SDM थप्पड़ कांड में नरेश मीणा 48 दिन बाद जेल से निकले, बोले- आंदोलनों से दूर रहूंगा

Saurabh Mishra | Sept 23, 2026, 18:45 IST
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नरेश मीणा
नरेश मीणा

SDM थप्पड़ कांड में नरेश मीणा जमानत पर टोंक जेल से बाहर आए। उन्होंने झालावाड़ स्कूल हादसे के आंदोलन पर कहा कि तब खुद को रोक नहीं सके थे। हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा को फिर जमानत मिली।
  • करीब 48 दिन बाद नरेश टोंक जेल से बाहर आए।
  • झालावाड़ आंदोलन पर बोले- खुद को रोक नहीं पाया था।
  • हाईकोर्ट ने हर महीने थाने में हाजिरी की शर्त लगाई।
  • नरेश ने आगे कानून नहीं टूटने देने की बात कही।
टोंक। राजस्थान के चर्चित एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा एक बार फिर जेल से बाहर आ गए। राजस्थान हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद बुधवार को उन्हें टोंक जेल से रिहा किया गया। करीब 48 दिन बाद जेल से बाहर आए नरेश का समर्थकों ने स्वागत किया। महिलाओं ने आरती उतारी और तिलक लगाया।

रिहाई के बाद नरेश मीणा ने कहा कि उनका न्यायपालिका पर भरोसा है। उन्होंने झालावाड़ स्कूल हादसा को लेकर किए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों की मौत के बाद वे खुद को रोक नहीं सके थे।

नरेश बोले- स्कूल हादसे के बाद खुद को नहीं रोक सका

जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने अपनी जमानत रद्द होने के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले जमानत मिलने के बाद उन्होंने उसकी शर्तों का पालन किया था। कई धरने और आंदोलनों से भी दूरी बनाई थी।

नरेश के मुताबिक, झालावाड़ में स्कूल हादसे में बच्चों की मौत के बाद वे खुद को रोक नहीं सके थे। इसके बाद उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया था। इसी दौरान दर्ज मामले को आधार बनाकर उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। नरेश ने कहा कि वे आगे ऐसे आंदोलनों से दूर रहेंगे, जहां कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने जेल के दौरान साथ खड़े रहे समर्थकों का भी आभार जताया।

हाईकोर्ट ने रमेश मीणा को सशर्त जमानत दी है

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी। जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने उन्हें हर महीने के पहले हफ्ते में संबंधित पुलिस थाने में हाजिरी देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि जमानत के दौरान वे किसी दूसरे अपराध में शामिल नहीं होंगे। इसके साथ ही रिहाई के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी छवि का महिमामंडन नहीं करने की शर्त भी लगाई गई है।

इससे पहले टोंक की स्पेशल SC-ST कोर्ट ने जुलाई में उनकी जमानत रद्द कर दी थी। अभियोजन की ओर से जमानत की शर्तों के उल्लंघन की बात कही गई थी। इसके बाद नरेश मीणा ने 6 अगस्त को सरेंडर किया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

क्या है SDM थप्पड़ कांड?

मामला नवंबर 2024 के देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है। 13 नवंबर को समरावता गांव में वोटिंग के दौरान विवाद हो गया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा पर तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया था। इसके बाद समरावता और आसपास के इलाके में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई थीं। पुलिस ने नरेश को गिरफ्तार किया था।

बाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन झालावाड़ में आंदोलन के बाद दर्ज मामलों को लेकर जमानत की शर्तों के उल्लंघन का मुद्दा उठा। इसके बाद स्पेशल कोर्ट ने बेल रद्द कर दी और नरेश को दोबारा जेल जाना पड़ा। अब हाईकोर्ट से फिर जमानत मिलने के बाद वे बाहर आ गए हैं।

रिहाई के बाद समर्थकों से की अपील

जेल से बाहर आने के बाद नरेश ने समर्थकों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति की पहचान आंदोलनों से जुड़ी रही है, लेकिन आगे इस बात का ध्यान रखेंगे कि किसी आंदोलन में कानून न टूटे।

FAQ

  1. नरेश मीणा को जमानत क्यों मिली?
    राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी है। इसके तहत उन्हें हर महीने पुलिस थाने में हाजिरी देनी होगी और किसी नए अपराध में शामिल नहीं होना होगा।
  2. नरेश मीणा की पहले जमानत क्यों रद्द हुई थी?
    झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद किए गए आंदोलन में दर्ज मामले को आधार बनाकर जुलाई में टोंक की स्पेशल कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी।
  3. राजस्थान का SDM थप्पड़ कांड क्या है?
    नवंबर 2024 में देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान नरेश मीणा पर तत्कालीन SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।


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