जैतारण पालिका अध्यक्ष फिर सस्पेंड, बोले-मंत्रीजी आपकी मेहनत रंग लाई, पर मैं वापस आऊंगा
Amit Baijnath Garg | Aug 12, 2025, 20:19 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जैतारण नगर पालिका अध्यक्ष रामस्वरूप भाटी को दूसरी बार सस्पेंड किया गया, आरोप-मास्टर प्लान के खिलाफ कार्यवाही, मंत्री अविनाश गहलोत पर किया कटाक्ष।
राजस्थान में पाली जिले की जैतारण नगर पालिका के अध्यक्ष रामस्वरूप भाटी को राज्य सरकार ने फिर सस्पेंड कर दिया। उन पर मास्टर प्लान के विपरीत ले-आउट प्लान अनुमोदन और नियम विरुद्ध 90ए के तहत कार्रवाई करने का आरोप था। यह दूसरा मौका है, जब उन्हें सस्पेंड किया गया है।
इस निलंबन आदेश को राजस्थान कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत से जोड़कर देखा जा रहा है। अविनाश गहलोत जैतारण से ही विधायक हैं। सस्पेंड होने के बाद रामस्वरूप भाटी ने सोशल मीडिया पर मंत्री को सीधा टारगेट करते हुए कटाक्ष में कहा कि मुझे सस्पेंड करवाने में आपकी मेहनत रंग लाई। मैं वापस आऊंगा। भाजपा जिंदाबाद। भाटी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला गरमा गया।
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इस बार रामस्वरूप भाटी के खिलाफ लगे आरोपों की स्वायत्त शासन विभाग ने उपनिदेशक से जांच कराई थी। इसमें शिकायतें सही पाई गईं। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच प्रभावित न हो, इस कारण रामस्वरूप भाटी को निलंबित किया गया है।
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जैतारण नगरपालिका चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भाटी ने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सिकन्दर खान को हराया था। इस पालिका में 25 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा को 14, कांग्रेस को 6 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 5 सीटें मिली थीं। राज्य सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि भाटी ने पद का दुरुपयोग किया। विभाग की नोटशीट में इसे भ्रष्टाचार की श्रेणी में माना गया है और इस वजह से न्यायिक जांच प्रभावित होने का खतरा जताया गया। राज्य सरकार ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भाटी को अध्यक्ष एवं सदस्य पद से सस्पेंड कर दिया।
पहली बार भाटी के सस्पेंड के आदेश निदेशक एवं विशेष सचिव इंद्रजीत सिंह ने जारी किए थे। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने जैतारण नगरपालिका अध्यक्ष रामस्वरूप भाटी के सस्पेंड आदेश को 26 मई को स्थगित कर दिया। मामला 2021 में 'शहरों के संग अभियान' के तहत जारी किए गए पट्टों से जुड़ा था। भाटी का कहना था कि उन्होंने अध्यक्ष के रूप में केवल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। सभी पट्टे संबंधित अफसरों की जांच और अनुमोदन के बाद जारी हुए थे। 2023 में पांच सदस्यीय समिति की सिफारिश पर इन पट्टों को रद्द कर दिया गया।
कोर्ट ने पट्टे रद्द होने के दो साल बाद सस्पेंड आदेश जारी करने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि बिना किसी नए तथ्य के यह आदेश दिया गया। साथ ही अन्य समिति सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे राज्य सरकार का निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन प्रतीत होता है।
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इस निलंबन आदेश को राजस्थान कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत से जोड़कर देखा जा रहा है। अविनाश गहलोत जैतारण से ही विधायक हैं। सस्पेंड होने के बाद रामस्वरूप भाटी ने सोशल मीडिया पर मंत्री को सीधा टारगेट करते हुए कटाक्ष में कहा कि मुझे सस्पेंड करवाने में आपकी मेहनत रंग लाई। मैं वापस आऊंगा। भाजपा जिंदाबाद। भाटी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला गरमा गया।
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न्यायिक जांच के भी दिए आदेश
पहले भी हुए सस्पेंड इससे पहले भी भाटी को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किया गया था। तब यह कार्रवाई नगर पालिका जैतारण की भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई थी, जिसमें अध्यक्ष पर भूमि उपयोग और योजना स्वीकृति में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। जांच में पाया गया कि भाटी ने खसरा संख्या 118/3, 118/4, 118/5 और 118/9 की भूमि पर बिना स्वीकृति के ले-आउट प्लान लागू किया, जिससे मास्टर प्लान 2023 की अवहेलना हुई। इसके अलावा योजना स्वीकृति समिति की बैठक में चर्चा किए बिना योजनाएं स्वीकृत की गईं, जो नियमन प्रक्रिया के खिलाफ रही।
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सस्पेंड अध्यक्ष जीते थे भाजपा से
“हालात-ए-भाजपा कार्यकर्ता” —
जैतारण नगरपालिका के BJP चेयरमैन फिर सस्पेंड।
कसूर?
एक ज़मीन, एक बेशकीमती पट्टा…
चेयरमैन ने बनाने से किया इंकार, तो अपनी ही सरकार ने बार-बार निलंबन का तोहफ़ा दे दिया।
जल्द होगा बड़ा खुलासा…#Rajasthan pic.twitter.com/FTBkDaLiuP
— Vivek Shrivastava (@Viveksbarmeri) August 12, 2025
हाईकोर्ट से हुए थे बहाल
हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी
FAQ
- 1. रामस्वरूप भाटी को क्यों सस्पेंड किया गया?
रामस्वरूप भाटी को मास्टर प्लान के खिलाफ ले-आउट प्लान अनुमोदन और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है। - 2. क्या पहले भी भाटी को सस्पेंड किया गया था?
जी हां, पहले भी भाटी को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किया गया था, जिसमें उन्होंने बिना स्वीकृति के भूमि योजनाएं लागू की थीं। - 3. हाई कोर्ट ने भाटी के मामले में क्या फैसला दिया था?
हाई कोर्ट ने भाटी के सस्पेंड आदेश को 26 मई को स्थगित किया था, और राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे।
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