जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: ग्रीन कॉरिडोर से जयपुर भेजे गए झुलसे दमकलकर्मी, मालिक का बेटा हिरासत में
Jageshwar prasad | Sept 24, 2026, 17:45 IST
जोधपुर केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट
जोधपुर की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान विस्फोट हुआ। इसमें 13 दमकलकर्मी झुलस गए। छह गंभीर मरीजों को ग्रीन कॉरिडोर से जयपुर रेफर किया गया। इनमें तीन वेंटिलेटर पर हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट।
- 13 दमकलकर्मी झुलसे, 6 जयपुर रेफर।
- ग्रीन कॉरिडोर से भेजे गए घायल मरीज।
- तीन की हालत बेहद चिंताजनक, वेंटिलेटर पर।
- प्रशासनिक फैसले पर उठे गंभीर सवाल।
इसके जरिए छह गंभीर दमकलकर्मियों को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल भेजा गया। यह फैसला जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की पीड़ित परिवारों के साथ हुई लंबी वार्ता के बाद लिया गया।
छह मरीज जयपुर स्थानांतरित
इनमें से तीन मरीजों की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। ये तीनों दमकलकर्मी वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। ये जीवन से संघर्ष कर रहे हैं। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था
उन्होंने एम्बुलेंस के काफिले को निर्बाध गति से रवाना करवाया। जोधपुर पुलिस और यातायात विभाग ने समन्वय बनाकर त्वरित ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इसका मुख्य उद्देश्य एम्बुलेंस को बिना जाम के जयपुर पहुंचाना था।
प्रशासन की मंशा पर सवाल
सुरेश जोड़ ने आरोप लगाया कि जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में ही इलाज की पुख्ता व्यवस्थाएं करने की बजाय मरीजों को जयपुर शिफ्ट करना जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने जैसा है।
विधायक और आयुक्त से जवाब तलब
उन्होंने कहा कि मरीजों को जयपुर भेज देने से इस संभावित विरोध को टाला जा सकता है। इसी डर के कारण गंभीर मरीजों को जल्दबाजी में रेफर किया गया। सुरेश जोड़ ने विधायक अतुल भंसाली और नगर निगम आयुक्त राहुल जैन से सीधे वार्ता की। उन्होंने प्रशासन की जल्दबाजी पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए जवाब मांगा है।
अस्पताल में कितने मरीज भर्ती
इनमें से छह को गंभीर हालत में जयपुर भेजा गया है। जोधपुर के एमजीएच में भर्ती सात अन्य मरीजों में भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बाकी चार घायलों में से दो करीब 50 प्रतिशत तक झुलसे हैं। अधिकांश घायलों की उम्र 22 से 30 वर्ष के बीच है।
संक्रमण का खतरा
गुरुवार को अस्पताल में परिजनों के अलावा कुछ जनप्रतिनिधि भी वार्ड तक पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।
आग बुझने के बाद हुआ ब्लास्ट
ब्लास्ट के बाद आग फिर भड़क उठी। मौके पर मौजूद दमकलकर्मी इसकी चपेट में आ गए। घायलों को पहले एम्स और इसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया। गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों का बर्न यूनिट में उपचार किया गया।
फैक्ट्री संचालक का बेटा हिरासत में
पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में फैक्ट्री में बिना लाइसेंस के केमिकल भंडारण का आरोप है। अवैध तरीके से फैक्ट्री संचालित करने का भी आरोप है। फैक्ट्री में फायर एनओसी नहीं होने और अग्निशमन उपकरण नहीं होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने विस्फोटक नियम, 2008 और पेट्रोलियम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। फैक्ट्री संचालक राजेंद्र अग्रवाल मौके पर नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में लिया है।
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