‘मां-पापा मुझे माफ करना... ये मेरा आखिरी वीडियो...' एशियन गेम्स टीम से बाहर होने पर भावुक हुईं दिव्यांशी
Raghvendra Singh Rathore | Sept 12, 2026, 17:07 IST
शियन गेम्स से बाहर हुईं कोटा की वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी
कोटा की वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को एशियन गेम्स रवानगी से ठीक पहले टीम से हटा दिया गया। SAI मेडिकल जांच में अनफिट बताए जाने पर उनकी जगह रोशिबीना देवी को शामिल किया गया, जिन्हें दिव्यांशी ने ट्रायल में हराया था।
जाने क्या है पूरा मामला...
इस फैसले के बाद दिव्यांशी का करीब 9 मिनट का भावुक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने चयन प्रक्रिया और अपनी मेडिकल फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बेहद परेशान नजर आ रहीं दिव्यांशी ने अपनी जान को लेकर भी चिंताजनक बातें कहीं और माता-पिता से माफी मांगी।
दूसरी तरफ वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि दिव्यांशी को Sports Authority of India (SAI) की मेडिकल जांच में फिट नहीं पाया गया, इसलिए उन्हें भेजना संभव नहीं था। उनकी जगह महिला 60 किग्रा सांडा वर्ग में दो बार की एशियन गेम्स पदक विजेता नाओरेम रोशिबीना देवी को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
एशियन गेम्स के लिए पहले घोषित भारतीय दल में दिव्यांशी का नाम महिला 60 किग्रा वर्ग में शामिल था। दिव्यांशी करीब तीन महीने तक भारतीय टीम के कैंप में तैयारी करती रहीं। उनका चयन उस स्तर तक आगे बढ़ चुका था कि टीम की किट मिल गई, जापान जाने के टिकट बुक हो गए और वे दिल्ली में आयोजित भारतीय दल के विदाई समारोह में भी शामिल हुईं। टीम की रवानगी से ठीक पहले मेडिकल रिपोर्ट ने पूरा समीकरण बदल दिया।
दिव्यांशी को कैंप के दौरान कंधे में चोट लगी थी। उनका कहना है कि इलाज के बाद डॉक्टर ने उन्हें खेलने की अनुमति दे दी थी और उनकी मेडिकल रिपोर्ट तथा MRI की जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास थी।
दिव्यांशी सवाल उठा रही हैं कि अगर वे खेलने के लिए तैयार थीं तो इतना बड़ा फैसला लेने से पहले उन्हें प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया गया और आखिरी समय में ही उनका नाम क्यों हटाया गया?
वहीं वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया का पक्ष इससे अलग है। एसोसिएशन के CEO सुहेल अहमद के मुताबिक SAI की मेडिकल जांच में दिव्यांशी को अनफिट पाया गया। फेडरेशन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद चोटिल खिलाड़ी को एशियन गेम्स भेजना संभव नहीं था।
जून में हुए चयन ट्रायल में दिव्यांशी ने सेमीफाइनल में रोशिबीना देवी और फाइनल में चंडीगढ़ की मानसी को हराकर पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता था। दिव्यांशी का दावा है कि कंधे की चोट के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें टेपिंग के साथ खेलने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इसी चोट को आधार बनाकर उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
मामला केवल फिटनेस और चयन तक सीमित नहीं है। जिस खिलाड़ी को उन्होंने हराया उसने अपने डीएसपी पद और अर्जुन अवॉर्ड के रसूख का इस्तेमाल कर संघ पर दबाव बनाया हैं। श्रीनगर कैंप में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
दिव्यांशी और उनके पिता ने कैंप में उन्हें जानबूझकर चोट पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया है। वुशु एसोसिएशन ने इस आरोप से इनकार किया है। फेडरेशन का पक्ष है कि वुशु एक कॉम्बैट स्पोर्ट है और मुकाबले तथा ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को चोट लग सकती है।
कोटा की दिव्यांशी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने 2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2026 में भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया।
टीम से बाहर होने के बाद सामने आए वीडियो में दिव्यांशी की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। उन्होंने अपनी जिंदगी को लेकर गंभीर और चिंताजनक बातें कही हैं। वुशु एसोसिएशन के मुताबिक कोचों को दिव्यांशी की देखभाल करने को कहा गया है। उनके पिता भी उनके पास पहुंचने के लिए रवाना हुए हैं।
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- किट मिली, टिकट बुक, फिर भी टीम से बाहर हुईं दिव्यांशी
- कोटा की वुशु खिलाड़ी का वीडियो वायरल, उठे सवाल
- मेडिकल रिपोर्ट में अनफिट, दिव्यांशी बोलीं मैं तैयार थी
- ट्रायल में हराया, अब उसी खिलाड़ी ने ली जगह
- एशियन गेम्स से पहले वुशु में बड़ा विवाद खड़ा
इस फैसले के बाद दिव्यांशी का करीब 9 मिनट का भावुक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने चयन प्रक्रिया और अपनी मेडिकल फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बेहद परेशान नजर आ रहीं दिव्यांशी ने अपनी जान को लेकर भी चिंताजनक बातें कहीं और माता-पिता से माफी मांगी।
दूसरी तरफ वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि दिव्यांशी को Sports Authority of India (SAI) की मेडिकल जांच में फिट नहीं पाया गया, इसलिए उन्हें भेजना संभव नहीं था। उनकी जगह महिला 60 किग्रा सांडा वर्ग में दो बार की एशियन गेम्स पदक विजेता नाओरेम रोशिबीना देवी को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
कोटा की 18 वर्षीय वुशु खिलाड़ी का VIDEO वायरल, SAI मेडिकल में अनफिट बताकर टीम से हटाया, दिव्यांशी बोलीं- डॉक्टर ने खेलने की अनुमति दी थी#rajasthan #jaipur #वुशु pic.twitter.com/lNXXjyCWnH
— Raghavendra Rathore (@raghavendra__) September 12, 2026
पहले टीम में था नाम, आखिरी वक्त कैसे कटा?
कंधे की चोट बनी विवाद की जड़
दिव्यांशी सवाल उठा रही हैं कि अगर वे खेलने के लिए तैयार थीं तो इतना बड़ा फैसला लेने से पहले उन्हें प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया गया और आखिरी समय में ही उनका नाम क्यों हटाया गया?
वहीं वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया का पक्ष इससे अलग है। एसोसिएशन के CEO सुहेल अहमद के मुताबिक SAI की मेडिकल जांच में दिव्यांशी को अनफिट पाया गया। फेडरेशन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद चोटिल खिलाड़ी को एशियन गेम्स भेजना संभव नहीं था।
सेमीफाइनल में रोशिबीना को हराया, अब वही टीम में
दिव्यांशी ने लगाया चोट पहुंचाने का आरोप
दिव्यांशी और उनके पिता ने कैंप में उन्हें जानबूझकर चोट पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया है। वुशु एसोसिएशन ने इस आरोप से इनकार किया है। फेडरेशन का पक्ष है कि वुशु एक कॉम्बैट स्पोर्ट है और मुकाबले तथा ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को चोट लग सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं दिव्यांशी
VIDEO के बाद खिलाड़ी की सुरक्षा सबसे अहम
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