जोधपुर में अवैध कॉलोनियां: JDA की 6 जोन की काली सूची, अफसर–माफिया गठजोड़ पर सवाल
Mukesh Sharma | May 25, 2026, 13:04 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान का जोधपुर शहर अवैध कॉलोनियों का गढ़ बन गया है। यह सब कुछ जोधपुर विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत से हो रहा है। जोधपुर विकास प्राधिकरण ऐसी अवैध कॉलोनियों को चिंहित करने में जुटा है।
News In Short
- जोधपुर अवैध कॉलोनियों का गढ़ बना। शहर के चारों तरफ कंक्रीट का अवैध जाल।
- यह सब कुछ जोधपुर विकास प्राधिकरण के अफसरों की मिलीभगत से ही पनपा।
- अब जोधपुर विकास प्राधिकरण ऐसी अवैध कॉलोनियों को चिंहित करने में जुटा।
- प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर शहर की दर्जनों अवैध कॉलोनियों की सूची जारी की।
- अब जनता को आगाह किया है कि वे इन क्षेत्रों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त न करें।
News In Detail
जब पानी सिर से ऊपर चला गया और एक्शन का डर सताने लगा तो जेडीए ने एक नोटिस जारी कर शहर के 6 अलग-अलग जोनों में फल-फूल रहीं दर्जनों अवैध कॉलोनियों के खसरा नंबरों की सूची सार्वजनिक की है।
जेडीए ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश तो कर ली है, लेकिन बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब इन कृषि भूमियों पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही थीं, तब जेडीए के प्रवर्तन दस्ते और जिम्मेदार अधिकारी किस गहरी नींद में सोए हुए थे?
पहले बसने दिया, अब थमा रहे 'अवैध' का ठप्पा
माफिया पहले कृषि भूमि पर अवैध रूप से सड़कें बनाते हैं, बिजली-पानी के नाम पर प्लॉट बेच देते हैं और जब गरीब अपनी जीवनभर की पूंजी लगाकर वहां आशियाना बना लेता है, तब जेडीए के अफसर जोधपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2009 की धारा 31 से 35 का चाबुक लेकर खड़े हो जाते हैं।
जानकार बताते हैं कि बिना स्थानीय जेडीए अधिकारियों और पटवारियों की मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां काटना और वहां निर्माण कार्य होना नामुमकिन है।
इन इलाकों में फैला है अवैध कॉलोनियों का जाल
जोन 1: ग्राम श्रीयादे (खसरा नंबर 74, 11/1), ग्राम बनाड़ (खसरा 438, 439/2, 439/3) और ग्राम डिगाड़ी (खसरा 164) में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां काटी गई हैं।
जोन 2 व 3: ग्राम झालामण्ड (खसरा 729/2, 185) और ग्राम सांगरिया (खसरा 24 व 24/1) और तेजी से विकसित होते इलाकों को भी भू-माफियाओं ने अफसरों से मिलकर नहीं बख्शा।
जोन 4: इस क्षेत्र में ग्राम गंगाणी, ग्राम बुझावड़ और ग्राम बड़ला नगर के दर्जनों खसरा नंबरों (जैसे 1349/468, 320/285 आदि) पर अवैध कॉलोनाइजर सक्रिय हैं।
जोन 5: ग्राम तिंवरी के खसरा नंबर 1042/71, 656/11 सहित करीब दो दर्जन से अधिक खसरों पर अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल उजागर हुआ है।
जोन 6 (सबसे बड़ा गढ़): जोन 6 में अवैध कॉलोनियों की बाढ़ आई हुई है। इसमें ग्राम गुजरावास, मेलावास, पूंजला, श्रीरामनगर बाडिया पुरोहितान, बोरावास, बासनी करवड़, भवाड़, रूपसर, करवड़, नेतड़ा, विनायकपुरा, दईंजर, बावड़ी चक, सुरपुरा और मण्डोर द्वितीय के सैकड़ों खसरा नंबर शामिल हैं।
जेडीए की लाचारी या पल्ला झाड़ने की नीति?
जेडीए ने जनता को आगाह किया है कि वे इन भूखंडों का क्रय-विक्रय (खरीद-फरोख्त) न करें। यदि कोई लेनदेन में नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी जेडीए की नहीं होगी।
लेकिन जनता का सवाल सीधा है-नोटिस थमाना समाधान नहीं है। क्या जेडीए उन भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई करेगा जिनकी शह पर यह अवैध साम्राज्य खड़ा हुआ? आखिर क्यों समय रहते इन अवैध निर्माणों पर जेडीए का पीला पंजा नहीं चलता?
जनता बरतें सावधानी
जेडीए ने अपील की है कि लोग पूरी समझदारी, धैर्य और जेडीए से स्वीकृत योजनाओं की पूरी जानकारी निकालने के बाद ही भूखंड खरीदें।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जोधपुर विकास प्राधिकरण के कामकाज और उसकी विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
FAQs
जोधपुर में अवैध कॉलोनियों का विस्तार मुख्य रूप से जेडीए के जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत और स्थानीय भू-माफियाओं की मिलीभगत के कारण हो रहा है। बिना अधिकारियों की सहमति और पटवारियों की मदद के इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियों का निर्माण संभव नहीं है।
जेडीए ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
जेडीए ने शहर के 6 प्रमुख जोनों में अवैध कॉलोनियों के खसरा नंबरों की सूची जारी कर दिए है। जेडीए ने नोटिस में कहा कि बिना स्वीकृति और लैंड यूज चेंज के ये कॉलोनियां अवैध हैं और इनके क्रय-विक्रय में होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी जेडीए की नहीं होगी।
आम जनता को अवैध कॉलोनियों से कैसे सावधान रहना चाहिए?
जोधपुर में भूखंड खरीदते समय केवल जेडीए से स्वीकृत योजनाओं और आधिकारिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश करना जोखिमपूर्ण है, क्योंकि जेडीए की तरफ से कानूनी कार्रवाई या नोटिस के बाद भी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
ये भी पढे़:-
डंपिंग यार्ड में खुले में बिखरे गोवंश के शव, लोगों में भारी आक्रोश
मीटर से छेड़छाड़ और बिजली चोरी पर लगेगी भारी पेनल्टी, 1 जून से लागू होंगे नए नियम
रॉकेट, मिसाइल और न्यूक्लियर तकनीक में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, मिला दुर्लभ खनिजों का भंडार
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari