पहले बागियों और अंदरूनी समीकरणों को लेकर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा था। भाजपा के भीतर स्थानीय स्तर पर नाराजगी की चर्चा थी, जबकि कांग्रेस के सामने भी बगावत का समीकरण था। इन परिस्थितियों के बावजूद विमल अग्रवाल जीत दर्ज कर मेयर की संभावित दौड़ में बने हुए हैं।

ज्योति खंडेलवाल को बड़ा झटका, सभी बूथों पर पिछड़ीं

चार संभावित दावेदारों में सबसे बड़ा उलटफेर वार्ड 110 में हुआ। यहां भाजपा की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल चुनाव हार गईं। कांग्रेस की सुनीता मेठी ने उन्हें शिकस्त दी। खास बात यह है कि उपलब्ध बूथवार आंकड़ों के मुताबिक ज्योति खंडेलवाल अपने वार्ड के किसी भी बूथ पर बढ़त नहीं बना सकीं। यानी उनकी हार किसी एक इलाके या कुछ बूथों तक सीमित नहीं रही।

ज्योति की सबसे बड़ी ताकत उनका अनुभव था। वे पहले जयपुर की मेयर रह चुकी हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद यह चुनाव उनके लिए नई पार्टी में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का बड़ा मौका भी था। लेकिन मेयर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए पहली शर्त पार्षद चुनाव जीतना थी। वार्ड 110 में हार के साथ फिलहाल उनकी मेयर पद की दावेदारी भी खत्म हो गई है।

तीनों दावेदारों को देखें तो मेयर की संभावित रेस में अलग-अलग ताकत दिखाई देती है। पुनीत कर्णावट के पास डिप्टी मेयर रहने का अनुभव है और तीनों संभावित दावेदारों में उनकी जीत का अंतर भी सबसे ज्यादा है। सुनील कोठारी के पास भाजपा संगठन में लंबा अनुभव और शहर से लेकर प्रदेश संगठन तक काम करने का रिकॉर्ड है। वहीं विमल अग्रवाल भी अपनी सीट जीतकर इस दौड़ में बने हुए हैं।

केवल जीत का अंतर मेयर की कुर्सी तय नहीं करेगा। भाजपा नेतृत्व के सामने जातीय-सामाजिक संतुलन, संगठन में स्वीकार्यता, निगम चलाने का अनुभव और निर्वाचित पार्षदों के बीच पकड़ जैसे समीकरण भी होंगे।

75 सीटों के साथ BJP बहुमत से एक कदम दूर

फिलहाल भाजपा 75 सीटें जीतकर 76 के बहुमत के आंकड़े से केवल एक सीट दूर है। कांग्रेस 50 और निर्दलीय 12 सीटें जीत चुके हैं। कुछ वार्डों की मतगणना और परिणाम अभी बाकी होने के कारण अंतिम संख्या बदल सकती है। ऐसे में भाजपा की पहली नजर बहुमत का आंकड़ा पार करने पर है। उसके बाद राजनीतिक फोकस सीधे मेयर के चयन पर आ जाएगा।

चुनाव से पहले चार नाम चर्चा में थे। नतीजों ने पहला फिल्टर लगा दिया है ज्योति खंडेलवाल बाहर हो गई हैं, जबकि कर्णावट, कोठारी और विमल अग्रवाल पार्षद बनकर अगली परीक्षा में पहुंच गए हैं।

यह खबरें भी पढ़ें...

जोधपुर नगर निगम चुनाव: फलोदी सट्टा बाजार का आया अनुमान, जानें किसका पलड़ा भारी

जयपुर निगम चुनाव: बीजेपी उम्मीदवार नहीं जाएंगे काउंटिंग सेंटर, मेयर के चेहरे पर मंथन शुरू

जयपुर नगर निगम रिजल्ट LIVE: BJP 68 सीटों के साथ आगे, कांग्रेस 48 पर, निर्दलीय के खाते में 14

जयपुर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस ने जारी किया जयपुर 2032 पांच वर्षीय जन-घोषणापत्र

Tags:
  • राजस्थान
  • जयपुर
  • निकाय चुनाव
  • निगम चुनाव
  • जयपुर नगर निगम
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा

By Jageshwar prasad

3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर

By Jageshwar prasad

जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा

By Saurabh Mishra

टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला

By Manya Jain

इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC

By Sandeep Kumar

एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC
राहुल गांधी का अगला पड़ाव भोपाल होगा? वेटिंग शिक्षक के आंदोलन पर चिट्ठी लिखने के बाद दौरे की चर्चा तेज

By Atul Dwivedi

राहुल गांधी का अगला पड़ाव भोपाल होगा? वेटिंग शिक्षक के आंदोलन पर चिट्ठी लिखने के बाद दौरे की चर्चा तेज