झालावाड़ स्कूल हादसा : धीरे-धीरे दूर हो रहा बाल मन का डर, मास्टरजी घर-घर जाकर पढ़ा रहे
Amit Baijnath Garg | Aug 05, 2025, 19:34 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद बच्चों के डर को दूर करने के लिए शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों की काउंसलिंग करने के साथ उन्हें पढ़ाई भी करवा रहे हैं।
राजस्थान में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में स्कूल गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद सदमे में आए स्कूली बच्चों का डर अब खत्म होने लगा है। हादसे में घायल हुए बच्चे अस्पताल में स्वस्थ होने लगे हैं। शिक्षक भी घर-घर जाकर सदमे में आए बच्चों के बाल मन में समाए डर को निकालने के लिए न केवल काउंसलिंग कर रहे हैं, बल्कि उन्हें पढ़ा भी रहे हैं। इन बच्चों को सरकार ने नए बैग व किताबें उपलब्ध कराई हैं।
शिक्षकों का कहना है कि बच्चे अब स्कूल खुलने और कक्षाएं लगने का इंतजार कर रहे हैं। हादसे के कारण ढहा दिए गए स्कूल भवन के बनने तक पढ़ाई सुचारू हो, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 10 दिन पहले हुए इस हादसे के बाद अब बच्चों के मन से काफी हद तक डर दूर हुआ है।
झालावाड़ स्कूल हादसा: हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा-बहुत हो चुका, अब चेतने का समय
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि हादसे के बाद बच्चों के मन में जो डर पैदा हुआ, उसे कम करने के लिए संवेदनशील पहल की गई है। बच्चों से मिलने, उन्हें समझाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर बात करने के लिए कहा गया है। बच्चों को पढ़ाई भी करवाई गई है। फिलहाल ये प्रयास किए जा रहे हैं कि बच्चों के लिए भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाया जा सके। बच्चों की काउंसलिंग से उनका डर दूर हो रहा है।
झालावाड़ स्कूल हादसा : राजस्थान में शिक्षा विभाग का शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला, कई जिलों में बच्चों की छुट्टी
कोर्ट बोला-झालावाड़ हादसे ने बच्चों की सुरक्षा तो दूर, उनके संवैधानिक अधिकारों की भी धज्जियां उड़ा दी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट का कहना है कि अभिभावकों ने गांव में ही अपना निजी मकान देकर बच्चों को शिक्षण कार्य करवाने के लिए आग्रह किया है। इस पर उन्हीं के मकान को स्कूल में बदलने के लिए सुरक्षित भवन का रूप दिया गया है। मकान में कक्षा कक्ष, प्रार्थना सभा, पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था की गई है।
The Sootr Rajasthan
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
शिक्षकों का कहना है कि बच्चे अब स्कूल खुलने और कक्षाएं लगने का इंतजार कर रहे हैं। हादसे के कारण ढहा दिए गए स्कूल भवन के बनने तक पढ़ाई सुचारू हो, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 10 दिन पहले हुए इस हादसे के बाद अब बच्चों के मन से काफी हद तक डर दूर हुआ है।
झालावाड़ स्कूल हादसा: हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा-बहुत हो चुका, अब चेतने का समय
घर-घर जाकर पढ़ा रहे हैं शिक्षक
खेल-खेल में सीखने की कवायद शासन सचिव कृष्ण कुणाल के अनुसार, घटना के वक्त अस्पताल में भर्ती बच्चों की देखरेख के लिए कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई। जो बच्चे स्वस्थ होकर घर पहुंच गए, उनके लिए डोर टू डोर जाकर खेल-खेल में सीखने की गतिविधियां हो रही हैं। बालकों के घर-घर जाकर शिक्षकों द्वारा नोटबुक्स, किताबें, नए बैग और ड्रेस देकर स्कूल में आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कोर्ट बोला-झालावाड़ हादसे ने बच्चों की सुरक्षा तो दूर, उनके संवैधानिक अधिकारों की भी धज्जियां उड़ा दी
समुचित प्रबंध से सुगम हो रही राह
The Sootr Rajasthan
FAQ
- 1. झालावाड़ हादसे के बाद बच्चों को किस प्रकार की सहायता दी गई?
झालावाड़ हादसे के बाद बच्चों को काउंसलिंग और पढ़ाई के लिए घर-घर जाकर सहायता दी गई है। - 2. शिक्षा मंत्री ने बच्चों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
शिक्षा मंत्री ने बच्चों के डर को कम करने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर काउंसलिंग और शिक्षा देने का निर्देश दिया है। - 3. क्या बच्चों को पढ़ाई के लिए विशेष मदद दी जा रही है?
जी हां, बच्चों को नए बैग, किताबें, ड्रेस और नोटबुक्स दी जा रही हैं ताकि उनकी पढ़ाई में कोई विघ्न न आए।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari