कंवरपुरा स्कूल विवाद के बाद CJP का अभियान जारी रहेगा या थमेगा? जानें प्लान

Saurabh Mishra | Aug 23, 2026, 10:46 IST
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राजस्थान सरकार ने कंवरपुरा स्कूल भवन के लिए दिए 18 लाख रुपए
राजस्थान सरकार ने कंवरपुरा स्कूल भवन के लिए दिए 18 लाख रुपए

जयपुर के बगरू विधानसभा के कंवरपुरा में हिंसक झड़प के दो दिन बाद राजस्थान सरकार ने जर्जर स्कूल भवन के लिए 18 लाख रुपए मंजूर किए। CJP ने इसे अपने आंदोलन की जीत बताया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान सरकार ने कंवरपुरा स्कूल भवन के लिए दिए 18 लाख रुपए।
  • CJP ने इसे बताया अपने स्कूल ठीक करो आंदोलन की जीत बताया।
  • 1 सितंबर से शुरू होगा गांव में ही नए स्कूल भवन का निर्माण।
  • आशुतोष रांका ने कहा मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी तक लड़ाई जारी रहेगी।
  • कंवरपुरा गांव में दो दिन पहले स्कूल निरीक्षण को लेकर हुआ था विवाद।
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरपुरा) को लेकर मचे बड़े राजनीतिक हंगामे के बीच राजस्थान सरकार ने अहम कदम उठाया। कंवरपुरा के जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत और नए ढांचे के निर्माण के लिए भजनलाल सरकार ने 18 लाख रुपये की राशि मंजूर कर दी। स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 1 सितंबर 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया।

स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए मंजूर हुई इस राशि में से 12 लाख रुपए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से दिए जाएंगे, जबकि बाकी 6 लाख रुपये स्थानीय विधायक कोष से मिलेंगे।

कंवरपुरा में नए स्कूल के लिए 18 लाख मंजूर

गौरतलब है कि महज दो दिन पहले रामपुरा-कंवरपुरा के इसी प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ स्थानीय स्तर पर तीखी झड़प और मारपीट हुई थी। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से गरमाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और नए स्कूल भवन के निर्माण की फाइल को तेजी से आगे बढ़ाया गया।

कंवरपुरा के इस प्राथमिक विद्यालय पर लंबे समय से आरोप लग रहे थे कि यह एक बदहाल ढांचे में और तबेले में संचालित हो रहा। अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इसके कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है।

रामपुरा-कंवरपुरा की नए प्राइमरी स्कूल को बनाने के लिए DMFT फंड से 12 लाख रुपए की मुख्य राशि मंजूर की गई है। इसके अलावा बगरू विधयक कोष से 6 लाख रुपए की अतिरिक्त राशी जारी की गई। 1 सितंबर 2026 से निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है।

CJP ने बताया आंदोलन की जीत

राजस्थान सरकार द्वारा 18 लाख रुपए मंजूर किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इसे अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान की सीधी सफलता बताया है।

अभिजीत दीपके बोले- बधाई राजस्थान टीम

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए लिखा कि CJP की राजस्थान टीम को बधाई मिलनी चाहिए, क्योंकि कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के बाद आखिरकार सरकार ने भैंस के तबेले में चल रहे स्कूल के कायाकल्प पर सहमति दी है। उन्होंने इसे बेहतर स्कूलों के लिए आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति की बड़ी जीत बताया।

हिंसा फैलाने वालों की गिरफ्तारी तक जारी रहेगी लड़ाई: रांका

विवाद के दौरान मारपीट का शिकार हुए CJP नेता आशुतोष रांका ने राजस्थान सरकार के फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही पुलिस प्रशासन की ढिलाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यह जीत जरूर है कि तबेले में चल रहे रामपुरा स्कूल का अब नवनिर्माण होगा, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह काम पहले भी करवा देना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हुई हिंसा और हमले की कोई जरूरत नहीं थी, और जब तक हिंसा फैलाने वाले दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने साफ किया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक राजस्थान के सभी जर्जर सरकारी स्कूल ठीक नहीं हो जाते।

आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ?

रामपुरा-कंवरपुरा (जयपुर) के स्कूल को लेकर विवाद बीते शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को हुआ, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और जयपुर के बगरू क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच गंभीर टकराव हो गया। यह पूरा विवाद 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ था।

विवाद की असली वजह यह थी कि रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर और असुरक्षित घोषित होने के चलते बंद था। इस वजह से लंबे समय से बच्चों की क्लास पास ही बने भैंसों के तबेले में लगाई जा रही थी। इसी व्यवस्था का जायजा लेने CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका करीब 40 कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे थे।

जब CJP की टीम गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें गांव और स्कूल में घुसने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई और पथराव में बदल गई। इस दौरान CJP कार्यकर्ताओं को गांव से खदेड़ दिया गया।

विवाद के बाद अब तक क्या हुआ

सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद जयपुर के शिवदासपुरा थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट और उपद्रव का क्रॉस मामला (Cross FIR) दर्ज कराया है।

इसके अलावा CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया और स्कूल का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे जयपुर आकर जंतर-मंतर जैसा बड़ा आंदोलन करेंगे।

अब सरकार की ओर से भवन निर्माण के लिए राशि मंजूर होने के बाद देखना यह है कि क्या CJP का यह अभियान यहीं थम जाएगा, या फिर गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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FAQ

  1. जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा प्राइमरी स्कूल के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
    राजस्थान सरकार ने जर्जर स्कूल भवन के नवनिर्माण के लिए 18 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें से 12 लाख रुपए DMFT फंड से और 6 लाख रुपए विधायक कोष से आएंगे।
  2. CJP की तरफ से इस फैसले को लेकर क्या कहा गया?
    CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने इसे अपने स्कूल ठीक करो अभियान की बड़ी जीत बताया है। हालांकि रांका ने कहा कि हमलावरों को गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।
  3. सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई थी?
    21 अगस्त 2026 को CJP कार्यकर्ता जर्जर स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उन्हें रोका, जिसके बाद बहस हाथापाई और पथराव में बदल गई। दोनों पक्षों ने बाद में एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस FIR दर्ज कराई थी।


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