ऑक्सीटोसिन बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द, WHO ने मांगी रिपोर्ट
Jageshwar prasad | Jun 27, 2026, 12:42 IST
WHO ने भारत सरकार से इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी
राजस्थान के कोटा प्रसूता मौत कांड में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द। WHO ने भारत सरकार से रिपोर्ट मांगी। केंद्र ने राज्य से विस्तृत जानकारी मांगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द।
- WHO ने भारत सरकार से इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
- CDSCO ने जांच के बाद लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की थी।
- इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन कंपोनेंट नहीं मिला, जांच में फेल पाया गया।
- कोटा में 5 प्रसूताओं की मौत के बाद मामला उजागर हुआ था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी भारत सरकार से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। कंपनी का इंजेक्शन जांच में फेल पाया गया था। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
कोटा में हुई थीं 5 प्रसूताओं की मौत
जांच में सामने आया कि जैक्सन लेबोरेट्रीज अमृतसर (पंजाब) का इंजेक्शन TOCIN (ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन 5ml) का सैंपल फेल मिला। उसमें ऑक्सीटोसिन कम्पोनेंट पर्याप्त मात्रा में नहीं था।
जबकि कोटा में प्रसूताओं को इसी कंपनी के 1 एमएल क्वांटिटी के इंजेक्शन लगाए गए थे।
CDSCO ने किया प्लांट का निरीक्षण
जांच के बाद CDSCO की टीम ने कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सिफारिश मानते हुए कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
WHO ने भारत सरकार से मांगी रिपोर्ट
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन क्यों लगाया जाता है?
यदि इस इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन की मात्रा कम हो तो यह अपना काम नहीं करता और प्रसूता को गंभीर खतरा हो सकता है।
केंद्र ने राज्य से मांगी रिपोर्ट
FAQ
- ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन क्यों जरूरी है और इसमें खामी से क्या होता है?
ऑक्सीटोसिन प्रसव पीड़ा शुरू करने और बच्चे के जन्म के बाद रक्तस्त्राव रोकने के लिए दिया जाता है। यदि इसमें ऑक्सीटोसिन की मात्रा कम हो तो यह काम नहीं करता। इससे प्रसूता में अत्यधिक ब्लीडिंग और सेप्टीसीमिया जैसी जानलेवा स्थिति हो सकती है। - CDSCO क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
CDSCO यानी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन भारत में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करता है। यह दवाओं के लाइसेंस देने और रद्द करने का अधिकार रखता है। - WHO ने भारत से क्या पूछा है?
WHO ने भारत सरकार से जानना चाहा है कि प्रसूताओं की मौत की समस्या केवल एक क्षेत्र में थी या देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी घटनाएं हुईं। साथ ही इन मौतों के सभी संभावित कारणों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
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