झालाना डूंगर की 63 बीघा जमीन सरकारी, 70 साल पुराने पट्टे रद्द, दोषियों पर मुकदमा चलाने की छूट

Amit Baijnath Garg | Aug 02, 2025, 12:37 IST
Share
court
Photograph: (the sootr)

राजस्थान हाई कोर्ट ने झालाना डूंगर की 63 बीघा जमीन को सरकारी घोषित किया और 70 साल पुराने पट्टों को रद्द कर दोषियों पर मुकदमा चलाने के निर्देश दिए।

राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर में एमएनआईटी, सिंचाई विभाग के भवन, सरस डेयरी व आसपास की 63 बीघा जमीन को सरकारी (Government Land) घोषित कर दिया है। कोर्ट ने इस भूमि से संबंधित 70 साल पुराने पट्टों को गैर कानूनी करार दिया है और पुराने भू-अवाप्ति अवार्डको रद्द कर दिया है। अदालत ने दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

जस्टिस अशोक कुमार जैन ने राज्य सरकार व जयपुर विकास प्राधिकरण की 34 साल पुरानी अपील को मंजूर कर यह फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने झालाना डूंगर क्षेत्र की इस जमीन पर 1955 में जागीरदार द्वारा जारी किए गए पट्टों को अवैध घोषित किया है। इस जमीन की अवाप्ति के अवार्ड भी वर्षों पहले जारी हो चुके थे, लेकिन अब सरकार ने बताया कि यह जमीन तो पहले से ही सरकार की होने के कारण अवाप्ति किया जाना ही गलत था।

1952 में ही हो गई थी सरकारी

विवाद 1952 के राजस्थान भूमि सुधार और जागीर उन्मूलन अधिनियम से शुरू हुआ। जब जागीरदारों की जमीनें राज्य सरकार के पास आ गईं। सरकार ने झालाना डूंगर के जागीरदार को मुआवजा देकर जमीन ली थी और तभी यह जमीन सरकारी हो गई थी। इसके बावजूद जागीरदार ने 1955 में त्रिलोकी नाथ साहनी को 188 बीघा 8 बिस्वा जमीन का पट्टा जारी किया, जिसमें खसरा नंबर 21 और 22 शामिल थे।

अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की 1969 में सरकार ने इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की और साहनी ने मुआवजे के लिए दावा किया। भूमि अधिग्रहण अधिकारी से राहत नहीं मिलने पर मुआवजे के लिए मामला सिविल कोर्ट पहुंचा और रेफरेंस दायर किया गया, जो 1990 में स्वीकार कर लिया गया।
यह खबरें भी पढ़ें...

सुप्रीम कोर्ट ने 53 वर्षीय दोषी को भेजा बाल सुधार गृह, राजस्थान हाई कोर्ट का फैसला पलटा

राजस्थान हाई कोर्ट को मिले 7 नए जज, 6 एडवोकेट कोटे से और एक न्यायिक कोटे से

राजस्थान हाई कोर्ट में एसओजी द्वारा एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की सिफारिश पर बड़ा सवाल

राजस्थान हाई कोर्ट ने सरकारी डॉक्टर को दी चुनाव लड़ने की अनुमति, हारने पर फिर ज्वाइन कर सकेंगे ड्यूटी

आपराधिक मुकदमा चलाने की छूट

राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ 1991 में हाईकोर्ट में अपील दायर की। इसी बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां से साल 2000 में हाई कोर्ट को पुनः सुनवाई के निर्देश मिले थे। हाई कोर्ट ने कहा कि 1952 के जागीर उन्मूलन अधिनियम के तहत जमीन पहले ही सरकार के पास आ गई, इसलिए जागीरदार द्वारा 1955 में जारी पट्टा कानूनी रूप से अमान्य था।

अदालत ने भूमि अधिग्रहण का अवार्ड भी रद्द कर दिया। सिविल कोर्ट से जारी इस अवार्ड के माध्यम से साहनी को मुआवजा देना भी तय हो गया, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है और राज्य सरकार को इस मामले में दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की छूट दी।

FAQ

  1. 1. राजस्थान हाई कोर्ट ने 63 बीघा भूमि को क्यों सरकारी संपत्ति घोषित किया?
    राजस्थान हाई कोर्ट ने यह निर्णय लिया कि 1952 के जागीर उन्मूलन अधिनियम के तहत यह भूमि पहले ही सरकारी संपत्ति बन चुकी थी, और जागीरदार द्वारा 1955 में जारी किए गए पट्टे कानूनी रूप से अवैध थे।
  2. 2. क्या 70 साल पुराने पट्टे रद्द किए गए हैं?
    हां, कोर्ट ने 70 साल पुराने पट्टों को अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिया और सरकारी भूमि के अधिकार को स्पष्ट किया।
  3. 3. राज्य सरकार को किस तरह की कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति मिली है?
    राज्य सरकार को अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की छूट दी गई है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया कि इस भूमि के अवैध कब्जे और पट्टों को लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • Government Land
  • भू-अवाप्ति अवार्ड
  • 70 साल पुराने पट्टे
  • जागीर उन्मूलन अधिनियम
  • दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की छूट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा