सरकारी अभियानों को मुंह चिढ़ा रहा रेखा का 17वां बच्चा, 55 साल की उम्र में दिया जन्म, अब होगी जांच

Amit Baijnath Garg | Aug 29, 2025, 18:42 IST
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rekha kalbelia
Photograph: (the sootr)

55 साल की रेखा कालबेलिया ने 17वें बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अब इसकी सच्चाई की जांच की जा रही है। अभियानों पर उठे सवाल। राजस्थान स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू की।

राजस्थान के उदयपुर जिले के एक आदिवासी क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर आई, जिसमें एक महिला के 55 साल की उम्र में 17वें बच्चे को जन्म देने का दावा किया गया था। झाड़ोल क्षेत्र के लीलावास गांव की रहने वाली रेखा कालबेलिया ने 17वें बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

पर इस खबर ने न केवल लोगों को हैरान किया, बल्कि जनसंख्या नियंत्रण के सरकारी प्रयासों पर भी सवाल खड़े कर दिए। 55 साल की उम्र में मां बनना न केवल खतरनाक हो सकता है, बल्कि यह जच्चा और बच्चा दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। अब राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और डॉक्टरों द्वारा दिए गए कुछ तर्कों के बाद, मामला और गंभीर हो गया है।

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डॉक्टर का दावा : दी गलत जानकारी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर रोशन दरांगी ने बताया कि रेखा कालबेलिया ने स्वास्थ्य केंद्र को अपनी गर्भावस्था के बारे में गलत जानकारी दी थी। महिला ने दावा किया था कि यह उसकी चौथी गर्भावस्था है, जबकि बाद में पता चला कि वह पहले ही 16 बच्चों को जन्म दे चुकी थी। डॉ. दरांगी ने कहा कि अगर मरीज अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में सही जानकारी नहीं देते, तो ऐसे मामलों में जोखिम बहुत बढ़ जाता है। खासकर जब महिला ने गर्भवती होने के बाद किसी भी प्रकार का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया था।

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स्वास्थ्य विभाग में चिंता और जांच शुरू

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है। स्वास्थ्य विभाग की वरिष्ठ अधिकारी डॉ. मधु रितेश्वर ने कहा कि अगर किसी महिला ने 17वें बच्चे को जन्म दिया है, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। हम इसकी जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि क्या हमारी टीम ने कभी इस परिवार से संपर्क किया था और परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया था। हम यह भी देखेंगे कि क्या इस क्षेत्र में और भी ऐसे परिवार हैं।

आदिवासी बहुल झाड़ोल क्षेत्र है, जहां पहले से ही महिलाओं के ज्यादा बच्चे होने की दर अधिक है और इसे नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद यह काम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
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रेखा कालबेलिया का परिवार

रेखा कालबेलिया के परिवार में नए सदस्य के आने पर खुशी का माहौल था और अस्पताल में पूरे परिवार ने उनका स्वागत किया। रेखा के 17 बच्चों में से 7 लड़के और 4 लड़कियां जीवित हैं, जबकि 5 बच्चों की जन्म के बाद मौत हो चुकी है। उनके बच्चों की शादियां हो चुकी हैं और उनके पास भी 2 से 3 बच्चे हैं। रेखा की बेटी शीला कालबेलिया ने बताया कि उनके परिवार में हमेशा से ही बच्चों की संख्या अधिक रही है और वे इस नए सदस्य के आने से बेहद खुश हैं। रेखा के पति कवरा कालबेलिया ने इसे भगवान की मर्जी मानते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया।

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स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और सरकारी प्रयास

इस घटना ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 55 साल की उम्र में एक महिला द्वारा इतने बच्चों का जन्म एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। इसे देखते हुए राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इसने यह भी साफ कर दिया है कि परिवार नियोजन के प्रयासों को लेकर और अधिक जागरुकता की आवश्यकता है, खासकर ऐसे आदिवासी इलाकों में जहां जनसंख्या वृद्धि दर अधिक है।

FAQ

  1. Q1: रेखा कालबेलिया ने कितने बच्चों को जन्म दिया है?
    रेखा कालबेलिया ने 55 साल की उम्र में 17 बच्चों को जन्म दिया है, जिनमें से 7 लड़के और 4 लड़कियां जीवित हैं।
  2. Q2: रेखा कालबेलिया ने स्वास्थ्य केंद्र को कौन सी जानकारी दी थी?
    रेखा कालबेलिया ने स्वास्थ्य केंद्र को बताया था कि यह उसकी चौथी गर्भावस्था है, लेकिन बाद में यह खुलासा हुआ कि वह पहले ही 16 बच्चों को जन्म दे चुकी थी।
  3. Q3: इस मामले की जांच क्यों हो रही है?
    यह मामला इसलिए जांच में है क्योंकि 55 साल की उम्र में इतने बच्चों का जन्म एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। इसके अलावा, महिला ने अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में गलत जानकारी दी थी, जिससे सरकारी प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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