जॉब स्कैम का शिकार हो रहे बेरोजगार, 93% लोगों को मिले फर्जी ऑफर
Jageshwar prasad | Jul 19, 2026, 12:59 IST
नौकरी के नाम पर साइबर ठगी, 93% लोगों को मिले फर्जी जॉब ऑफर
इनडीड के सर्वे में खुलासा, 93% भारतीय कर्मचारियों को कभी न कभी फर्जी जॉब ऑफर मिला। जेन-जी और कम अनुभव वाले बेरोजगार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- 93 प्रतिशत लोगों को मिले फर्जी या संदिग्ध जॉब ऑफर।
- असली और नकली नौकरी में फर्क करना हुआ मुश्किल।
- सिर्फ शक के कारण 75 प्रतिशत ने छोड़ा सही मौका भी।
- जेन-जी और कम अनुभव वालों पर सबसे ज्यादा असर।
- एक्सपर्ट बोले, भर्ती में भरोसा लौटाना सबसे बड़ी जरूरत।
भर्ती मंच इनडीड (Indeed) के सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सबसे ज्यादा असर जेन-जी और कम अनुभव वाले पेशेवरों पर पड़ा है।
सर्वे में क्या सामने आया?
इसी शक के चलते 75 फीसदी लोगों ने नौकरी का अवसर छोड़ दिया। हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में वह अवसर वास्तव में सही था। इस तरह फर्जी ऑफर के डर से असली मौके भी हाथ से निकल रहे हैं।
जेन-जी पर सबसे ज्यादा असर
52 फीसदी लोगों ने संदेह के कारण असली अवसर गंवाने की बात कही। 51 फीसदी ने तनाव और चिंता महसूस करने की बात बताई। वहीं 46 फीसदी ने कंपनियों पर भरोसा कम होने और इतने ही लोगों ने आर्थिक नुकसान होने की बात कही।
मानसिक और सामाजिक नुकसान सबसे बड़ा
फर्जी प्रस्तावों के चलते 31 फीसदी लोगों ने कंपनियों और नियोक्ताओं पर भरोसा कम होने की बात कही। 19 फीसदी लोग तनाव और चिंता में रहे। वहीं 14 फीसदी ने ठगी के डर से बाद में असली नौकरी के मौके भी छोड़ दिए। सिल्वेस्टर के अनुसार नौकरी के नाम पर ठगी का सबसे बड़ा नुकसान मानसिक और
सामाजिक स्तर पर होता है।
भरोसा कैसे लौटेगा
वहीं 47 फीसदी लोगों ने कंपनी की आधिकारिक ईमेल आईडी से आए ईमेल को सबसे विश्वसनीय माना है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को सत्यापित भर्ती प्रोफाइल और प्रमाणित जॉब पोस्टिंग अपनानी चाहिए। स्पष्ट चयन प्रक्रिया से ही उम्मीदवारों का भरोसा वापस लौट सकता है।
कंपनी की मेल आईडी जरूर करें चेक
उनके अनुसार किसी भी नौकरी के लिए आवेदन से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल आईडी (ID – Identity) और रिक्रूटर की पहचान जरूर जांचनी चाहिए। डिजिटल भर्ती बढ़ने के साथ सतर्कता और भी जरूरी हो गई है।
सत्यापित रिक्रूटर्स के जरिए हो भर्ती
इससे कंपनियों की साख को भी नुकसान पहुंचता है। उनके अनुसार उद्योगों को आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और सत्यापित रिक्रूटर्स के जरिए ही भर्ती करनी चाहिए। इससे नौकरी बाजार में भरोसा फिर से मजबूत हो सकता है।
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