डांगावास हत्याकांड में 40 आरोपी बरी, 11 साल बाद परिवार बोला- फिर हत्यारे कौन थे?
Saurabh Mishra | Aug 06, 2026, 15:44 IST
नागौर के डांगावास हत्याकांड में आरोपियों के बरी होने के बाद सियासत तेज हो गई है।
नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद फैसला आया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। पीड़ित परिवार हाईकोर्ट जाएगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- नागौर के डांगावास में 14 मई 2015 को जमीन विवाद में 6 लोगों की हत्या हुई थी।
- CBI जांच के बाद 40 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
- 11 साल बाद कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी को बरी कर दिया।
- पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया कि फिर हत्या किसने की।
- परिवार अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा।
कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा
कोर्ट ने कहा कि बरी होने का मतलब यह नहीं कि अपराध हुआ ही नहीं। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि दोषी व्यक्ति साक्ष्यों से साबित नहीं हो सके।
पीड़ितों को मुआवजे के आदेश
बचाव पक्ष के वकील का क्या तर्क
परिवार अब करेगा हाई कोर्ट का रुख
डांगावास हत्याकांड में 40 आरोपियों को बरी करने के बाद पीड़ित पक्ष ने हाई कोर्ट का रुख करने की बात कही है।
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नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत 6 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 6, 2026
क्या था ये पूरा विवाद
जांच से लेकर फैसले तक का सफर
FAQ
- नागौर का डांगावास हत्याकांड कब हुआ था?
यह घटना 14 मई 2015 को हुई थी। जमीन विवाद के चलते 6 लोगों की हत्या हुई थी। - मेड़ता की एससी-एसटी कोर्ट ने कितने आरोपियों को बरी किया?
कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। यह फैसला 11 साल बाद आया है। - पीड़ित परिवार अब क्या करेगा?
पीड़ित परिवार इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा। परिवार ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला।
डांगावास दलित हत्याकांड में आया फैसला, कोर्ट ने सभी 40 आरोपी किए बरी
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