जैसलमेर पुलिस कांस्टेबल की मौत, इंदिरा गांधी नहर में मिला शव; पोस्टमार्टम बिना धरने पर बैठे परिजन
जैसलमेर कांस्टेबल डेथ का मामला गरमा गया है। राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल अनिरुद्ध सिंह का शव 6 अक्टूबर को मोहनगढ़ में इंदिरा गांधी नहर से बरामद हुआ। परिजनों ने पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ नामजद शिकायत दी है। अनिरुद्ध सिंह कांस्टेबल के परिजन मोहनगढ़ थाना धरना दे रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल अनिरुद्ध सिंह का शव 6 अक्टूबर को मिला।
- कांस्टेबल का शव मोहनगढ़ जीरो आरडी के पास नहर से बरामद हुआ।
- परिजनों ने कांस्टेबल की पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी।
- कांस्टेबल के परिजन मोहनगढ़ थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।
- पुलिस ने कांस्टेबल की मौत के मामले में जांच शुरू कर दी है।
शिकायत नामजद है, यानी उसमें लोगों के नाम लिखे हैं। इसके बाद परिजन मोहनगढ़ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। मोहनगढ़ जैसलमेर खबर अब थाने के बाहर चल रहे धरने तक पहुंची है।
अनिरुद्ध सिंह कांस्टेबल मौत : क्या हुआ?
वीडियो मिलने के बाद परिजनों ने क्या किया?
इंदिरा गांधी नहर शव बरामद कैसे हुआ?
ससुराल पक्ष पर आरोप और वीडियो
कांस्टेबल अनिरुद्ध सिंह वीडियो अब जांच का अहम साक्ष्य माना जा रहा है। मोबाइल लोकेशन और परिजनों की शिकायत भी अहम साक्ष्य हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जैसलमेर के मोहनगढ़ में इंदिरा गांधी नहर में कूदकर पुलिसकर्मी अनिरुद्ध सिंह की मौत के मामले में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। परिजनों ने मोहनगढ़ पुलिस थाने के सामने धरना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि मामले में नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। #rajasthan https://t.co/jKgXRrAPaT
— test test (@TestT12452) October 7, 2026
मोहनगढ़ थाना धरना : क्या हैं मांगें?
जैसलमेर के मोहनगढ़ में पुलिसकर्मी की मौत, परिजनों का थाने के सामने धरनाजैसलमेर के मोहनगढ़ जीरो आरडी पर इंदिरा गांधी नहर में कूदकर पुलिसकर्मी अनिरुद्ध सिंह की मौत के मामले में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। परिजनों ने मोहनगढ़ पुलिस थाने के सामने धरना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि मामले में नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा। धरने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिचित थाने के सामने पहुंच रहे हैं।स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। ADSP वीरेंद्र सिंह सहित PTM थाना और नाचना थाने से पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है।मृतक अनिरुद्ध सिंह आबूरोड़ सदर थाने में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि नहर में छलांग लगाने से पहले उन्होंने अपनी गाड़ी में एक वीडियो बनाया था और इसे परिजनों को भेजा था। परिजनों के अनुसार, वीडियो में अनिरुद्ध सिंह ने ससुराल पक्ष पर पिछले कई वर्षों से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।इसके बाद उन्होंने मोहनगढ़ जीरो आरडी पर इंदिरा गांधी नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।अब परिजन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि गिरफ्तारी होने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।फिलहाल मोहनगढ़ थाने के सामने धरना जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
— Ashok Shera (@ashokshera94) October 7, 2026
बिना पोस्टमार्टम शव धरना : परिजनों की शर्त
जांच और सुरक्षा के क्या इंतजाम?
पुलिस जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी। तब तक किसी पर जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। घटना ने पारिवारिक विवादों और उनके गंभीर नतीजों पर फिर सवाल उठाए हैं। अब नजर इस पर रहेगी कि जांच में वीडियो और शिकायत से क्या निकलता है। फिलहाल थाने के बाहर धरना जारी है।
यह खबर क्यों जरूरी है:
FAQs
- कांस्टेबल अनिरुद्ध सिंह की मौत का मामला क्या है?
कांस्टेबल अनिरुद्ध सिंह का शव 6 अक्टूबर को मोहनगढ़ जीरो आरडी के पास इंदिरा गांधी नहर से बरामद हुआ। परिजनों ने उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी है, जिसके बाद वे मोहनगढ़ थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। - परिजनों की क्या मांगें हैं और धरना क्यों दिया जा रहा है?
परिजनों की मांग है कि अनिरुद्ध सिंह की मौत में नामजद लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा। - अनिरुद्ध सिंह ने घटना से पहले क्या किया था?
अनिरुद्ध सिंह ने घटना से पहले अपनी गाड़ी में एक वीडियो बनाया और इसे अपने परिजनों को भेजा। इस वीडियो में उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए थे और पिछले पांच सालों से मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था।
By Jyoti Mahender Bhardwaj
By Umeshwari Baghel
By Sumit Kumar
By Mukesh Sharma
By Neel Tiwari
By VINAY VERMA
By Raghvendra Singh Rathore